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फिर बारिश ने किसानों को रुलाया
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Mon, 30 Mar 2015 11:56 PM IST
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बेमौसम बारिश और आंधी ने किसानों को फिर रुला दिया। खेतों में बची तैयार फसल भी पानी में भीग गई। जिसका उत्पादन पर असर पड़ने के आसार प्रबल हो गए। इसको लेकर किसान खासे चिंतित है। इधर, नवीन गल्ला मंडी में खुले में रखे सैकड़ों क्विंटल अनाज के बोरे पानी में भीग गए।
पिहानी के किसान भारत प्रसाद, अनिल त्रिपाठी, राकेश, जगदीशन, मोहम्मद शकील, प्रतिपाल आदि ने बताया कि गेहूं की फसल तैयार होने के करीब कई बार हुई बारिश और तूफानी हवाओं ने उनकी बर्बादी की कहानी पहले ही लिख डाली थी। अब रविवार को फिर से मौसम के कहर ने उनकी कमर तोड़ के रख दी है।
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खेतों में सरसों और गेहूं की फसल बुरी तरह से बर्बाद हो गई है। किसानों का कहना था कि पूर्व की बेमौसम बारिश से तबाही के बाद बची बचाई फसल से ही वह भविष्य का तानाबाना बुन रहे थे, लेकिन रविवार की रात उनकी इन उम्मीदोें पर भी पानी फिर गया है। गेहूं पूरी तरह से खेतों में गिर गया है, जिससे तैयार फसल की भारी बर्बादी हुई है।
किसानों ने कहा है कि फसल बर्बादी के लिए सरकारी सहायता को सूची पहले ही बनाई जा चुकी हैं, अब फिर से हुई बर्बादी को देखते हुए यह सर्वेक्षण नए सिरे से करवाते हुए किसानों को सरकारी सहायता दी जाए। इस बाबत मौसम वेधशाला के प्रभारी जयशंकर ने बताया कि बीती रात करीब 19 मिमी बारिश हुई है।
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इस बाबत गल्ला मंडी अध्यक्ष वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि बीती रात हुई बारिश से गल्ला भीगा है। इसे सुखाकर दोबारा बेचने की कोशिश की जाएगी। बेमौसम बरसात ने किसानाें की रही सही उम्मीदें भी धो डाली हैं।
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पिहानी के किसान भारत प्रसाद, अनिल त्रिपाठी, राकेश, जगदीशन, मोहम्मद शकील, प्रतिपाल आदि ने बताया कि गेहूं की फसल तैयार होने के करीब कई बार हुई बारिश और तूफानी हवाओं ने उनकी बर्बादी की कहानी पहले ही लिख डाली थी। अब रविवार को फिर से मौसम के कहर ने उनकी कमर तोड़ के रख दी है।
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खेतों में सरसों और गेहूं की फसल बुरी तरह से बर्बाद हो गई है। किसानों का कहना था कि पूर्व की बेमौसम बारिश से तबाही के बाद बची बचाई फसल से ही वह भविष्य का तानाबाना बुन रहे थे, लेकिन रविवार की रात उनकी इन उम्मीदोें पर भी पानी फिर गया है। गेहूं पूरी तरह से खेतों में गिर गया है, जिससे तैयार फसल की भारी बर्बादी हुई है।
किसानों ने कहा है कि फसल बर्बादी के लिए सरकारी सहायता को सूची पहले ही बनाई जा चुकी हैं, अब फिर से हुई बर्बादी को देखते हुए यह सर्वेक्षण नए सिरे से करवाते हुए किसानों को सरकारी सहायता दी जाए। इस बाबत मौसम वेधशाला के प्रभारी जयशंकर ने बताया कि बीती रात करीब 19 मिमी बारिश हुई है।