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Hardoi News: साैतेले पिता ने संपत्ति के लिए गला घोंट कर की थी युवती की हत्या, आठ माह बाद डीएनए रिपोर्ट आते ही धरा गया
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हरदोई। संडीला कोतवाली क्षेत्र के मोहम्मदपुर बेलवारन गांव के जंगलों में आठ अगस्त 2024 को मिले युवती के क्षत-विक्षत शव की डीएनए रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया है। सौतले पिता ने ही संपत्ति के लालच में गला घोंटकर युवती की हत्या कर दी थी। खास बात यह है कि आरोपी ने शव मिलने पर पहचान करने से इन्कार कर दिया था। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
बीते वर्ष आठ अगस्त को युवती का क्षत-विक्षत शव मिलने की जानकारी प्रधानपति श्रीकृष्ण ने पुलिस को दी थी। श्रीकृष्ण की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट भी दर्ज की थी। पहचान न होने पर आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों की पड़ताल कराई गई थी। इसी दाैरान पता चला था कि अतरौली थाना क्षेत्र के नेवादा विजय निवासी छाया देवी ने बेटी सोनी श्रीवास्तव के लापता होने की रिपोर्ट छह अगस्त को दर्ज कराई थी। अज्ञात पर बहलाकर ले जाने का मामला दर्ज किया गया था। शव मिलने पर छाया से पूछताछ की गई। पता चला कि उसके पहले पति राजेंद्र श्रीवास्तव की मौत हाे चुकी है। उससे उसकी पुत्री सोनी है। बाद में उसने मझिगवां शिवपुरी निवासी मनोज कुमार से शादी कर ली थी। मनोज को भी मौके पर बुलाया गया, लेकिन मनोज ने शव सोनी का होने से इन्कार कर दिया। इस पर पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराया।
बीती मार्च में इसकी रिपोर्ट आई तो सोनी और छाया का डीएनए मैच कर गया। इसके बाद मामले की पड़ताल शुरू हुई तो घटना के दिन मनोज की लोकेशन वहीं मिली, जहां सोनी का शव मिला था। इसके बाद उससे पूछताछ शुरू की गई। कुछ दिनों तक बरगलाने के बाद उसने सच उगल दिया।
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एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि सोनी के नाना के पास लगभग 50 लाख रुपये कीमत का एक मकान है। यह मकान सोनी के नाम लिखने की तैयारी उसके नाना ने कर ली थी। इसकी भनक मनोज को लग गई थी और इसीलिए उसने सोनी की गला दबाकर हत्या कर दी थी।
इन वजहों से गहराया शक और फिर खुल गया मामला
-मनोज ने सोनी का शव पहचानने से इन्कार कर दिया था।
-गुमशुदगी में दर्ज किए गए ब्योरे में जो कपड़े बताए गए थे वही कपड़े शव पर थे।
-घटनास्थल से एक बैग मिला था। इस बैग को सोनी ने अपने मोबाइल से ही ऑनलाइन मंगवाया था। इसका ब्योरा भी पुलिस काे मिल गया था
-डीएनए में शव सोनी का ही होने की पुष्टि हुई।
-सोनी की नजदीकियां उसरहा गांव निवासी एक युवक से थीं। यह युवक एक युवती पर जानलेवा हमले के आरोप में जेल में बंद है। पूछताछ में उससे भी पुलिस को अहम सुराग मिले।
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बीते वर्ष आठ अगस्त को युवती का क्षत-विक्षत शव मिलने की जानकारी प्रधानपति श्रीकृष्ण ने पुलिस को दी थी। श्रीकृष्ण की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट भी दर्ज की थी। पहचान न होने पर आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों की पड़ताल कराई गई थी। इसी दाैरान पता चला था कि अतरौली थाना क्षेत्र के नेवादा विजय निवासी छाया देवी ने बेटी सोनी श्रीवास्तव के लापता होने की रिपोर्ट छह अगस्त को दर्ज कराई थी। अज्ञात पर बहलाकर ले जाने का मामला दर्ज किया गया था। शव मिलने पर छाया से पूछताछ की गई। पता चला कि उसके पहले पति राजेंद्र श्रीवास्तव की मौत हाे चुकी है। उससे उसकी पुत्री सोनी है। बाद में उसने मझिगवां शिवपुरी निवासी मनोज कुमार से शादी कर ली थी। मनोज को भी मौके पर बुलाया गया, लेकिन मनोज ने शव सोनी का होने से इन्कार कर दिया। इस पर पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराया।
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बीती मार्च में इसकी रिपोर्ट आई तो सोनी और छाया का डीएनए मैच कर गया। इसके बाद मामले की पड़ताल शुरू हुई तो घटना के दिन मनोज की लोकेशन वहीं मिली, जहां सोनी का शव मिला था। इसके बाद उससे पूछताछ शुरू की गई। कुछ दिनों तक बरगलाने के बाद उसने सच उगल दिया।
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एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि सोनी के नाना के पास लगभग 50 लाख रुपये कीमत का एक मकान है। यह मकान सोनी के नाम लिखने की तैयारी उसके नाना ने कर ली थी। इसकी भनक मनोज को लग गई थी और इसीलिए उसने सोनी की गला दबाकर हत्या कर दी थी।
इन वजहों से गहराया शक और फिर खुल गया मामला
-मनोज ने सोनी का शव पहचानने से इन्कार कर दिया था।
-गुमशुदगी में दर्ज किए गए ब्योरे में जो कपड़े बताए गए थे वही कपड़े शव पर थे।
-घटनास्थल से एक बैग मिला था। इस बैग को सोनी ने अपने मोबाइल से ही ऑनलाइन मंगवाया था। इसका ब्योरा भी पुलिस काे मिल गया था
-डीएनए में शव सोनी का ही होने की पुष्टि हुई।
-सोनी की नजदीकियां उसरहा गांव निवासी एक युवक से थीं। यह युवक एक युवती पर जानलेवा हमले के आरोप में जेल में बंद है। पूछताछ में उससे भी पुलिस को अहम सुराग मिले।