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तीन घंटे पढ़ाएंगे पार्ट टाइम टीचर
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Mon, 06 Jul 2015 12:07 AM IST
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कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों के टीचरों के संबंध
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में लगातार किए जा रहे प्रयोग से स्कूलों में टीचरों की संख्या कम होती जा
रही है। पार्ट टाइम टीचर के लिए आने वाले नित नए आदेश उनकी कार्य में
प्रतिकूल असर डाल रहे हैं। इससे विद्यालय में पढ़ने वाली बालिकाआें को
गुणवत्तायुक्त शिक्षा नहीं मिल पा रही है।
ज्ञात हो कि जिले में 20 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय संचालित हैं। जिसमें वर्तमान में करीब 256 टीचर तैनात हैं। इनमें 55 पार्ट टाइम टीचर है। शेष फल टाइम टीचर व स्टाफ है। स्कूलों के संचालन के समय से लेकर अब तक विभाग टीचरों के चयन को लेकर स्थायी गाइड लाइन नहीं तय कर पाया है।
उनके चयन और मानदेय को लेकर लगातार नए-नए आदेश जारी होे रहे हैं। सबसे पहले विद्यालय में चार पार्ट टाइम टीचर नियुक्त किए गए थे। जिनको 7200 रुपये मानदेय दिया जाता था। फिर उनका मानदेय घटाकर पांच हजार कर दिया गया। इसके बाद विद्यालय में एक एक उर्दू टीचर की तैनाती कर दी गई।
इससे स्कूलों में इनकी संख्या घटाकर तीन कर दी गई। मानदेय कम करने पर जब पार्ट टाइम टीचर कोर्ट गए तो उनका मानदेय फिर 7200 रुपये कर दिया गया। अब इसके बाद एक नया आदेश 30 जून को जारी कर दिया गया। इसमें पार्ट टाइम के स्कूल में कार्य अवधि तीन घंटे निर्धारित कर दी गई।
इसके अलावा अन्य टीचरों के चयन के मानक में फेरबदल किया गया है। टीचरों के विषय में लगातार हो रहे फेरबदल का असर विद्यालय में शिक्षण कार्य पर पड़ रहा है। इससे बालिकाओं को गुणवत्तायुक्त शिक्षा नहीं मिल पा रही है। मगर किसी का भी ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है।
उधर, नए दिशा निर्देश के अनुसार अब पार्ट टाइम टीचर विद्यालयाें में तीन घंटे की शिक्षण कार्य करेंगे। वहीं स्कूल में जिस विषय की वार्डन हाेंगी, वहां पर उस विषय के टीचर की तैनाती भी नहीं की जाएगी। उधर, नए निर्देशों में केजीबीवी के कर्मचारियों और टीचरों के स्थानांतरण पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
अब उनका स्थानांतरण नहीं किया जा सकेगा। स्थानांतरण को परियोजना से अनुमति लेनी होगी। वहीं स्कूल के टीचरों का कार्य यदि संतोष जनक नहीं है तो उसको एक माह पहले नोटिस देना होगा। उसके बाद उसका पक्ष सुना जाएगा। पक्ष सुनने के बाद विषय में कार्रवाई की जाएगी और संविदा 11 माह 29 दिन के लिए की जाएगी।
ज्ञात हो कि जिले में 20 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय संचालित हैं। जिसमें वर्तमान में करीब 256 टीचर तैनात हैं। इनमें 55 पार्ट टाइम टीचर है। शेष फल टाइम टीचर व स्टाफ है। स्कूलों के संचालन के समय से लेकर अब तक विभाग टीचरों के चयन को लेकर स्थायी गाइड लाइन नहीं तय कर पाया है।
उनके चयन और मानदेय को लेकर लगातार नए-नए आदेश जारी होे रहे हैं। सबसे पहले विद्यालय में चार पार्ट टाइम टीचर नियुक्त किए गए थे। जिनको 7200 रुपये मानदेय दिया जाता था। फिर उनका मानदेय घटाकर पांच हजार कर दिया गया। इसके बाद विद्यालय में एक एक उर्दू टीचर की तैनाती कर दी गई।
इससे स्कूलों में इनकी संख्या घटाकर तीन कर दी गई। मानदेय कम करने पर जब पार्ट टाइम टीचर कोर्ट गए तो उनका मानदेय फिर 7200 रुपये कर दिया गया। अब इसके बाद एक नया आदेश 30 जून को जारी कर दिया गया। इसमें पार्ट टाइम के स्कूल में कार्य अवधि तीन घंटे निर्धारित कर दी गई।
इसके अलावा अन्य टीचरों के चयन के मानक में फेरबदल किया गया है। टीचरों के विषय में लगातार हो रहे फेरबदल का असर विद्यालय में शिक्षण कार्य पर पड़ रहा है। इससे बालिकाओं को गुणवत्तायुक्त शिक्षा नहीं मिल पा रही है। मगर किसी का भी ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है।
उधर, नए दिशा निर्देश के अनुसार अब पार्ट टाइम टीचर विद्यालयाें में तीन घंटे की शिक्षण कार्य करेंगे। वहीं स्कूल में जिस विषय की वार्डन हाेंगी, वहां पर उस विषय के टीचर की तैनाती भी नहीं की जाएगी। उधर, नए निर्देशों में केजीबीवी के कर्मचारियों और टीचरों के स्थानांतरण पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
अब उनका स्थानांतरण नहीं किया जा सकेगा। स्थानांतरण को परियोजना से अनुमति लेनी होगी। वहीं स्कूल के टीचरों का कार्य यदि संतोष जनक नहीं है तो उसको एक माह पहले नोटिस देना होगा। उसके बाद उसका पक्ष सुना जाएगा। पक्ष सुनने के बाद विषय में कार्रवाई की जाएगी और संविदा 11 माह 29 दिन के लिए की जाएगी।