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...तो पूरे प्रदेश में पुलिस का चाय फार्मूला होगा लागू
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हरदोई। पिहानी से शुरू हुआ पुलिस का चाय फार्मूला पूरे प्रदेश में लागू किया जा सकता है। शासन में तैनात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने चाय फार्मूले को लेकर पुलिस अधीक्षक से पूरी जानकारी मांगी है। जनपद स्तर पर चाय फार्मूला पहले ही पुलिस अधीक्षक लागू करवा चुके हैं।
लगभग एक माह पहले पिहानी के कोतवाल सूर्यप्रकाश शुक्ला ने पिकेट ड्यूटी करने वाले पुलिस कर्मियों को रात दो बजे चाय पहुंचाने की व्यवस्था बनाई थी। इसके तहत कोतवाल के वाहन से रात दो बजे चाय का थर्मस और बिस्किट पिकेट ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को दे दिया जाता है। इसका असर यह हुआ कि पुलिसकर्मी रात में और अधिक सजगता से ड्यूटी करने लगे। पिहानी पुलिस के इस अभियान में स्थानीय व्यापारियों ने भी सहयोग किया। पिहानी से शुरू हुई चाय फार्मूले को एसपी आलोक प्रियदर्शी ने सराहनीय बताते हुए पूरे जिले में लागू कर दिया। मौजूदा समय में जनपद के सभी 24 थाना क्षेत्रों में पिकेट ड्यूटी करने वाले पुलिस कर्मियों को रात में एक बजे से दो बजे के बीच चाय और बिस्किट पहुुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। इससे जुड़ी खास बात यह है कि पिहानी से शुरू हुआ चाय फार्मूला लखनऊ में बैठे पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुंच गया। विभाग के एक महत्वपूर्ण वरिष्ठ अधिकारी ने एसपी आलोक प्रियदर्शी से फोन पर चाय फार्मूला के बारे में पूरी जानकारी ली है। एसपी आलोक प्रियदर्शी स्पष्ट तौर पर कुछ कहने से बचते हैं, लेकिन यह कहने से भी नहीं चूकते कि इसे पूरे प्रदेश में भी लागू किया जा सकता है। हालांकि इसका फैसला विभाग के आला अधिकारी ही करेंगे।
एसपी बोले एक पंथ से कई काज
एसपी आलोक प्रियदर्शी कहते हैं कि चाय फार्मूले से एक पंथ से कई काज होंगे। आमतौर पर एक से दो बजे के बीच सुस्ती आने लगती है। जब पुलिस कर्मियों को ड्यूटी स्थल पर ही चाय मिलेगी तो कर्मचारी भी ताजगी महसूस करेंगे। इससे इतर चाय के बहाने पिकेट ड्यूटी प्वाइंट्स का निरीक्षण भी हो जाता है।
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तो कुम्हारकला को मिलेगा बढ़ावा, बंदियों को रोजगार
एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि उन्होंने जेल अधीक्षक ब्रजेंद्र कुमार से बातचीत की है। जिला कारागार के बंदियों और कैदियों में कई ऐसे हैं जो कुम्हार कला जानते हैं और कुल्लहड़ बनाने का काम भी कर सकते हैं। ऐसे में प्रयास है कि कुम्हार कला को बढ़ावा दिया जाए और रात में जो चाय बांटी जाती है उसे कुल्लहड़ में दिया जाए। कुल्लहड़ की आपूर्ति जेल में बनने वाले कुल्लहड़ों से करने की योजना पर चर्चा हो गई है। इससे बंदियों को भी रोजगार मिलेगा।
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लगभग एक माह पहले पिहानी के कोतवाल सूर्यप्रकाश शुक्ला ने पिकेट ड्यूटी करने वाले पुलिस कर्मियों को रात दो बजे चाय पहुंचाने की व्यवस्था बनाई थी। इसके तहत कोतवाल के वाहन से रात दो बजे चाय का थर्मस और बिस्किट पिकेट ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को दे दिया जाता है। इसका असर यह हुआ कि पुलिसकर्मी रात में और अधिक सजगता से ड्यूटी करने लगे। पिहानी पुलिस के इस अभियान में स्थानीय व्यापारियों ने भी सहयोग किया। पिहानी से शुरू हुई चाय फार्मूले को एसपी आलोक प्रियदर्शी ने सराहनीय बताते हुए पूरे जिले में लागू कर दिया। मौजूदा समय में जनपद के सभी 24 थाना क्षेत्रों में पिकेट ड्यूटी करने वाले पुलिस कर्मियों को रात में एक बजे से दो बजे के बीच चाय और बिस्किट पहुुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। इससे जुड़ी खास बात यह है कि पिहानी से शुरू हुआ चाय फार्मूला लखनऊ में बैठे पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुंच गया। विभाग के एक महत्वपूर्ण वरिष्ठ अधिकारी ने एसपी आलोक प्रियदर्शी से फोन पर चाय फार्मूला के बारे में पूरी जानकारी ली है। एसपी आलोक प्रियदर्शी स्पष्ट तौर पर कुछ कहने से बचते हैं, लेकिन यह कहने से भी नहीं चूकते कि इसे पूरे प्रदेश में भी लागू किया जा सकता है। हालांकि इसका फैसला विभाग के आला अधिकारी ही करेंगे।
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एसपी बोले एक पंथ से कई काज
एसपी आलोक प्रियदर्शी कहते हैं कि चाय फार्मूले से एक पंथ से कई काज होंगे। आमतौर पर एक से दो बजे के बीच सुस्ती आने लगती है। जब पुलिस कर्मियों को ड्यूटी स्थल पर ही चाय मिलेगी तो कर्मचारी भी ताजगी महसूस करेंगे। इससे इतर चाय के बहाने पिकेट ड्यूटी प्वाइंट्स का निरीक्षण भी हो जाता है।
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तो कुम्हारकला को मिलेगा बढ़ावा, बंदियों को रोजगार
एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि उन्होंने जेल अधीक्षक ब्रजेंद्र कुमार से बातचीत की है। जिला कारागार के बंदियों और कैदियों में कई ऐसे हैं जो कुम्हार कला जानते हैं और कुल्लहड़ बनाने का काम भी कर सकते हैं। ऐसे में प्रयास है कि कुम्हार कला को बढ़ावा दिया जाए और रात में जो चाय बांटी जाती है उसे कुल्लहड़ में दिया जाए। कुल्लहड़ की आपूर्ति जेल में बनने वाले कुल्लहड़ों से करने की योजना पर चर्चा हो गई है। इससे बंदियों को भी रोजगार मिलेगा।