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भूकंप के साथ नरम पड़ा मौसम, पारा 32 पर
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sun, 26 Apr 2015 11:48 PM IST
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शनिवार से चल रही तेज हवाओं के चलते रविवार को पारा
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लुढ़क कर 32 डिग्री पर अटक गया। जिसके चलते लोगों ने राहत की सांस ली है।
उधर, ठंडे हुए मौसम और बदली छाने के चलते अन्नदाताआें के माथे पर चिंता की
लकीरें एक बार फिर दिखने लगी हैं।
जिले में 41 डिग्री पर पहुंच चुके पारे ने जहां लोगाें को बिलबिलाने पर मजबूर कर रखा था, वहीं पिछले दो दिनों से जिलेवासियों को मौसम ने राहत दे रखी है। पारा एकदम से काफी लुढ़क गया है। रविवार को पारा अधिकतम जहां 32 डिग्री रिकार्ड किया गया, वहीं न्यूनतम 20 डिग्री पर रहा।
मौसम वैज्ञानिक जयशंकर मिश्रा ने बताया कि दो दिन पूर्व ही शुक्रवार को तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस था। लोग गरमी से बेहाल दिख रहे थे। यदि यह कहें कि आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो रहा था, तो गलत न होगा, पर शनिवार से मौसम ने करवट ली है।
भूकंप के झटकों के साथ ही तेज चली हवाओं ने मौसम को नरम किया है। उन्होंने संभावना व्यक्त की जल्द ही बारिश के आसार है। इधर, मौसम को नरम और बदली देख उन अन्नदाताओं के माथे पर चिंता की लकीरें दिखने लगी हैं, जो अभी तक खेतों से बचीखुची फसल को काटने की व्यवस्था नहीं बना पाए हैं।
जिले में 41 डिग्री पर पहुंच चुके पारे ने जहां लोगाें को बिलबिलाने पर मजबूर कर रखा था, वहीं पिछले दो दिनों से जिलेवासियों को मौसम ने राहत दे रखी है। पारा एकदम से काफी लुढ़क गया है। रविवार को पारा अधिकतम जहां 32 डिग्री रिकार्ड किया गया, वहीं न्यूनतम 20 डिग्री पर रहा।
मौसम वैज्ञानिक जयशंकर मिश्रा ने बताया कि दो दिन पूर्व ही शुक्रवार को तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस था। लोग गरमी से बेहाल दिख रहे थे। यदि यह कहें कि आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो रहा था, तो गलत न होगा, पर शनिवार से मौसम ने करवट ली है।
भूकंप के झटकों के साथ ही तेज चली हवाओं ने मौसम को नरम किया है। उन्होंने संभावना व्यक्त की जल्द ही बारिश के आसार है। इधर, मौसम को नरम और बदली देख उन अन्नदाताओं के माथे पर चिंता की लकीरें दिखने लगी हैं, जो अभी तक खेतों से बचीखुची फसल को काटने की व्यवस्था नहीं बना पाए हैं।