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साझा प्रयासों से साकार होगा विकसित भारत का सपना : रजनी तिवारी
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फोटो-36- जीडीसी पिहानी में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद वक्ता व अन्य। संवाद
पिहानी। राजकीय महाविद्यालय में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ शनिवार को हुआ। विकसित भारत 2047 समावेशी विकास, सतत और वैश्विक नेतृत्व की राहें विषय पर आयोजित सम्मेलन में भूटान व नेपाल समेत देश के विद्वान जुटे। उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए प्रत्येक वर्ग अपनी जिम्मेदारी तय करे। उच्च शिक्षा संस्थानों की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
यूनिवर्सिटी ऑफ भूटान से आए प्रो. प्राण कुमार कौल ने क्षेत्रीय और वैश्विक शैक्षिक सहयोग की आवश्यकता पर जोर देते हुए युवा शक्ति का सही इस्तेमाल करने की सलाह दी। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ के सांख्यिकी विभाग से आए मुख्य वक्ता डॉ. सुभाष कुमार यादव ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए डेटा-आधारित अनुसंधान और सटीक नीति निर्माण अत्यंत आवश्यक है। शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ की विषय विशेषज्ञ प्रो. राशि कृष्ण सिन्हा ने कहा कि बिना समावेशी शिक्षा के सतत विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।
बस्ती की क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. शहला नुसरत किदवई ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता उन्नयन व अवसर विस्तार पर अपने विचार दिए। नेपाल से पधारे वक्ता प्रो. संजीव बाबू, डॉ. गणेश पौडयाल, डॉ. रंजीता अधिकारी और डॉ. सबिता लमसल ने विचार प्रस्तुत किए। राजकीय महाविद्यालय पिहानी के प्राचार्य प्रो. गगन कुमार सहित समन्वयक डॉ. सुरेश कुमार, सह-समन्वयक डॉ. दयाल शरण और सचिव डॉ. सुरेन्द्र कुमार ने व्यवस्थाएं देखीं। संचालन प्रो. प्रीति वाजपेयी ने किया। प्राचार्य ने रविवार को होने वाले तकनीकी सत्रों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविद, शोधार्थी व विद्यार्थी व प्रबुद्धजन मौजूद रहे। स्मारोहक डॉ. सुरेश में आभार जताया।
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यूनिवर्सिटी ऑफ भूटान से आए प्रो. प्राण कुमार कौल ने क्षेत्रीय और वैश्विक शैक्षिक सहयोग की आवश्यकता पर जोर देते हुए युवा शक्ति का सही इस्तेमाल करने की सलाह दी। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ के सांख्यिकी विभाग से आए मुख्य वक्ता डॉ. सुभाष कुमार यादव ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए डेटा-आधारित अनुसंधान और सटीक नीति निर्माण अत्यंत आवश्यक है। शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ की विषय विशेषज्ञ प्रो. राशि कृष्ण सिन्हा ने कहा कि बिना समावेशी शिक्षा के सतत विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।
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बस्ती की क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. शहला नुसरत किदवई ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता उन्नयन व अवसर विस्तार पर अपने विचार दिए। नेपाल से पधारे वक्ता प्रो. संजीव बाबू, डॉ. गणेश पौडयाल, डॉ. रंजीता अधिकारी और डॉ. सबिता लमसल ने विचार प्रस्तुत किए। राजकीय महाविद्यालय पिहानी के प्राचार्य प्रो. गगन कुमार सहित समन्वयक डॉ. सुरेश कुमार, सह-समन्वयक डॉ. दयाल शरण और सचिव डॉ. सुरेन्द्र कुमार ने व्यवस्थाएं देखीं। संचालन प्रो. प्रीति वाजपेयी ने किया। प्राचार्य ने रविवार को होने वाले तकनीकी सत्रों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविद, शोधार्थी व विद्यार्थी व प्रबुद्धजन मौजूद रहे। स्मारोहक डॉ. सुरेश में आभार जताया।
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