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Hardoi News: गैर इरादतन हत्या में तीन को आजीवन कारावास की सजा
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ज्यादा शराब पीने से इन्कार करने पर युवक की पिटाई से हुई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। अनुसूचित जाति के शख्स की गैर इरादतन हत्या के दो साल पुराने मामले में तीन अभियुक्तों को दोषी करार दिया गया है। विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति उत्पीड़न कोर्ट संख्या-2) सुनील सिंह ने तीनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आठ हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। जुर्माना न देने पर आठ माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
तत्कालीन कोतवाली लोनार(वर्तमान सवायजपुर)क्षेत्र के बड़ौरा गांव निवासी रामबचन उर्फ चौधरी ने 28 अगस्त 2023 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 28 अगस्त को उसके पिता श्रीपाल खेत में मूंगफली की फसल की रखवाली कर रहे थे। गांव निवासी भन्नू सिंह, केपी सिंह, वेदराम खेत पर पहुंच गए थे।
तीनों दोषी श्रीपला को घसीटकर अपने घर ले गए थे। तीनों ने श्रीपाल को शराब पिलाई। ज्यादा शराब पीने से श्रीपाल ने इन्कार किया तो आरोपियों ने लाठी-डंडे से पिटाई कर दी। पिटाई से श्रीपाल की मौत हो गई थी। पुलिस ने अनुसूचित जाति उत्पीड़न व हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।
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विवेचना के बाद हत्या की धारा को गैर इरादतन हत्या में तरमीम कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। दोनों पक्षों की तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर तीनों को सजा सुनाई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। अनुसूचित जाति के शख्स की गैर इरादतन हत्या के दो साल पुराने मामले में तीन अभियुक्तों को दोषी करार दिया गया है। विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति उत्पीड़न कोर्ट संख्या-2) सुनील सिंह ने तीनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आठ हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। जुर्माना न देने पर आठ माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
तत्कालीन कोतवाली लोनार(वर्तमान सवायजपुर)क्षेत्र के बड़ौरा गांव निवासी रामबचन उर्फ चौधरी ने 28 अगस्त 2023 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 28 अगस्त को उसके पिता श्रीपाल खेत में मूंगफली की फसल की रखवाली कर रहे थे। गांव निवासी भन्नू सिंह, केपी सिंह, वेदराम खेत पर पहुंच गए थे।
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तीनों दोषी श्रीपला को घसीटकर अपने घर ले गए थे। तीनों ने श्रीपाल को शराब पिलाई। ज्यादा शराब पीने से श्रीपाल ने इन्कार किया तो आरोपियों ने लाठी-डंडे से पिटाई कर दी। पिटाई से श्रीपाल की मौत हो गई थी। पुलिस ने अनुसूचित जाति उत्पीड़न व हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।
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विवेचना के बाद हत्या की धारा को गैर इरादतन हत्या में तरमीम कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। दोनों पक्षों की तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर तीनों को सजा सुनाई है।