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चीनी मिल पर भुगतान में विलंब की गाज गिरी

Tue, 08 Sep 2015 11:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई Updated Tue, 08 Sep 2015 11:52 PM IST
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The lightning struck a delay in payment on the sugar mill

जिले की चार चीनी मिलों पर बकाया गन्ना किसानों का

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भुगतान प्रदेश सरकार द्वारा चीनी मिलों को दी गई आर्थिक सहायता के बावजूद नहीं किया जा रहा है। इनमें बघौली स्थित चीनी मिल की स्थित ज्यादा खराब है। यहां रिसीवर बैठाने के बावजूद भुगतान न होने पर गन्ना विभाग ने चीनी मिल पर 2.15 करोड़ रुपये का ब्याज लगा दिया है, जिससे चीनी मिल प्रबंधन में खलबली मच गई।

शासन द्वारा घोषित 28.60 रुपये प्रति क्विंटल की सहायता राशि को लेकर बघौली चीनी मिल के लिए 3.83 करोड़ की धनराशि जारी किए, जबकि अन्य तीन चीनी मिलों को 8.60 रुपये के हिसाब से 13 करोड़ की धनराशि दी जा चुकी है और उनके लिए शेष 20 रुपये प्रति क्विंटल की राशि शीघ्र आने की संभावना है।

इसके बाद भी चीनी मिलें किसानों के खून पसीने की कमाई पर कुंडली मारकर बैठी हुई हैं। किसानों का अपना ही पैसा उन्हें नहीं मिल पा रहा है। ज्ञात हो कि नियमानुसार गन्ना मूल्य का भुगतान गन्ने की तौल होने के 15 दिनों के भीतर हो जाना चाहिए, पर यहां तो चीनी मिलों का पेराई सत्र समाप्त हुए चार माह से ज्यादा का समय हो गया है और नवंबर माह में नया सत्र शुरू होने वाला है, पर अभी तक पुराना बकाया गन्ना मूल्य भुगतान हीं न हो सका है।

इसमें रूपापुर चीनी मिल पर करीब 1478.85 लाख रुपये और लोनी स्थित चीनी मिल पर 1780.31 लाख एवं हरियावां स्थित चीनी मिल पर करीब 2235.41 लाख तथा बघौली स्थित चीनी मिल पर करीब 2524.84 लाख रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किसानों का बकाया है।

बघौली चीनी मिल पर करीब दो करोड़ 15 लाख का ब्याज भी लग गया है, क्योंकि मिल द्वारा अन्य मिलों की तरह 240 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भी पूरा भुगतान नहीं किया गया। ज्ञात हो कि किसानों को 280 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गन्ना मूल्य भुगतान करने के बाद से लगातार चीनी मिलें किसानों के हक और हितों के साथ खिलवाड़ कर रही हैं।

जैसा कि गन्ना विभाग के सूत्रों ने बताया कि चीनी मिले 240 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान करना चाहती थी, पर सरकार द्वारा बोनस के तौर पर बढ़ाए गए 40 रुपये भुगतान को लेकर चीनी मिलों ने भुगतान में खेल करना शुरू कर दिया। हालांकि, बघौली चीनी मिल को छोड़कर डीएससीएल ग्रुप की तीनों मिलों ने 240 रुपये के हिसाब से पूरा भुगतान करने का दावा किया है और उन पर बकाया राशि 40 रुपये प्रति क्विंटल के अनुसार है।

इस 40 रुपये को लेकर चीनी मिलों की भुगतान में मनमानी को लेकर शासन ने 28.60 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से सहायता राशि देने का ऐलान किया था और इस क्रम में जहां बघौली चीनी मिल के लिए पूरी धनराशि जारी हो चुकी है, वहीं डीसीसीएल ग्रुप को हरदोई के लिए 13 करोड़ रुपये मिल चुके हैं, पर इसके बाद भी चीनी मिलों पर बकाया भुगतान शत प्रतिशत नहीं हो पा रहा है। 

उध्ार, जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि बघौली चीनी मिल पर 240 रुपये के हिसाब से बकाया धनराशि पर करीब दो करोड़ 15 लाख रुपये ब्याज लग चुका है। इसको लेकर शासन के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। बघौली सहित सभी चारों चीनी मिलों पर गन्ना बकाया मूल्य करीब 80 करोड़ रुपये है। जिसका भुगतान कराने के लिए प्रयास किए जा रहे है। बघौली चीनी मिल की भुगतान स्थित होने के चलते रिसीवर तैनात हुए थे। चीनी की बिक्री रिसीवर की निगरानी में कराकर भुगतान कराया जा रहा है।

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