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Hardoi News: नहीं लगानी हाेगी मेडिकल काॅलेज की दौड़, अस्पताल में लग गई बेरा टेस्ट मशीन
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हरदोई। जनपद वासियों के लिए राहत भरी खबर है। जिलाधिकारी के प्रयासों और सांसद के सहयोग से सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में बेरा मशीन की स्थापना हो गई है। बेरा मशीन लग जाने के कारण अब श्रवण बाधितों को टेस्ट के लिए लखनऊ मेडिकल कालेज की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। खास बात यह है कि श्रवण बाधित निशक्तों को अब सहायक उपकरण भी जल्द मिल सकेंगे।
अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले 24 दिसंबर 2023 काे दिव्यांग मेले का आयोजन राजकीय इंटर कालेज के मैदान में किया गया था। इस आयोजन के दौरान डीएम एमपी सिंह ने बढ़चढ़कर निशक्तों की मदद के लिए कार्य किया था। इसी दौरान पता चला था कि श्रवण शक्ति (सुनने की क्षमता) की जांच के लिए जनपद में बेरा मशीन ही नहीं है। इसके कारण जिन लोगों की सुनने की क्षमता कम है या बिल्कुल नहीं है, का परीक्षण नहीं हो पाता। इसी के चलते इन्हें सहायक उपकरण मिलने में भी देरी होती है।
संवेदनशीलता दिखाते हुए डीएम एमपी सिंह ने सांसद जय प्रकाश से बात की। सांसद ने भी निशक्तजनों की मदद के लिए विकास निधि से बेरा मशीन स्थापित करने के लिए 16,66,399 रुपये जारी कर दिए। इसके सापेक्ष 75 फीसदी बजट यानी 12,49,799 रुपये भी कार्यदायी संस्था नामित किए गए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को स्थानांतरित कर दी गई थी। अब राहत भरी खबर यह है कि देर से ही सही लेकिन बेरा टेस्ट के लिए आवश्यक मशीन और संसाधन सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में लगवा उपलब्ध करा दिए गए हैं। अब हर सोमवार को होने वाले निशक्त परीक्षण शिविर में श्रवण बाधितों का बेरा टेस्ट भी हो सकेगा।
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श्रवण बाधित दिव्यांगों का परीक्षण करने के लिए कुछ विशेष उपकरणों की जरूरत होती है। आम बोलचाल की भाषा में इसे बेरा टेस्ट कहते हैं और इसमें उपयोग की जाने वाली मशीन को बेरा मशीन कहा जाता है। इस मशीन से पता चल सकता है कि किसी व्यक्ति तक आवाज की तरंंगे किस स्तर तक पहुंच रही हैं। इस रिपोर्ट के बिना श्रवण बाधित लोगों को सहायक उपकरण नहीं मिल पाते।
जनपद में बेरा टेस्ट की सुविधा शुरू हो गई है। अभी तक इसके लिए संबंधित लोगों को लखनऊ मेडिकल कालेज जाना पड़ता था। अब सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में ही बेरा टेस्ट हो सकेगा। -एमपी सिंह, डीएम
डीएम ने बेरा टेस्ट की सुविधा न होने की जानकारी दी थी। मैंने निधि से तत्काल ही बजट उपलब्ध करा दिया था। निविदा आदि की प्रक्रिया में थोड़ा समय लग गया। जनता के हितों के लिए सदैव काम करता रहूंगा। -जय प्रकाश, सांसद
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अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले 24 दिसंबर 2023 काे दिव्यांग मेले का आयोजन राजकीय इंटर कालेज के मैदान में किया गया था। इस आयोजन के दौरान डीएम एमपी सिंह ने बढ़चढ़कर निशक्तों की मदद के लिए कार्य किया था। इसी दौरान पता चला था कि श्रवण शक्ति (सुनने की क्षमता) की जांच के लिए जनपद में बेरा मशीन ही नहीं है। इसके कारण जिन लोगों की सुनने की क्षमता कम है या बिल्कुल नहीं है, का परीक्षण नहीं हो पाता। इसी के चलते इन्हें सहायक उपकरण मिलने में भी देरी होती है।
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संवेदनशीलता दिखाते हुए डीएम एमपी सिंह ने सांसद जय प्रकाश से बात की। सांसद ने भी निशक्तजनों की मदद के लिए विकास निधि से बेरा मशीन स्थापित करने के लिए 16,66,399 रुपये जारी कर दिए। इसके सापेक्ष 75 फीसदी बजट यानी 12,49,799 रुपये भी कार्यदायी संस्था नामित किए गए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को स्थानांतरित कर दी गई थी। अब राहत भरी खबर यह है कि देर से ही सही लेकिन बेरा टेस्ट के लिए आवश्यक मशीन और संसाधन सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में लगवा उपलब्ध करा दिए गए हैं। अब हर सोमवार को होने वाले निशक्त परीक्षण शिविर में श्रवण बाधितों का बेरा टेस्ट भी हो सकेगा।
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श्रवण बाधित दिव्यांगों का परीक्षण करने के लिए कुछ विशेष उपकरणों की जरूरत होती है। आम बोलचाल की भाषा में इसे बेरा टेस्ट कहते हैं और इसमें उपयोग की जाने वाली मशीन को बेरा मशीन कहा जाता है। इस मशीन से पता चल सकता है कि किसी व्यक्ति तक आवाज की तरंंगे किस स्तर तक पहुंच रही हैं। इस रिपोर्ट के बिना श्रवण बाधित लोगों को सहायक उपकरण नहीं मिल पाते।
जनपद में बेरा टेस्ट की सुविधा शुरू हो गई है। अभी तक इसके लिए संबंधित लोगों को लखनऊ मेडिकल कालेज जाना पड़ता था। अब सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में ही बेरा टेस्ट हो सकेगा। -एमपी सिंह, डीएम
डीएम ने बेरा टेस्ट की सुविधा न होने की जानकारी दी थी। मैंने निधि से तत्काल ही बजट उपलब्ध करा दिया था। निविदा आदि की प्रक्रिया में थोड़ा समय लग गया। जनता के हितों के लिए सदैव काम करता रहूंगा। -जय प्रकाश, सांसद