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Hardoi News: त्योहारी सीजन में इस बार 20 फीसदी घटा मेवे का कारोबार
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हरदोई। त्योहारी सीजन पर इस बार जिले में मेवे का कारोबार 20 प्रतिशत तक कम हुआ।
रक्षाबंधन और जन्माष्टमी को लेकर दुकानदारों ने बेहतर बिक्री की उम्मीद लगाई थी लेकिन सूखे मेवे महंगा होने से दुकानों पर खरीदार कम नजर आए। सूखे मेवे में पिछले वर्ष की तुलना में 30 से 50 प्रतिशत दाम में बढ़ोतरी हुई। इसका असर त्योहारी सीजन की बिक्री पर पड़ा।
पकवान ही त्योहार की शान होते हैं लेकिन बढ़ती महंगाई ने अब त्योहारों पर भी लोगों को खर्चा करने के लिए सोचने पर मजबूर कर दिया है। सूखे मेवे का प्रयोग धार्मिक अनुष्ठानों से लेकर खाने में भी होता है। इसलिए त्योहार पर दुकानदार भी फायदा कमाने के लिए पहले से स्टॉक कर लेते हैं। इस बार भी दुकानदारों ने त्योहरी सीजन पर बेहतर बिक्री के लिए सूखे मेवा को भंडार में सजा लिया लेकिन मेवा की कीमतों में आए उछाल ने दुकानदार से लेकर ग्राहक तक सभी को खरीद से पहले सोचने पर मजबूर कर दिया।
पिछले वर्ष की तुलना में सूखा मेवा 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ गया। इस कारण रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर करीब 20 प्रतिशत कम बिक्री हुई। सबसे अधिक महंगाई काजू, किशमिश और चिरौंजी में देखने को मिली। भोग लगाने के लिए लोगाें ने खरीदारी तो की लेकिन पकवान की थाली में मेवों की मात्रा कम हो गई। हालांकि मखाना की कीमतों ने लोगों को राहत दी।
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त्योहार पर बढ़े मेवे के दाम
-विक्रेता पवन सक्सेना ने बताया कि मेवों की मांग को देखते हुए थोक बाजार में ही मेवों के दाम बढ़े हुए हैं। इस कारण दामों में तेजी देखने को मिली है। कीमत अधिक होने से लोगों ने खरीदारी कम की है।
-विक्रेता प्रभाकर गुप्ता ने बताया कि त्योहार के पहले मांग बढ़ती है। इस कारण कीमतों में उछाल आया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार सूखे मेवे के दाम बढ़ने से लोगाें ने अपेक्षाकृत कम खरीदारी की है।
सूखे मेवे में बढ़ते दामों का अंतर (रुपये प्रति किलोग्राम)
मेवा वर्ष 2024 वर्ष 2025
चिरौंजी 3500 4000
अखरोट 1100 1300
मखाना 1800 1400
काजू 700 1000
बादाम 700 900
गरी 220 400
किशमिश 400 600
इलायची 8000 4000
गरी लच्छा 300 600
छुहारा 700 400
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रक्षाबंधन और जन्माष्टमी को लेकर दुकानदारों ने बेहतर बिक्री की उम्मीद लगाई थी लेकिन सूखे मेवे महंगा होने से दुकानों पर खरीदार कम नजर आए। सूखे मेवे में पिछले वर्ष की तुलना में 30 से 50 प्रतिशत दाम में बढ़ोतरी हुई। इसका असर त्योहारी सीजन की बिक्री पर पड़ा।
पकवान ही त्योहार की शान होते हैं लेकिन बढ़ती महंगाई ने अब त्योहारों पर भी लोगों को खर्चा करने के लिए सोचने पर मजबूर कर दिया है। सूखे मेवे का प्रयोग धार्मिक अनुष्ठानों से लेकर खाने में भी होता है। इसलिए त्योहार पर दुकानदार भी फायदा कमाने के लिए पहले से स्टॉक कर लेते हैं। इस बार भी दुकानदारों ने त्योहरी सीजन पर बेहतर बिक्री के लिए सूखे मेवा को भंडार में सजा लिया लेकिन मेवा की कीमतों में आए उछाल ने दुकानदार से लेकर ग्राहक तक सभी को खरीद से पहले सोचने पर मजबूर कर दिया।
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पिछले वर्ष की तुलना में सूखा मेवा 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ गया। इस कारण रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर करीब 20 प्रतिशत कम बिक्री हुई। सबसे अधिक महंगाई काजू, किशमिश और चिरौंजी में देखने को मिली। भोग लगाने के लिए लोगाें ने खरीदारी तो की लेकिन पकवान की थाली में मेवों की मात्रा कम हो गई। हालांकि मखाना की कीमतों ने लोगों को राहत दी।
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त्योहार पर बढ़े मेवे के दाम
-विक्रेता पवन सक्सेना ने बताया कि मेवों की मांग को देखते हुए थोक बाजार में ही मेवों के दाम बढ़े हुए हैं। इस कारण दामों में तेजी देखने को मिली है। कीमत अधिक होने से लोगों ने खरीदारी कम की है।
-विक्रेता प्रभाकर गुप्ता ने बताया कि त्योहार के पहले मांग बढ़ती है। इस कारण कीमतों में उछाल आया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार सूखे मेवे के दाम बढ़ने से लोगाें ने अपेक्षाकृत कम खरीदारी की है।
सूखे मेवे में बढ़ते दामों का अंतर (रुपये प्रति किलोग्राम)
मेवा वर्ष 2024 वर्ष 2025
चिरौंजी 3500 4000
अखरोट 1100 1300
मखाना 1800 1400
काजू 700 1000
बादाम 700 900
गरी 220 400
किशमिश 400 600
इलायची 8000 4000
गरी लच्छा 300 600
छुहारा 700 400