{"_id":"64ee285b7a4afabc2b0a4ea6","slug":"the-water-of-river-ganges-is-still-filled-in-the-houses-of-katri-the-problems-of-the-people-have-not-reduced-hardoi-news-c-213-1-hra1001-2779-2023-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: कटरी के घरों में अभी भी भरा गंगा नदी का पानी, कम नहीं हुई लोगों की मुसीबतें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: कटरी के घरों में अभी भी भरा गंगा नदी का पानी, कम नहीं हुई लोगों की मुसीबतें
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मंगलवार को तीसरे दिन गंगा नदी के पानी में 5 सेंटीमीटर (सेमी.) की कमी आई। गंगा नदी का पानी खतरे के निशान से 10 सेमी. ऊपर 137.20 मीटर बना हुआ है। रामगंगा नदी के पानी में 5 सेमी. की बढ़ोतरी हुई है। गंगा नदी में आई बाढ़ से प्रभावित गांवों के लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गर्रा में एकदम से 50 सेमी. कम हुए पानी से कटान की आशंका बढ़ गई है।
पहाड़ों पर हो रही बारिश व बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से नदियों के पानी में उतार-चढ़ाव जारी है। गंगा नदी का पानी खतरे के निशान के ऊपर बने होने के साथ ही बिलग्राम क्षेत्र की कटरी के गांवों में अभी भी घरों में पानी भरा हुआ है। गंगा नदी के किनारे बसे चिरंजूपुरवा, मक्कूपुरवा आदि गांवों के लोगों को बाढ़ के पानी से ही होकर गुजरना पड़ता है।
मवेशियों के चारा-दाना की भी दिक्कतें हो रहीं हैं। पशुपालक ऊंचे स्थानों पर मवेशियों के लिए चारा पहुंचाने को मजबूर हैं। लोगों को राशन-पानी की भी समस्या हो रही है। कटियारी क्षेत्र में रामगंगा और गंगा नदी के पानी से क्षेत्र के प्रभावित गांवों के लोगों की मुसीबत कम नहीं हो रही हैं। पाली क्षेत्र में गर्रा नदी के पानी में कमी से कटान की आशंका बढ़ गई है। गंगा नदी का पानी मंगलवार को तीसरे दिन पांच सेमी. कम हुआ और 135.20 मीटर पर आया है।
विज्ञापन
गंगा नदी का पानी अभी भी खतरे के निशान 137.10 मीटर से 10 सेमी. ऊपर बना हुआ है। बैराजों से गंगा और रामगंगा नदी में 2,32,498 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 88,221 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 46,547 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 86,097 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा नदी के पानी में 5 सेमी. की बढ़ोतरी हुई है।
पानी 136.85 मीटर पर पहुंच गया है। रामगंगा नदी में खो बैराज से 5,427, हरेबली बैराज से 5,364 व रामनगर बैराज से 842 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गर्रा नदी के पानी में 50 सेमी. की कमी आई और पानी 144.85 मीटर पर आ गया है। डीएम एमपी सिंह ने बताया कि प्रभावितों गांवों में राजस्व टीम के माध्यम से मदद पहुंचाई जा रही है। घरों व फसलों के नुकसान का आकलन बाढ़ का पानी उतरने के बाद कराया जाएगा।
विज्ञापन
हरदोई। मंगलवार को तीसरे दिन गंगा नदी के पानी में 5 सेंटीमीटर (सेमी.) की कमी आई। गंगा नदी का पानी खतरे के निशान से 10 सेमी. ऊपर 137.20 मीटर बना हुआ है। रामगंगा नदी के पानी में 5 सेमी. की बढ़ोतरी हुई है। गंगा नदी में आई बाढ़ से प्रभावित गांवों के लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गर्रा में एकदम से 50 सेमी. कम हुए पानी से कटान की आशंका बढ़ गई है।
पहाड़ों पर हो रही बारिश व बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से नदियों के पानी में उतार-चढ़ाव जारी है। गंगा नदी का पानी खतरे के निशान के ऊपर बने होने के साथ ही बिलग्राम क्षेत्र की कटरी के गांवों में अभी भी घरों में पानी भरा हुआ है। गंगा नदी के किनारे बसे चिरंजूपुरवा, मक्कूपुरवा आदि गांवों के लोगों को बाढ़ के पानी से ही होकर गुजरना पड़ता है।
विज्ञापन
मवेशियों के चारा-दाना की भी दिक्कतें हो रहीं हैं। पशुपालक ऊंचे स्थानों पर मवेशियों के लिए चारा पहुंचाने को मजबूर हैं। लोगों को राशन-पानी की भी समस्या हो रही है। कटियारी क्षेत्र में रामगंगा और गंगा नदी के पानी से क्षेत्र के प्रभावित गांवों के लोगों की मुसीबत कम नहीं हो रही हैं। पाली क्षेत्र में गर्रा नदी के पानी में कमी से कटान की आशंका बढ़ गई है। गंगा नदी का पानी मंगलवार को तीसरे दिन पांच सेमी. कम हुआ और 135.20 मीटर पर आया है।
विज्ञापन
गंगा नदी का पानी अभी भी खतरे के निशान 137.10 मीटर से 10 सेमी. ऊपर बना हुआ है। बैराजों से गंगा और रामगंगा नदी में 2,32,498 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 88,221 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 46,547 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 86,097 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा नदी के पानी में 5 सेमी. की बढ़ोतरी हुई है।
पानी 136.85 मीटर पर पहुंच गया है। रामगंगा नदी में खो बैराज से 5,427, हरेबली बैराज से 5,364 व रामनगर बैराज से 842 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गर्रा नदी के पानी में 50 सेमी. की कमी आई और पानी 144.85 मीटर पर आ गया है। डीएम एमपी सिंह ने बताया कि प्रभावितों गांवों में राजस्व टीम के माध्यम से मदद पहुंचाई जा रही है। घरों व फसलों के नुकसान का आकलन बाढ़ का पानी उतरने के बाद कराया जाएगा।