फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   The proprietor of the firm used to put engineers under pressure by claiming himself to be close to the Deputy CM.

Hardoi News: खुद को डिप्टी सीएम का करीबी बताकर अभियंताओं को दबाव में रखता था फर्म का प्रोपराइटर

Fri, 29 Nov 2024 10:31 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 29 Nov 2024 10:31 PM IST
विज्ञापन
The proprietor of the firm used to put engineers under pressure by claiming himself to be close to the Deputy CM.
हरदोई। जनपद के मार्ग निर्माण में अधोमानक सामग्री का इस्तेमाल होने की जानकारी पर भी चुप्पी साधे रहना अभियंताओं के लिए मुसीबत का सबब बन गया।
विज्ञापन

दरअसल, कार्रवाई की जद में आई दो फर्माें के प्रोपराइटर खुद को एक डिप्टी सीएम का बेहद करीबी बताकर हर किसी पर रौब झाड़ते थे। प्रोपराइटर के रसूख का आलम यह था कि न तो तत्कालीन अधीक्षण अभियंता ने और न ही अधिशासी अभियंताओं ने कभी निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर नोटिस जारी किया। प्रोपराइटर के रसूख के आगे अवर अभियंताओं की बोलती तक नहीं निकलती थी।
लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग से सांडी शाहाबाद मार्ग को जोड़ने वाले रद्धेपुरवा सकतपुर मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य 58,97,38,000 रुपये की लागत से कराया जाना था। सिंगल लेन की इस सड़क को सात मीटर चौड़ा किया जा रहा था। उक्त कार्य मेसर्स प्रोग्रेसिव कंस्ट्रक्शन कंपनी के पास था। कंपनी का प्रोपराइटर खुद को सूबे के एक डिप्टी सीएम का न सिर्फ घनिष्ट बल्कि रिश्तेदार तक बताकर पूरे विभाग पर रौब झाड़ता था।
विज्ञापन

उसके रसूख के आगे अधीक्षण अभियंता से लेकर लिपिक तक खामोश रहते थे। निर्माण कार्य देरी से शुरू करने के बाद भी विभाग के स्थानीय अभियंता कभी उसे एक नोटिस तक न दे पाए। जांच में निर्माण सामग्री का नमूना फेल हो गया, लेकिन स्थानीय अभियंता रसूखदार ठेकेदार के आगे नतमस्तक ही नजर आते थे। इसकी वजह न सिर्फ ठेकेदार का रसूख बल्कि कमीशन का खेल भी था। इसी फर्म के प्रोपराइटर के करीबी की फर्म मेसर्स सायरस इंफ्रा नाम से है। इस फर्म ने हरदोई-सांडी मार्ग के नवीनीकरण का काम किया था। इसमें लगभग तीन करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


चारों निर्माण कार्याें में यह मिली गड़बड़ियां
-डेंस ग्रेडेड विटूमिन मैकेडम (डीबीएम) का घनत्व (डेंसिटी) 95 से 100 फीसदी के बीच आना चाहिए था। जांच में 95 से कम निकला।
-बिटूमिन कंक्रीट (बीसी) का घनत्व भी 95 से 100 फीसदी के बीच आना चाहिए था, लेकिन जांच में यह भी कम मिला।
-बिटूमिन यानी डामर (तारकोल) 4.5 फीसदी होना चाहिए। जांच में यह भी कम निकला।
-सीमेंट एक फीसदी और इमलसन 3.5 फीसदी होना चाहिए था। इसे आईटीएस यानी इनडायरेक्ट टेन साइड स्ट्रेंथ कहते हैं। न्यूनतम 225 किला पास्कल एरिया होना चाहिए, लेकिन जांच में यह भी कम निकला।


पूरे विभाग को भारी पड़ गई आबकारी मंत्री की नाराजगी
लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं और ठेकेदारों को आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल की नाराजगी भारी पड़ गई। दरअसल, क्षेत्र भ्रमण पर निकले आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल से 17 सितंबर को ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई थी। ग्रामीणों ने कहा था कि रद्धेपुरवा सकतपुर मार्ग के निर्माण में मनमानी की जा रही है। कई-कई दिनों तक कोई काम ही नहीं होता। इससे खफा नितिन अग्रवाल ने 19 सितंबर को मुख्यमंत्री से पूरे मामले की शिकायत कर दी। मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दे दिए। एक अक्तूबर को विस्तृत जांच करने के लिए अभिलेख तलब कर लिए गए। इसके बाद धीरे-धीरे कार्रवाई चलती रही और जब मुख्यमंत्री तक अभियंताओं और ठेकेदारों की मनमानी पहुंची तो पूरे लोक निर्माण विभाग के लिए मुसीबत हो गई।


पहले कभी नहीं हुई इतनी बड़ी कार्रवाई
जनपद के इतिहास में लोक निर्माण विभाग में एक साथ इतनी बड़ी कार्रवाई पहले कभी नहीं हुई। पहले भी निर्माण कार्याें में अनियमितताओं की शिकायतें होती रहती थीं, लेकिन बाद में सब मैनेज हो जाता था। बसपा सरकार में वर्ष 2008 में हरदोई-बिलग्राम मार्ग को लेकर हुई कार्रवाई में दो तत्कालीन अधिशासी अभियंता समेत छह अभियंताओं को निलंबित किया गया था। इसके बाद सपा सरकार में एक अधिशासी अभियंता और दो अवर अभियंताओं को भी निलंबित किया गया था। यह पहला मौका है, जब एक साथ 16 अभियंताओं पर कार्रवाई हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed