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Hardoi News: रक्त नमूने में थक्के बनने की प्रक्रिया की हो सकेगी जांच
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हरदोई। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की सेंट्रल लैब में जांचों का दायरा बढ़ाया जा रहा है। मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं में सहूलियत देने के लिए अब सेंट्रल लैब में ऑटोमेटिक मशीनें लगाई जा रही हैं। इनमें एक साथ दो सैकड़ा से अधिक जांचें हो सकेंगी। साथ ही हृदय संबंधी रक्त नमूने में थक्का बनने की प्रक्रिया की भी जांच की जा सकेगी। इससे मरीजों को दूसरे जिले में दौड़ लगाने से काफी राहत मिलेगी।
जिले के रोगियों को स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोतरी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की सेंट्रल लैब में कई प्रकार की जांच शुरू हो गई हैं। बायोकेमेस्ट्री और हार्मोनल जांच के साथ ही कैंसर की जांच भी जल्द ही शुरू होने वाली हैं। इन सबके बीच अब मरीजों की रक्त से होने वाली हृदय संबंधी जांच भी कराने की तैयारी की जा रही है। रक्त का थक्का जमने की पीआई आईएनआर जांच को जल्द ही शुरू किया जाएगा।
प्रोथ्रोम्बिन समय (पीटी) परीक्षण मापता है कि किसी रक्त नमूने में थक्के बनने में कितने सेकेंड लगते हैं। प्रोथ्रोम्बिन एक प्रोटीन है, जिसे यकृत बनाता है। यह कई पदार्थों में से एक है जिसे थक्काकरण (कोएग्यूलेशन) कारकों के रूप में जाना जाता है। पीटी आईएनआर जांच से हृदय विकार की जांच कर हृदयाघात के बारे में जानकारी की जा सकेगी। बायोकेमेस्ट्री की नई मशीन समेत बाई केमेस्ट्री मशीन लगाई जा रही हैं। इसमें एक बार में दो सैकड़ा रक्त नमूनों की जांच हो सकेगी।
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अगले सप्ताह से हो सकेगी कैंसर जांच
हरदोई। बायोकेमेस्ट्री के साथ ही अब जिले में खून के संक्रमण की जांच भी शुरू कर दी गई है। ब्लड कल्चर की जांच के बाद अब अगले सप्ताह से कैंसर की जांच भी होने लगेगी। मशीनों की गुणवत्ता की परख की जा रही है। स्वचलित नवीन मशीनों की स्थापना का काम भी हो रहा है। ऐसे में मरीजों को जिले में कई महत्वपूर्ण जाचें शुरू होने से दूसरे जिलों में दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
सेंट्रल लैब में काम अब पूरा होने वाला है। स्वचलित मशीनों के माध्यम से मरीजों को बेहद सटिक जांच रिपोर्ट मिलेगी। कई नई जांचें भी शुरू कराई जा रहीं हैं। मशीनों को गुणवत्ता परीक्षण पर रखा गया है। अगले सप्ताह से लोगों को जांचों की सुविधाएं मिल सकेंगी। -डॉ. जेविन बिष्णु गोगोई, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज
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जिले के रोगियों को स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोतरी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की सेंट्रल लैब में कई प्रकार की जांच शुरू हो गई हैं। बायोकेमेस्ट्री और हार्मोनल जांच के साथ ही कैंसर की जांच भी जल्द ही शुरू होने वाली हैं। इन सबके बीच अब मरीजों की रक्त से होने वाली हृदय संबंधी जांच भी कराने की तैयारी की जा रही है। रक्त का थक्का जमने की पीआई आईएनआर जांच को जल्द ही शुरू किया जाएगा।
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प्रोथ्रोम्बिन समय (पीटी) परीक्षण मापता है कि किसी रक्त नमूने में थक्के बनने में कितने सेकेंड लगते हैं। प्रोथ्रोम्बिन एक प्रोटीन है, जिसे यकृत बनाता है। यह कई पदार्थों में से एक है जिसे थक्काकरण (कोएग्यूलेशन) कारकों के रूप में जाना जाता है। पीटी आईएनआर जांच से हृदय विकार की जांच कर हृदयाघात के बारे में जानकारी की जा सकेगी। बायोकेमेस्ट्री की नई मशीन समेत बाई केमेस्ट्री मशीन लगाई जा रही हैं। इसमें एक बार में दो सैकड़ा रक्त नमूनों की जांच हो सकेगी।
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अगले सप्ताह से हो सकेगी कैंसर जांच
हरदोई। बायोकेमेस्ट्री के साथ ही अब जिले में खून के संक्रमण की जांच भी शुरू कर दी गई है। ब्लड कल्चर की जांच के बाद अब अगले सप्ताह से कैंसर की जांच भी होने लगेगी। मशीनों की गुणवत्ता की परख की जा रही है। स्वचलित नवीन मशीनों की स्थापना का काम भी हो रहा है। ऐसे में मरीजों को जिले में कई महत्वपूर्ण जाचें शुरू होने से दूसरे जिलों में दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
सेंट्रल लैब में काम अब पूरा होने वाला है। स्वचलित मशीनों के माध्यम से मरीजों को बेहद सटिक जांच रिपोर्ट मिलेगी। कई नई जांचें भी शुरू कराई जा रहीं हैं। मशीनों को गुणवत्ता परीक्षण पर रखा गया है। अगले सप्ताह से लोगों को जांचों की सुविधाएं मिल सकेंगी। -डॉ. जेविन बिष्णु गोगोई, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज