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हरियावां-पेंग मार्ग की हालत खस्ता
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हरियावां। हरियावां-गोपामऊ से पेंग मार्ग की हालत बेहद खराब है, जबकि हरियावां ब्लॉक होने के अलावा चीनी मिल भी लगी है। पेंग से हरियावां की दूरी 12 किलोमीटर है, जिसे तय करने में ट्रैक्टर-ट्राली से किसानों को दो घंटे लग रहे हैं। वहीं बाइक से एक घंटा लग रहा है।
हरियावां ब्लॉक होने से गोपामऊ समेत आसपास की कई ग्राम सभाओं के लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में इस रोड के खराब होने से लोगों को आने में परेशानी होती है।
हरियावां-पेंग के बीच एक दर्जन से अधिक गांव हैं। इसमें प्रतिदिन लगभग 10 हजार लोगों का आना-जाना है। वहीं गन्ना किसानों को ट्रैक्टर-ट्रॉली से हरियावां चीनी मिल जाना पड़ता है।
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हरियावां-पेंग की दूरी महज 12 किमी है, जिसको तय करने के लिए गन्ना किसानों को दो घंटे लगते हैं। कई बार इस मार्ग को बनवाने के लिए ग्रामीणों ने अफसरों को पत्र दिया है, लेकिन सड़क का डामरीकरण नहीं किया गया। ग्रामीणों की माने तो इस मार्ग पर टुकड़ों में डामरीकरण किया जाता है।
इस समय कपूरापुर, अछुआपुर, थमरवा आदि गांव में की हालत दयनीय है। ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि मुनेंद्र सिंह ने बताया कि इस मार्ग पर सबसे अधिक आवाजाही है।
पूर्व प्रधान पेंग ओम प्रकाश यादव ने बताया कि इस मार्ग के लिए कई बार विकास खंड अधिकारी के अलावा जिले के कई अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन मार्ग का गड्ढा मुक्त नहीं किया जा सका।
पूर्व प्रधान पैढ़ाई हाफिज ने बताया कि इस मार्ग से लगभग 50 हजार आबादी को लाभ मिलेगा। अनुराग मिश्रा निवासी आछुआपुर ने बताया हरियावां-पेंग मार्ग खंड में करके बनाया जाता है। इसको एक साथ बनाया जाए, जिससे ग्रामीणों को कुछ दिन के लिए गड्ढों से मुक्ति मिल जाए।
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हरियावां ब्लॉक होने से गोपामऊ समेत आसपास की कई ग्राम सभाओं के लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में इस रोड के खराब होने से लोगों को आने में परेशानी होती है।
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हरियावां-पेंग के बीच एक दर्जन से अधिक गांव हैं। इसमें प्रतिदिन लगभग 10 हजार लोगों का आना-जाना है। वहीं गन्ना किसानों को ट्रैक्टर-ट्रॉली से हरियावां चीनी मिल जाना पड़ता है।
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हरियावां-पेंग की दूरी महज 12 किमी है, जिसको तय करने के लिए गन्ना किसानों को दो घंटे लगते हैं। कई बार इस मार्ग को बनवाने के लिए ग्रामीणों ने अफसरों को पत्र दिया है, लेकिन सड़क का डामरीकरण नहीं किया गया। ग्रामीणों की माने तो इस मार्ग पर टुकड़ों में डामरीकरण किया जाता है।
इस समय कपूरापुर, अछुआपुर, थमरवा आदि गांव में की हालत दयनीय है। ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि मुनेंद्र सिंह ने बताया कि इस मार्ग पर सबसे अधिक आवाजाही है।
पूर्व प्रधान पेंग ओम प्रकाश यादव ने बताया कि इस मार्ग के लिए कई बार विकास खंड अधिकारी के अलावा जिले के कई अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन मार्ग का गड्ढा मुक्त नहीं किया जा सका।
पूर्व प्रधान पैढ़ाई हाफिज ने बताया कि इस मार्ग से लगभग 50 हजार आबादी को लाभ मिलेगा। अनुराग मिश्रा निवासी आछुआपुर ने बताया हरियावां-पेंग मार्ग खंड में करके बनाया जाता है। इसको एक साथ बनाया जाए, जिससे ग्रामीणों को कुछ दिन के लिए गड्ढों से मुक्ति मिल जाए।