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शिक्षक के सेवा अभिलेख गायब, तत्कालीन लिपिक पर रिपोर्ट
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हरदोई। शिक्षा विभाग में अभी तक अभिलेखों में फेरबदल होते थे, अब तो सेवा अभिलेख ही गायब हो रहे हैं। पिहानी ब्लाक में ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया तो बीएसए के निर्देश पर बीईओ ने उप बेसिक कार्यालय के तत्कालीन बाबू के खिलाफ शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है।
पिहानी ब्लाक में शिक्षक रहे शाकिर अली की पत्नी बिलकीस ने बताया कि उनके पति का स्वर्गवास हो चुका है। वह पेंशन के लिए क्लेम करना चाहतीं हैं, लेकिन उप बेसिक शिक्षा कार्यालय के जिम्मेदारों ने ऐसे किसी शिक्षक के बारे में मालूम होने से इनकार कर दिया। कार्यालय का कई बार चक्कर काटा। संबंधित लिपिक सुधीर कुमार मिश्र, सुरेश पाल, विकास मिश्रा, सुभाष सिंह, अमित कुमार मिश्रा, अवनिंद्र वर्मा से वह जब भी मिलतीं उन्हें यही जवाब मिलता कि इस नाम का कोई शिक्षक उनके समय में नहीं रहा।
थक हारकर उन्होंने बीएसए के यहां चक्कर लगाना शुरू किया तो बीईओ अमर सिंह राणा को प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने सितंबर 2020 में सभी बाबुओं को बुलाकर इस संबंध में पूछा तो सभी ने यही जवाब दिया कि उनके समय में इस नाम के किसी भी शिक्षक की भर्ती नहीं हुई। इससे तंग आकर पीड़िता ने कोर्ट का सहारा लिया। इधर बीएसए हेमंत राव ने संबंधित बाबू के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर बीईओ ने कोतवाली शहर में तत्कालीन लिपिक सुधीर कुमार मिश्रा (अब सेवानिवृत्त) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। कोतवाली निरीक्षक जगदीश यादव ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
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वर्ष 1980 से पहले भर्ती हुए, फिर हो गए लापता
उप बेसिक शिक्षा कार्यालय के बाबुओं का कहना है कि मामला हैरान करने वाला है, लेकिन एक तथ्य यह भी है कि यह शिक्षक 1980 से पहले तैनात हुए थे। कुछ समय तक शिक्षक रहे, बाद में लापता हो गए। अब उनकी पत्नी आकर कह रहीं हैं कि पेंशन के लिए क्लेम करना है, लेकिन कार्यालय में उनके अभिलेख नहीं मिल रहे हैं।
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पिहानी ब्लाक में शिक्षक रहे शाकिर अली की पत्नी बिलकीस ने बताया कि उनके पति का स्वर्गवास हो चुका है। वह पेंशन के लिए क्लेम करना चाहतीं हैं, लेकिन उप बेसिक शिक्षा कार्यालय के जिम्मेदारों ने ऐसे किसी शिक्षक के बारे में मालूम होने से इनकार कर दिया। कार्यालय का कई बार चक्कर काटा। संबंधित लिपिक सुधीर कुमार मिश्र, सुरेश पाल, विकास मिश्रा, सुभाष सिंह, अमित कुमार मिश्रा, अवनिंद्र वर्मा से वह जब भी मिलतीं उन्हें यही जवाब मिलता कि इस नाम का कोई शिक्षक उनके समय में नहीं रहा।
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थक हारकर उन्होंने बीएसए के यहां चक्कर लगाना शुरू किया तो बीईओ अमर सिंह राणा को प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने सितंबर 2020 में सभी बाबुओं को बुलाकर इस संबंध में पूछा तो सभी ने यही जवाब दिया कि उनके समय में इस नाम के किसी भी शिक्षक की भर्ती नहीं हुई। इससे तंग आकर पीड़िता ने कोर्ट का सहारा लिया। इधर बीएसए हेमंत राव ने संबंधित बाबू के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर बीईओ ने कोतवाली शहर में तत्कालीन लिपिक सुधीर कुमार मिश्रा (अब सेवानिवृत्त) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। कोतवाली निरीक्षक जगदीश यादव ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
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वर्ष 1980 से पहले भर्ती हुए, फिर हो गए लापता
उप बेसिक शिक्षा कार्यालय के बाबुओं का कहना है कि मामला हैरान करने वाला है, लेकिन एक तथ्य यह भी है कि यह शिक्षक 1980 से पहले तैनात हुए थे। कुछ समय तक शिक्षक रहे, बाद में लापता हो गए। अब उनकी पत्नी आकर कह रहीं हैं कि पेंशन के लिए क्लेम करना है, लेकिन कार्यालय में उनके अभिलेख नहीं मिल रहे हैं।