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Hardoi News: डायलिसिस सेंटर में रात भर बंद रहा जानवर, मशीन का तार काटा, चादरें फाड़ डाला
Sat, 22 Mar 2025 10:54 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Sat, 22 Mar 2025 10:54 PM IST
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मरीजों की डायलिसिस के बाद रात सवा नौ बजे बंद किया गया सेंटर्र
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मेडिकल कॉलेज के डायलिसिस सेंटर में बृहस्पतिवार की रात को एक जानवर बंद हो गया। सेंटर का दरवाजा बाहर से बंद होने पर जानवर रात भर चिल्लाता रहा। निकलने की कोशिश में उसने एक मशीन का तार काट दिया और बेड़ों पर पड़ी कई चादरों को फाड़ डाला। सुबह सेंटर खुलने के बाद ही जानवर निकल सका। इसके बाद कर्मचारियों ने साफ सफाई की।
किडनी के मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस की सहूलियत है। डायलिसिस सेंटर सुबह नौ बजे से रात नौ बजे तक डायलिसिस होती है। रात नौ बजे के बाद सेंटर बंद कर कर्मचारी भी चले जाते हैं। बृहस्पतिवार को भी कर्मचारी रात में सवा नौ बजे के करीब मरीजों की डायलिसस कर चले गए और सेंटर को बाहर से बंद कर दिया। सेंटर बंद होने के करीब आधे घंटे के बाद उसे से एक जानवर के चिल्लाने की आवाज आने लगी। दरवाजा बंद होने से वह बाहर नहीं निकल सका और रात भर चिल्लाता रहा। इससे आसपास पैथोलाॅजी के आसपास सोने वाले तीमारदारों की नींद भी पूरी नहीं हो सकी। सुबह जब सेंटर खुला तो वह जानवर तो निकल कर भाग गया।लेकिन रात भर में उसने एक केबल को काट दिया और चादरें फाड़ दी। कर्मचारियों ने तार को जोड़ लिया और चादरें हटवा दीं। सेंटर प्रभारी आयुष यादव ने फिलहाल किसी जानवर के बंद न होने की बात कही है।
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हरदोई। मेडिकल कॉलेज के डायलिसिस सेंटर में बृहस्पतिवार की रात को एक जानवर बंद हो गया। सेंटर का दरवाजा बाहर से बंद होने पर जानवर रात भर चिल्लाता रहा। निकलने की कोशिश में उसने एक मशीन का तार काट दिया और बेड़ों पर पड़ी कई चादरों को फाड़ डाला। सुबह सेंटर खुलने के बाद ही जानवर निकल सका। इसके बाद कर्मचारियों ने साफ सफाई की।
किडनी के मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस की सहूलियत है। डायलिसिस सेंटर सुबह नौ बजे से रात नौ बजे तक डायलिसिस होती है। रात नौ बजे के बाद सेंटर बंद कर कर्मचारी भी चले जाते हैं। बृहस्पतिवार को भी कर्मचारी रात में सवा नौ बजे के करीब मरीजों की डायलिसस कर चले गए और सेंटर को बाहर से बंद कर दिया। सेंटर बंद होने के करीब आधे घंटे के बाद उसे से एक जानवर के चिल्लाने की आवाज आने लगी। दरवाजा बंद होने से वह बाहर नहीं निकल सका और रात भर चिल्लाता रहा। इससे आसपास पैथोलाॅजी के आसपास सोने वाले तीमारदारों की नींद भी पूरी नहीं हो सकी। सुबह जब सेंटर खुला तो वह जानवर तो निकल कर भाग गया।लेकिन रात भर में उसने एक केबल को काट दिया और चादरें फाड़ दी। कर्मचारियों ने तार को जोड़ लिया और चादरें हटवा दीं। सेंटर प्रभारी आयुष यादव ने फिलहाल किसी जानवर के बंद न होने की बात कही है।
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