फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   The water of Ramganga river increased its scope, there is a possibility of damage to 300 bigha crop

Hardoi News: रामगंगा नदी के पानी ने बढ़ाया दायरा, 300 बीघा फसल खराब होने की आशंका

Sun, 17 Sep 2023 11:07 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 17 Sep 2023 11:07 PM IST
विज्ञापन
The water of Ramganga river increased its scope, there is a possibility of damage to 300 bigha crop
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

हरदोई-हरपालपुर। रामगंगा नदी के पानी कटियारी क्षेत्र में फिर तबाही ला दी है। खतरे के निशान से ऊपर बह रही रामगंगा नदी के पानी ने पहले की बाढ़ के अपेक्षा दायरा बढ़ाया है। एक माह से बाढ़ की त्रासदी झेल रहे लोगों के साथ ही इस बार बाढ़ के पानी ने और भी क्षेत्र को डुबो दिया है। इससे करीब 300 बीघा फसलों को नुकसान की आशंका है। हरपालपुर क्षेत्र के सुलखामऊ में बाढ़ के पानी की धार से सड़क व पुलिया कटकर बह गई। ग्रामीणों ने विद्युत पोल डालकर निकलने का जुगाड़ बनाया है।
हरपालपुर क्षेत्र के कटियारी के गांवों के लोग एक माह से बाढ़ की त्रासदी झेल रहे थे। पिछले सप्ताह गंगा, रामगंगा व गर्रा नदी में पानी कम होना शुरू हुआ, गांवों, घरों पानी निकलने पर लोगों ने फिर से गृहस्थी सजानी शुरू की थी कि रामगंगा के पानी में बढ़ोतरी से फिर से तबाही ला दी है। रामगंगा नदी की बाढ़ ने पूरे कटियारी क्षेत्र में तबाही मचा दी है। रामगंगा नदी के बढ़े पानी से पिछली बार की अपेक्षा बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या व डूबी फसलों का रकबा लगातार बढ़ रहा है।
विज्ञापन

बाढ़ से अब तक एक सैकड़ा से अधिक गांवों की करीब 300 बीघा से अधिक फसलों को डुबो दिया है। इसमें से करीब 80 प्रतिशत फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। बची फसलें रामगंगा की बाढ़ से डूब गई हैं। इसमें मक्का, धान, तिल, मूंगफली, उड़द, मूंग की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। कुछ स्थानों पर ज्वार, बाजरा व गन्ने की फसल बची थी, वह भी इस बार की बाढ़ में डूब गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इससे बाढ़ पीड़ितों के सामने में भविष्य में अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। वहीं सबसे ज्यादा दिक्कत पशुओं के चारे की है। शनिवार की शाम सुलखामऊ में बाढ़ की धार से सड़क व पुलिया कटकर बह गई है। इससे आसपास के कई गांवों का संपर्क कट गया है। ग्रामीणों ने कटी सड़क व पुलिया पर विद्युत के पोल डालकर निकलने का जुगाड़ बनाया है।
एसडीएम डाॅ. अरुणिमा श्रीवास्तव के निर्देश पर नायब तहसीलदार यशवंत सिंह व राजेश कुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर राजस्वकर्मियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। हालांकि अभी तक प्रभावित लोगों को राहत सामग्री आदि की मदद नहीं शुरू की गई है।

----------------
गंगा व रामगंगा नदी में छोड़ा गया 1.63 लाख क्यूसेक पानी
गंगा व रामगंगा नदी में बैराजों से 1,63,680 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें गंगा नदी में 61,240 क्यूसेक, बिजनौर से 38,836 क्यूसेक व नरौरा बैराज से 46,458 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा नदी में खो बैराज से 9,280 क्यूसेक, हरेबली बैराज से 5,364 क्यूसेक व रामनगर बैराज से 2,502 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

रविवार को गंगा नदी के पानी में 10 सेमी. की कमी आई और पानी 135.40 मीटर पर आ गया है। रामगंगा नदी के पानी 5 सेमी. की कमी आई है और पानी अभी भी खतरे के निशान 137.10 मीटर से 5 सेमी. ऊपर 137.15 मीटर पर बना हुआ है। गर्रा नदी के पानी में 15 सेमी. की कमी आई है 144.40 मीटर पर आ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed