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विधानसभा में उठाया जाएगा नवजात की मौत का मामला
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Sun, 03 Jul 2016 11:57 PM IST
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विधायक
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई। कब्रिस्तान के बाहर मिली नवजात के इलाज में लापरवाही का मामला विधानसभा में उठाया जाएगा। यह बात शनिवार को बसपा विधायक ब्रजेश वर्मा और रजनी तिवारी ने कही। दोनों विधायकों ने कहा कि जिले की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से लचर हैं। जिला अस्पतालों में भी मरीज को इलाज नहीं मिल पा रहा है। इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री से जवाब मांगा जाएगा।
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माधौगंज थाना क्षेत्र के परनखा गांव स्थित कब्रिस्तान के बाहर गुरुवार को नवजात लावारिस पड़ी मिली थी। गांव की आशा उसे माधौगंज सीएचसी ले गई, जहां से जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। महिला अस्पताल और जिला संयुक्त अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से बच्ची की जान चली गई। इस मामले में नर्स सरिता और परनखा गांव की आशा पर अधिकारियों की नजर टेढ़ी हैं।
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मल्लावां से बसपा विधायक ब्रजेश वर्मा के क्षेत्र में परनखा गांव आता है। अपने क्षेत्र की आशा और नर्स पर अधिकारियों का शिकंजा कसने की तैयारी की खबर छपने के बाद विधायक ब्रजेश ने फोन पर कहा कि नवजात की मौत डॉक्टरों की लापरवाही से हुई है। जिला स्तर के दोनों अस्पतालों के डॉक्टर मनमानी करते हैं। किसी छोटे कर्मचारी पर बेवजह गाज नहीं गिरने दी जाएगी। नवजात की मौत का मामला मानसून सत्र में विधानसभा में उठाकर जांच रिपोर्ट सदन में तलब कराऊंगा। लापरवाह डॉक्टरों पर हरहाल में कार्रवाई होनी चाहिए।
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सवायजपुर से बसपा विधायक रजनी तिवारी ने कहा कि नवजात बच्ची की इलाज के अभाव में मौत का मामला बहुत ही संवेदनशील है। पूरे जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। भले ही मेरे क्षेत्र का मामला नहीं है लेकिन इस मामले को मानसून सत्र में उठाऊंगी।
किसी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होनी दी जाएगी
सपा से निलंबित विधायक श्याम प्रकाश ने कहा कि अभी मैं बाहर हूं। समर्थकों से थोड़ी जानकारी मिली है। आज लौटने पर पूरा मामला पता करूंगा। अगर किसी निर्दोष को बलि का बकरा बनाया गया तो सदन में आवाज जरूर उठाऊंगा।
डीएम को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं : नितिन
सदर विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि पहले दिन से ही मैं प्रकरण पर नरज रखे हूं। इलाज में लापरवाही से नवजात की मौत की जानकारी मिलने से संचालक स्वास्थ्य और डीएम को जांच का निर्देश दिया था। सिटी मजिस्ट्रेट जांच कर रहे हैं। मैने आज भी डीएम से निष्पक्ष जांच और किसी निर्दोष पर कार्रवाई न होने की चेतावनी दी है। जो भी दोषी होगा उसे सजा मिलेगी। जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हैं, जल्द ही नया ट्रामा सेंटर और 100 बिस्तरों वाला अस्पताल भी शुरू हो जाएगा।
72 घंटे की औपचारिकता में गल गया शव
हरदोई। कब्रिस्तान के बाहर मिले नवजात बच्ची के शव का रविवार को पोस्टमार्टम कराया गया। 72 घंटे की औपचारिकता में शव पूरी तरह से गल चुका था। पोस्टमार्टम में महज खानापूरी ही की गई। पोस्टमार्टम हाउस के कर्मियों ने शव को हरदोई-सीतापुर बाईपास के पास मरघट में दफना दिया।
हार्ड एंड फास्ट नहीं है 72 घंटे का नियम : अधिवक्ता रामअवतार
अधिवक्ता राम अवतार शुक्ला का कहना है कि लावारिस शव को 72 घंटे रखने का कोई हार्ड एंड फास्ट नियम नहीं है। शव की शिनाख्त हो जाए इसलिए कम से कम 72 घंटे शव रखवाया जाता है। जिस बच्ची को उसके मां व परिवार ने पैदा होते ही फेंक दिया हो उसकी शिनाख्त को कौन आएगा। पुलिस अधिकारी फोटो करवाकर अपने विवेक पर पोस्टमार्टम करावा सकते थे। अगर शव रखना इतना ही जरूरी था तो उसे फ्रीजर में रखवाया जाता या उस पर ऐसा लेप लगाया जाता जिससे शव गलता नहीं। पुलिस ने शव के साथ लापरवाही बरत कर मानवाधिकार का भी उल्लंघन किया है।