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Hardoi News: काउंटर लगाकर होती टिकट बुकिंग, 20 लाख से अधिक का सरकार को पहुंचा रहे नुकसान

Thu, 30 Oct 2025 10:41 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 30 Oct 2025 10:41 PM IST
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Ticket booking is done through counters, causing a loss of more than Rs 20 lakh to the government.
हरपालपुर। टूरिस्ट परमिट पर हादसों की स्लीपर बसों के संचालन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। शहर से लेकर कस्बों तक स्लीपर बसें सवारियां और माल ढुलाई कर रही हैं। स्लीपर बसों के संचालन का आलम तो यह है कि हरपालपुर कस्बे में बाकायदा बुकिंग कार्यालय और टिकट काउंटर भी बनाया गया है। लोगों की जानकारी के लिए होर्डिंग्स भी लगवाई गई हैं। स्लीपर बसों के संचालन से प्रतिमाह सरकार को औसतन 20 लाख से अधिक के राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
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लखनऊ के काकोरी में स्लीपर बस में आग की घटना से संचालकों और न ही जिम्मेदारों ने सबक लिया। कस्बा हरपालपुर से प्रतिदिन औसतन सात स्लीपर बसों का संचालन होता है। कस्बा से होकर गुजरने वाली स्लीपर बसें मल्लावां, माधौगंज, बिलग्राम और सांडी से होते हुए आती और जाती हैं। वहीं, कस्बा हरपालपुर से तीन बसों का संचालन वाया सवायजपुर, रूपापुर, हुल्लापुर होते हुए दिल्ली, राजस्थान, चंडीगढ़ और पानीपत, सोनीपत, समालखा तक हो रहा है। जानकारों के मुताबिक, स्लीपर बस मालिक और संचालकों का हरपालपुर से लेकर दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान की पुलिस व परिवहन विभाग से समन्वय ठीक-ठाक रहता है। बस के फेर के हिसाब से काम होता है।
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जिले के साथ प्रदेश और तीन राज्यों में फैले हादसों की स्लीपर के संचालन पर रोक नहीं लग पा रही है। हरपालपुर से लेकर चार राज्यों तक रात में पुलिस पिकेट से होकर गुजरने वाली उन स्लीपर बसों से परिवहन विभाग को करीब 20 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान प्रतिमाह पहुंचाया जा रहा है।
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दिल्ली, हरियाणा से टैक्स चोरी कर लाया जाता है माल

टूरिस्ट परमिट पर संचालित स्लीपर बसों से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान से टैक्स चोरी कर माल की ढुलाई की जाती है। इसमें कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों के माल टैक्स चोरी कर लाए जाते हैं। यह माल स्लीपर बस की डिग्गी और चेसिस में बनवाई गई डिग्गी में रखवाया जाता है। सवारियों के सामान को बस की छत और गैलरी में रखवाया जाता है।
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