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Hardoi News: वित्तीय वर्ष बीत गया और रुपये न मिलने से काम अधूरा

Tue, 01 Apr 2025 11:01 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 01 Apr 2025 11:01 PM IST
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The financial year has passed and the work is incomplete due to non-receipt of funds
हरदोई। वित्तीय वर्ष 2024-25 भी बीत गया। संडीला में आईटीआई का काम रुपये के अभाव में करीब आठ माह से बंद है।
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ऐसे ही बिलग्राम में बहुउद्देशीय बीज भंडार और किसान कल्याण केंद्र का भी काम करीब छह माह से ठप है। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में बजट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन 31 मार्च तक रुपये आवंटित न होने से यह वित्तीय वर्ष भी बीत गया। रुपये न मिलने से काम अधूरा रह गया।
नगर पालिका संडीला में प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम में आईटीआई की स्थापना कराई जानी है। क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा दिलाने के साथ ही उनके कौशल में विकास किए जाने के लिए आईटीआई की स्थापना के लिए शासन ने 11,23,18,000 रुपये की स्वीकृति दी। काम कराने के लिए कुल 5,61,58,550 रुपये दिए गए हैं।
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इसमें भारत सरकार के 3,36,95,000 रुपये और राज्य सरकार के 2,24,63,000 रुपये शामिल हैं। संडीला में आईटीआई की स्थापना अल्पसंख्यक बाहुल निकाय होने के चलते कराई जानी है। कार्यदायी संस्था के तौर पर उप्र समाज कल्याण निर्माण निगम लि. ने पहली किस्त मिलने पर काम कराया। पहली किस्त के रुपये खर्च होने के बाद से दूसरी किस्त करीब तीन वित्तीय वर्ष बीतने के बाद भी नहीं मिली। इससे यह वित्तीय वर्ष भी गया और आईटीआई का काम अधूरा रह गया।
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किसानों की आमदनी दोगुनी करने के संकल्प के साथ ही शासन ने बिलग्राम में बहुउद्देशीय बीज भंडार किसान कल्याण केंद्र की स्थापना को वित्तीय वर्ष 2024-25 में काम कराने के लिए 1,22,00,000 रुपये की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दी। शासन ने उप्र राज्य निर्माण और श्रम विकास सहकारी संघ लि. को काम कराने की जिम्मेदारी दी। शासन ने काम कराने के लिए पहली किस्त में 60,00,000 रुपये भी दे दिए। काम शुरू कराया गया, लेकिन दूसरी किस्त न मिलने से भवन निर्माण अधूरा है।
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यह भी रह गए अधूरे
पुलिस लाइन में ट्रांजिट हॉस्टल जी-12 का काम होना है। इसके लिए 22,41,00,000 रुपये की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति हुई। शासन ने 14,94,00,000 रुपये पहली किस्त में मिले। काम गुणवत्तापूर्ण न होने पर काम करा रही लखनऊ की फर्म पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। इससे पहली किस्त में ही मिले रुपये में 11,11,00,000 रुपये ही खर्च हो सके। पहली किस्त खर्च न होने से दूसरी किस्त में रुपये नहीं मिल सके।

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संडीला आईटीआई के लिए कई बार शासन को पत्र लिखा जा चुका है। ऐसे अन्य स्वीकृत परियोजनाओं पर दूसरी किस्त के लिए पहले से ही प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन किन्हीं वजहों से रुपये नहीं मिल पाए। इस वित्तीय वर्ष में रुपये आवंटित कराने के लिए कार्यदायी संस्थाओं को तेजी से प्रयास करने के लिए कहा जाएगा। ताकि काम पूरा हो सके और लोगों को उनका लाभ मिलना शुरू हो जाए। -मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी
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