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Hardoi News: 2800 उपभोक्ताओं की अंधेरे में कटी रात, रामगंगा में कटान जारी
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फोटो 33: रामगंगा नदी के पानी से सुरजूपुर दुर्जना में खेतों का होता कटान। संवाद
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हरपालपुर। कटियारी क्षेत्र के बेड़ीजोर स्थित रामगंगा नदी के पुल के नीचे से निकली हाईटेंशन लाइन के पांच पोल पानी की धार से उखड़ गए। पावर कॉरपोरेशन निगम ने शनिवार को ही 77 गांवों की बिजली आपूर्ति बंद करा दी थी। इससे करीब 2800 उपभोक्ताओं की रात अंधेरे में कटी। वहीं रविवार को भी रामगंगा के पानी से कटान जारी है।
कटियारी क्षेत्र में रामगंगा के पानी से इन पोल के उखड़ने से पहले ही निगम ने नदी पार के अरवल, कटरी छोछपुर, दहेलिया, बारामऊ, मुरबा शहाबुद्दीनपुर, मोर्चा आदि ग्राम पंचायत और उनके मजरों समेत 77 गांवों की बिजली काट दी थी। इससे करीब 2800 उपभोक्ता प्रभावित हुए। पलिया विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि नदी में ही कुछ दूरी पर दूसरी डीपी है। रविवार को इस डीपी से इन गांवों की बिजली जोड़ने के लाइनमैन को निर्देश दिए गए थे। नदी का जलस्तर बढ़ने और कटान तेज होने के कारण लाइन स्टाफ ने हाथ खड़े कर दिए।
बिजली के अभाव में अंधेरे में रहने को मजबूर रामगंगा पार के लोग
मुरबा शहाबुद्दीनपुर गांव निवासी शिबू खान ने बताया कि बिजली न आने से गर्मी में बच्चे परेशान हैं। बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है।
भुलभुलियापुर गांव निवासी सर्वेश कुमार ने बताया कि आपूर्ति बंद होने से उमस भरी गर्मी से जूझना पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई चौपट होगी। बताया कि सोलर प्लेट या कारखाने पर जाकर मोबाइल चार्ज कर रहे हैं।
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मोर्चा रामनगर के रामशंकर ने बताया कि पहले रोशनी के लिए कोटेदारों से मिट्टी का तेल मिल जाता था। अब बिजली के अभाव में रात को उजाला न होने से सांप, जंगली जानवर की समस्याएं बनी हुई हैं।
तिवारीपुरवा के रामजी ने बताया कि बिजली कटने से गर्मी में पंखे, घरेलू फ्रिज नहीं चल पा रहे हैं। बच्चे, बड़े और बूढ़े बीमार हो रहे हैं।
अपर जिलाधिकारी ने घाटों का निरीक्षण कर बाढ़ की तैयारियां देखीं
अपर जिलाधिकारी दीपाली भार्गव ने रविवार को कुसुमखोर और चियासर गंगा नदी के घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने सावन के अंतिम सोमवार के दृष्टिगत नदी के घाट पर बैरिकेडिंग देखी। नदी के बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर राजस्व कर्मियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। कहा कि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की जीवन सुरक्षा के लिए प्रशासन तैयार है। सवायजपुर उप जिलाधिकारी शिवानी सिंह, तहसीलदार विनोद कुमार ने बताया कि पानी बढ़ने के साथ क्षेत्र की श्रीमऊ, दहेलिया व चौंसार की बाढ़ चौकियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। इस मौके पर नायब तहसीलदार राजेश कुमार पटेल, दहेलिया ग्राम पंचायत के प्रशासक के पति उवैश आलम पम्मी आदि मौजूद रहे।
बैराजों से गर्रा और गंगा नदी में छोड़ा गया 1.29 लाख क्यूसेक पानी
बैराजों से पानी छोड़े जाने का क्रम जारी है। रविवार को गंगा नदी में नरौरा बैराज से 1,28,716 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गर्रा में पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 840 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं गंगा नदी का पानी राजघाट पर 10 सेंटीमीटर बढ़ा और 126 मीटर गेज पर आ गया है। यह चेतावनी बिंदु से करीब 70 सेंटीमीटर ऊपर है। फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर गंगा नदी का पानी चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर गेज से 45 सेंटीमीटर ऊपर 137.05 मीटर पर बना हुआ है। रामगंगा का पानी शाहजहांपुर के हुल्लापुर घाट पर 135.95 मीटर और गर्रा नदी का पानी शाहजहांपुर के मुमोक्ष आश्रम घाट पर 144.90 मीटर गेज पर बना हुआ है।
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कटियारी क्षेत्र में रामगंगा के पानी से इन पोल के उखड़ने से पहले ही निगम ने नदी पार के अरवल, कटरी छोछपुर, दहेलिया, बारामऊ, मुरबा शहाबुद्दीनपुर, मोर्चा आदि ग्राम पंचायत और उनके मजरों समेत 77 गांवों की बिजली काट दी थी। इससे करीब 2800 उपभोक्ता प्रभावित हुए। पलिया विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि नदी में ही कुछ दूरी पर दूसरी डीपी है। रविवार को इस डीपी से इन गांवों की बिजली जोड़ने के लाइनमैन को निर्देश दिए गए थे। नदी का जलस्तर बढ़ने और कटान तेज होने के कारण लाइन स्टाफ ने हाथ खड़े कर दिए।
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बिजली के अभाव में अंधेरे में रहने को मजबूर रामगंगा पार के लोग
मुरबा शहाबुद्दीनपुर गांव निवासी शिबू खान ने बताया कि बिजली न आने से गर्मी में बच्चे परेशान हैं। बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है।
भुलभुलियापुर गांव निवासी सर्वेश कुमार ने बताया कि आपूर्ति बंद होने से उमस भरी गर्मी से जूझना पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई चौपट होगी। बताया कि सोलर प्लेट या कारखाने पर जाकर मोबाइल चार्ज कर रहे हैं।
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मोर्चा रामनगर के रामशंकर ने बताया कि पहले रोशनी के लिए कोटेदारों से मिट्टी का तेल मिल जाता था। अब बिजली के अभाव में रात को उजाला न होने से सांप, जंगली जानवर की समस्याएं बनी हुई हैं।
तिवारीपुरवा के रामजी ने बताया कि बिजली कटने से गर्मी में पंखे, घरेलू फ्रिज नहीं चल पा रहे हैं। बच्चे, बड़े और बूढ़े बीमार हो रहे हैं।
अपर जिलाधिकारी ने घाटों का निरीक्षण कर बाढ़ की तैयारियां देखीं
अपर जिलाधिकारी दीपाली भार्गव ने रविवार को कुसुमखोर और चियासर गंगा नदी के घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने सावन के अंतिम सोमवार के दृष्टिगत नदी के घाट पर बैरिकेडिंग देखी। नदी के बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर राजस्व कर्मियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। कहा कि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की जीवन सुरक्षा के लिए प्रशासन तैयार है। सवायजपुर उप जिलाधिकारी शिवानी सिंह, तहसीलदार विनोद कुमार ने बताया कि पानी बढ़ने के साथ क्षेत्र की श्रीमऊ, दहेलिया व चौंसार की बाढ़ चौकियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। इस मौके पर नायब तहसीलदार राजेश कुमार पटेल, दहेलिया ग्राम पंचायत के प्रशासक के पति उवैश आलम पम्मी आदि मौजूद रहे।
बैराजों से गर्रा और गंगा नदी में छोड़ा गया 1.29 लाख क्यूसेक पानी
बैराजों से पानी छोड़े जाने का क्रम जारी है। रविवार को गंगा नदी में नरौरा बैराज से 1,28,716 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गर्रा में पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 840 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं गंगा नदी का पानी राजघाट पर 10 सेंटीमीटर बढ़ा और 126 मीटर गेज पर आ गया है। यह चेतावनी बिंदु से करीब 70 सेंटीमीटर ऊपर है। फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर गंगा नदी का पानी चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर गेज से 45 सेंटीमीटर ऊपर 137.05 मीटर पर बना हुआ है। रामगंगा का पानी शाहजहांपुर के हुल्लापुर घाट पर 135.95 मीटर और गर्रा नदी का पानी शाहजहांपुर के मुमोक्ष आश्रम घाट पर 144.90 मीटर गेज पर बना हुआ है।

फोटो 33: रामगंगा नदी के पानी से सुरजूपुर दुर्जना में खेतों का होता कटान। संवाद

फोटो 33: रामगंगा नदी के पानी से सुरजूपुर दुर्जना में खेतों का होता कटान। संवाद

फोटो 33: रामगंगा नदी के पानी से सुरजूपुर दुर्जना में खेतों का होता कटान। संवाद

फोटो 33: रामगंगा नदी के पानी से सुरजूपुर दुर्जना में खेतों का होता कटान। संवाद

फोटो 33: रामगंगा नदी के पानी से सुरजूपुर दुर्जना में खेतों का होता कटान। संवाद