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Hardoi News: शाहाबाद कोतवाल समेत तीन कर्मी छह अक्तूबर को अदालत में तलब
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हरदोई। शाहाबाद में अनुसूचित जाति के व्यक्ति के साथ मारपीट और जातिसूचक गाली-गलौज के मामले में अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया है। अंतरिम जमानत मिलने के बाद भी अभियुक्त को करीब 21 घंटे हवालात में रखने के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने शाहाबाद कोतवाल सहित तीन पुलिसकर्मियों ने अदालत में छह अक्तूबर को तलब किया है। साथ ही पीड़ित को मुआवजा देने के लिए तीनों के वेतन से कटौती किए जाने की भी बात कही।
शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के हुसैनापुर निवासी राघवेंद्र ने सात सितंबर 2019 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि आठ अगस्त की शाम बब्बू उर्फ बबलू नशे में गाली-गलौज कर रहा था। विरोध पर जातिसूचक गालियां और धमकी दी थी। अगली सुबह राघवेंद्र शौच के लिए जा रहा था। रास्ते में आरोपी ने मारपीट की थी। बचाने आई पत्नी को भी पीटा था।
विवेचना क्षेत्राधिकारी शाहाबाद ने की। न्यायिक कार्यवाही में अभियुक्त को अदालत से 8 से 15 सितंबर तक की अंतरिम जमानत मिली थी। जमानत के बावजूद 14 सितंबर को ही शाहाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। करीब 21 घंटे तक हवालात में रखा। इस पर अभियुक्त के वकील ने अदालत में पुलिस कार्यवाही पर सवाल उठाए। इसे अदालत ने कोर्ट की अवमानना माना। इस पर शाहाबाद कोतवाल अरविंद कुमार राय, दरोगा इकलाख हैदर, मुंशी महताब आलम से जवाब तलब किया गया है। तीनों को छह अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के आदेश दिए हैं।
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शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के हुसैनापुर निवासी राघवेंद्र ने सात सितंबर 2019 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि आठ अगस्त की शाम बब्बू उर्फ बबलू नशे में गाली-गलौज कर रहा था। विरोध पर जातिसूचक गालियां और धमकी दी थी। अगली सुबह राघवेंद्र शौच के लिए जा रहा था। रास्ते में आरोपी ने मारपीट की थी। बचाने आई पत्नी को भी पीटा था।
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विवेचना क्षेत्राधिकारी शाहाबाद ने की। न्यायिक कार्यवाही में अभियुक्त को अदालत से 8 से 15 सितंबर तक की अंतरिम जमानत मिली थी। जमानत के बावजूद 14 सितंबर को ही शाहाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। करीब 21 घंटे तक हवालात में रखा। इस पर अभियुक्त के वकील ने अदालत में पुलिस कार्यवाही पर सवाल उठाए। इसे अदालत ने कोर्ट की अवमानना माना। इस पर शाहाबाद कोतवाल अरविंद कुमार राय, दरोगा इकलाख हैदर, मुंशी महताब आलम से जवाब तलब किया गया है। तीनों को छह अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के आदेश दिए हैं।
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