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Hardoi News: दस बेड के पीकू वार्ड को बना दिया आइसोलेशन वार्ड, नए पीकू वार्ड पर पड़ेगा भार

Tue, 11 Nov 2025 10:52 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 11 Nov 2025 10:52 PM IST
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The ten-bed Piku ward has been converted into an isolation ward, and the new Piku ward will be burdened.
फोटो-01- मेडिकल कॉलेज का आइसोलेशन वार्ड। संवाद
हरदोई। दस बेड के पुराने पीकू वार्ड को मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने आइसोलेशन वार्ड बना दिया है। दावा है कि यहां डेंगू और मलेरिया के गंभीर रोगियों को भर्ती किया जाएगा। ऐसे में नए बने पीकू वार्ड पर भार बढ़ने की आशंका है। अभी पीकू वार्ड में ज्यादा मरीज नहीं हैं।
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संक्रामक रोग से ग्रसित मरीजों को भर्ती करने के लिए जिले के मेडिकल कॉलेज में अभी तक कोई स्थायी वार्ड नहीं था। बीमारियां बढ़ने पर हड्डी वार्ड के एक कक्ष को खाली करवाकर उसे अस्थायी आइसाेलेशन कक्ष बना दिया जाता है। डेंगू समेत अन्य संक्रामक रोग से पीड़ित मरीज भर्ती कर दिए जाते हैं। जब कोई संक्रमित मरीज नहीं होता है तो हड्डी के मरीज भर्ती होते हैं।
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बार-बार वार्ड खाली कराने की समस्या से छुटकारा पाने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने अब स्थायी आइसोलेशन कक्ष बना दिया है। इसके लिए पुराने 10 बेड के पीकू वार्ड को खाली करा मरीजों को 42 बेड के नवीन पीकू वार्ड में भर्ती कर दिया गया है। चूंकि, अब एक ही पीकू वार्ड रह गया है तो एक बार फिर बच्चों को भर्ती करने की समस्या बढ़ सकती है। हालांकि, अभी तो 27 बच्चे ही भर्ती हैं और तमाम बेड खाली हैं लेकिन कई बार स्थिति यह बन जाती है कि बेड कम पड़ जाते हैं और बच्चों को वापस करना पड़ता है।
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बच्चों को भर्ती न करने की कई बार आ चुकी स्थिति सामने
जब तक 10 बेडों का पीकू वार्ड था तब तक बच्चों को भर्ती करने की समस्या आए दिन खड़ी रहती थी। बीते सितंबर में गुरगज्जा के पवन सक्सेना की बहन की डेढ़ साल की बेटी का इलाज बेड खाली न होने की वजह से हो ही नहीं पाया था। परिजनों को सौ शैया संयुक्त चिकित्सालय तक दौड़ लगानी पड़ी थी। ऐसी स्थितियां कई बार बनीं। हालांकि, नया पीकू वार्ड बनने के बाद कुछ राहत मिली थी लेकिन अब एक बार फिर से समस्या से दो-चार होना पड़ सकता है।



नए पीकू वार्ड में बच्चों के 42 बेड हैं और पहले से अधिक सुविधाएं भी हैं। वैसे तो भर्ती होने वाले बच्चों की औसतन संख्या 30 से 35 के बीच रहती है। उस हिसाब से बेड पर्याप्त हैं, अगर जरूरत पड़ी तो अतिरिक्त व्यवस्था भी की जाएगी। -डॉ. जेबी गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज

फोटो-01- मेडिकल कॉलेज का आइसोलेशन वार्ड। संवाद

फोटो-01- मेडिकल कॉलेज का आइसोलेशन वार्ड। संवाद

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