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घंटों चले सर्च अभियान का नतीजा पर्दे में कैद
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हरदोइ। शहर के बड़े पान मसाला कारोबारी के ठिकानों पर आईटी आयकर विभाग की बड़ी रेड के बाद भी नतीजा क्या रहा, या फिर कोई बड़ा मामला बना है, इस पर रहस्य बरकरार है।
बुधवार सुबह आठ बजे के करीब शहर के बड़े पान मसाला कारोबारी के घर, कार्यालय, गेस्टहाउस सहित कई ठिकानों पर आईटी की टीमों ने एक साथ सर्च अभियान चलाया था। अभियान शुक्रवार रात आठ बजे तक चला।
शुक्रवार रात नौ बजे के आसपास कारोबारी के घर, गेस्टहाउस आदि स्थानों पर तैनात पुलिस के चले जाने की जानकारी आसपास के लोगों से हुई। जिस तरह से आईटी का इतना लंबा सर्च अभियान चला उसमेें भारी पैमाने पर नकदी, जेवर एवं संपत्तियों का पता चलने की चर्चा रही।
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लोगों का कहना है कि जिस तरह से सर्च अभियान चला, उसमें मामला सौ करोड़ से लेकर अरबों तक का हो सकता है। रेड खत्म होने के बाद चर्चाएं बदल रही हैं।
दरअसल सर्च अभियान खत्म हुए करीब 48 घंटे हो गए हैं, लेकिन लब्बोलुआब क्या रहा, इस पर रहस्य बरकरार है। इस संबंध में स्थानीय अफसर भी जानकारी होने से इंकार करते हैं।
उनका कहना है कि वह इस ओर कोई भी जानकारी देने के लिए अधिकृत नहीं है। ऐसे में तरह तरह की चर्चाएं और अटकलें लगाई जा रही है ।
तो क्या मामला ले रहा कोई नया मोड़
आईटी रेड को लेकर इनकम टैक्स नियमों के जानकार नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं कि अगर तमाम संपत्तियां पुश्तैनी हैं या फिर दिए जाने वाले कर व घोषित आय स्रोतों के हिसाब से ठीक हैं, तो फिर काला धन सफेद बनाने जैसी बाते कहना उचित नहीं है।
जब तक विभाग की ओर से ब्योरा सामने नहीं आता है कोई भी जानकार कुछ नहीं कहना चाहेगा।
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बुधवार सुबह आठ बजे के करीब शहर के बड़े पान मसाला कारोबारी के घर, कार्यालय, गेस्टहाउस सहित कई ठिकानों पर आईटी की टीमों ने एक साथ सर्च अभियान चलाया था। अभियान शुक्रवार रात आठ बजे तक चला।
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शुक्रवार रात नौ बजे के आसपास कारोबारी के घर, गेस्टहाउस आदि स्थानों पर तैनात पुलिस के चले जाने की जानकारी आसपास के लोगों से हुई। जिस तरह से आईटी का इतना लंबा सर्च अभियान चला उसमेें भारी पैमाने पर नकदी, जेवर एवं संपत्तियों का पता चलने की चर्चा रही।
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लोगों का कहना है कि जिस तरह से सर्च अभियान चला, उसमें मामला सौ करोड़ से लेकर अरबों तक का हो सकता है। रेड खत्म होने के बाद चर्चाएं बदल रही हैं।
दरअसल सर्च अभियान खत्म हुए करीब 48 घंटे हो गए हैं, लेकिन लब्बोलुआब क्या रहा, इस पर रहस्य बरकरार है। इस संबंध में स्थानीय अफसर भी जानकारी होने से इंकार करते हैं।
उनका कहना है कि वह इस ओर कोई भी जानकारी देने के लिए अधिकृत नहीं है। ऐसे में तरह तरह की चर्चाएं और अटकलें लगाई जा रही है ।
तो क्या मामला ले रहा कोई नया मोड़
आईटी रेड को लेकर इनकम टैक्स नियमों के जानकार नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं कि अगर तमाम संपत्तियां पुश्तैनी हैं या फिर दिए जाने वाले कर व घोषित आय स्रोतों के हिसाब से ठीक हैं, तो फिर काला धन सफेद बनाने जैसी बाते कहना उचित नहीं है।
जब तक विभाग की ओर से ब्योरा सामने नहीं आता है कोई भी जानकार कुछ नहीं कहना चाहेगा।