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Hardoi News: नदियों का पानी तेजी से हुआ कम पर कम नहीं हुईं दिक्कतें

Thu, 11 Sep 2025 10:59 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 11 Sep 2025 10:59 PM IST
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The water level of the rivers decreased rapidly but the problems did not reduce
हरदोई/बिलग्राम। गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी में 24 घंटे में तेजी से पानी कम हुआ लेकिन बाढ़ प्रभावित लोगों की परेशानी कम नहीं हुई। गांवों के आसपास और खेतों में पानी भरा होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पानी निकलने के बाद अब ग्रामीणों काे बीमारियों के पनपने का भय सता रहा है।
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बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी का क्रम तो जारी है लेकिन अब पानी की मात्रा कम हुई है जिससे नदियों का पानी भी आगे निकलने से जनपद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी कम होने लगा है। गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 66,201 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 86,603 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गर्रा नदी में पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 1,298 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। 24 घंटे में गंगा नदी के पानी में 15 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई है। हालांकि पानी अभी भी खतरे के निशान 137.10 मीटर पर बना हुआ है।
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रामगंगा नदी के पानी में 16 सेंटीमीटर की कमी आई है और पानी खतरे के निशान 137.10 मीटर से छह सेंटीमीटर ऊपर 137.16 मीटर पर बना हुआ है। गर्रा नदी में 26 सेंटीमीटर की कमी हुई है और पानी 130.33 मीटर पर आ गया है। नदियों में पानी कम होने के बाद भी बावन, सांडी, भरखनी के 89 स्कूल अभी बंद चल रहे हैं। बाढ़ से प्रभावित 150 गांवों के लोगों को अभी सामान्य दिनचर्या में लौटने में समय लगेगा।
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बिलग्राम क्षेत्र में गंगा नदी के पानी में उतार-चढ़ाव के बीच गांवों के किनारे नदी का पानी भरा हुआ है। तमाम लोग आने-जाने के लिए नावों का ही उपयोग कर रहे हैं। शैक्षिक संस्थानों को बंद कर बच्चों को गांवों के बाहर न जाने के लिए राजस्व टीम प्रेरित कर रही है। उधर, पूरे एक क्षेत्र में कृषि योग्य भूमि पर फसलें बाढ़ के पानी से पूरी तरह प्रभावित हैं, जिनमें पानी भरा हुआ है। बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या में बीते एक सप्ताह में वृद्धि हुई है तहसील के मुताबिक न सिर्फ आबादी बल्कि फसलों में पानी भरने से गांव को कृषि क्षेत्र के आधार पर भी बाढ़ प्रभावित माना जाता है।

कटरी की ग्राम सभाएं कटरी परसोला, कटरी बिछुइया, कटरी छिबरामऊ, कटरी जरसेनामऊ, साड़ियापुर, बिरनी समेत ग्राम सभाओं के मजरों के किनारे बाढ़ का पानी अभी भी भरा हुआ है। 34 दिनों से क्षेत्र के लोग बाढ़ से परेशान हैं। एसडीएम एन राम ने बताया कि पानी घटने से अब राहत की उम्मीद है। चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा गया कि वह बाढ़ प्रभावित गांवों में शिविर लगाकर जरूरतमंद लोगों को दवाएं आदि प्राप्त कराएं।
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