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Hardoi News: पुलिस ने विवेचना में निकाल दिए थे सगे भाइयों के नाम, दोनों को आजीवन कारावास
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हरदोई। दोहरे हत्याकांड के 20 साल पुराने मामले में दो सगे भाइयों को दोषी करार दिया गया है।
अपर जिला जज प्रथम कुसुमलता ने दोनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर दो दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। खास बात यह है कि दोनों अभियुक्तों के नाम पुलिस ने विवेचना में निकाल दिए थे। कोर्ट ने दोनों को तलब कर सुनवाई की और अंतत: दोनों को सजा हो गई।
बिलग्राम नगर निवासी अमरेश गुप्ता ने एक जून 2005 को कोतवाली शहर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि एक जून को वह अपने मामा के पुत्र सुरेश गुप्ता व सुरेश के पुत्र रानू गुप्ता, नगर के ही राम कुमार गुप्ता उर्फ रामू, रामनरेश, संजीव गुप्ता, रामलीला कमेटी के गोदाम से सामान निकालने के लिए सभी खड़े थे। दिन में करीब सवा 10 बजे नगर के ही मेघनाथ यादव, अपने पुत्र पप्पू यादव तथा नगर के ही अखिल कपूर अपने भाई अन्नू कपूर पुत्र मुन्नू कपूर अपने हाथों में असलहे लेकर आए थे। पप्पू के पास राइफल और मेघनाथ के पास बंदूक थी। बाकी दोनों के हाथ में तमंचे थे। गोदाम का किराया कमेटी की जगह इनको न देने पर आरोपियों ने जान से मार डालने की धमकी दी थी।
इस पर अभियुक्त फायर करने लगे थे। घटना में सुरेश गुप्ता और उनके पुत्र रामू गुप्ता घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां दोनों की मौत हो गई। जिला अस्पताल में मौत होने की वजह से शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बाद में विवेचना बिलग्राम कोतवाली ट्रांसफर कर दी गई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने मेघनाथ व पप्पू यादव के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
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अखिल व अन्नू का नाम साक्ष्य के अभाव में आरोप पत्र से निकाल दिया गया था। अभियोजन पक्ष की ओर से दोनों को कोर्ट में तलब करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद कोर्ट ने पांच अक्तूबर 2006 को दोनों को तलब किया था। दोनों के खिलाफ 13 जनवरी 2023 को आरोप तय हुआ था। अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाहों को पेश किया गया। इसके साथ ही अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। दोनों पक्षों के तर्को को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज ने अखिल व अन्नू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इससे पूर्व पप्पू यादव को इसी मामले में सजा हो चुकी है। मेघनाथ की मौत हो चुकी है।
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अपर जिला जज प्रथम कुसुमलता ने दोनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर दो दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। खास बात यह है कि दोनों अभियुक्तों के नाम पुलिस ने विवेचना में निकाल दिए थे। कोर्ट ने दोनों को तलब कर सुनवाई की और अंतत: दोनों को सजा हो गई।
बिलग्राम नगर निवासी अमरेश गुप्ता ने एक जून 2005 को कोतवाली शहर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि एक जून को वह अपने मामा के पुत्र सुरेश गुप्ता व सुरेश के पुत्र रानू गुप्ता, नगर के ही राम कुमार गुप्ता उर्फ रामू, रामनरेश, संजीव गुप्ता, रामलीला कमेटी के गोदाम से सामान निकालने के लिए सभी खड़े थे। दिन में करीब सवा 10 बजे नगर के ही मेघनाथ यादव, अपने पुत्र पप्पू यादव तथा नगर के ही अखिल कपूर अपने भाई अन्नू कपूर पुत्र मुन्नू कपूर अपने हाथों में असलहे लेकर आए थे। पप्पू के पास राइफल और मेघनाथ के पास बंदूक थी। बाकी दोनों के हाथ में तमंचे थे। गोदाम का किराया कमेटी की जगह इनको न देने पर आरोपियों ने जान से मार डालने की धमकी दी थी।
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इस पर अभियुक्त फायर करने लगे थे। घटना में सुरेश गुप्ता और उनके पुत्र रामू गुप्ता घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां दोनों की मौत हो गई। जिला अस्पताल में मौत होने की वजह से शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बाद में विवेचना बिलग्राम कोतवाली ट्रांसफर कर दी गई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने मेघनाथ व पप्पू यादव के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
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अखिल व अन्नू का नाम साक्ष्य के अभाव में आरोप पत्र से निकाल दिया गया था। अभियोजन पक्ष की ओर से दोनों को कोर्ट में तलब करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद कोर्ट ने पांच अक्तूबर 2006 को दोनों को तलब किया था। दोनों के खिलाफ 13 जनवरी 2023 को आरोप तय हुआ था। अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाहों को पेश किया गया। इसके साथ ही अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। दोनों पक्षों के तर्को को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज ने अखिल व अन्नू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इससे पूर्व पप्पू यादव को इसी मामले में सजा हो चुकी है। मेघनाथ की मौत हो चुकी है।