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तीन लाख परिवारों को रोजगार देने का लक्ष्य
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ग्राम उमरसेढ़ा में मनरेगा के तहत तालाब की खुदाई का कार्य करते मजदूर। संवाद
- फोटो : HARDOI
हरदोई। अगले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत गांव में ही अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की कार्ययोजना बनाई गई है। कार्ययोजना के मुताबिक दो लाख 96 हजार 787 परिवारों को मनरेगा से कार्य उपलब्ध कराया जाएगा। 98 लाख 7351 मानव दिवसों का सृजन करने का लक्ष्य है।
वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए मनरेगा का लेबर बजट तैयार करने की कवायद कई सप्ताह से चल रही थी। अब लेबर बजट तैयार कर शासन को भेज दिया गया है।
अगले वित्तीय वर्ष में 30 अरब 20 करोड़ रुपये मनरेगा के कार्यों पर खर्च करने की योजना है। लगभग तीन लाख परिवारों को 98 लाख से अधिक दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने की योजना है। श्रमांश पर 1 अरब 97 करोड़ 12 लाख 78 हजार रुपये और सामग्री अंश पर 1 अरब 5 करोड़ 64 लाख 79 हजार रुपये खर्च करने की योजना बनाई गई है।
व्यक्तिगत लाभार्थीपरक कार्यों पर जोर
मनरेगा के अगले वित्तीय वर्ष के लेबर बजट में व्यक्तिगत लाभार्थीपरक योजनाओं पर जोर दिया गया है। 39180 परियोजनाएं व्यक्तिगत लाभार्थीपरक योजनाओं की शामिल की गईं हैं।
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इससे 11 लाख 3 हजार 558 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जा सकेगा। भूमि सुधार के 2605 कार्य अगले वित्तीय वर्ष में मनरेगा से कराने की तैयारी है।
बाढ़ नियंत्रण और जल संरक्षण के कार्य भी शामिल
अगले वित्तीय वर्ष के लेबर बजट में बाढ़ नियंत्रण और बचाव के 2637 कार्य कराए जाने की तैयारी है।
इससे 20 लाख 73 हजार 356 मानव दिवसों का सृजन होगा। जल संरक्षण के 1086 कार्य कराने पर 5 लाख 68 हजार 893 मानव दिवस सृजित होंगे।
ये कार्य भी होंगे
-ग्रामीण संपर्क मार्ग के 1986 कार्य कराए जाएंगे।
-आंगनबाड़ी भवनों के 190 कार्य कराए जाएंगे।
-95 खेल मैदानों का निर्माण मनरेगा से कराया जाएगा।
-19 ग्रामीण हॉट भी मनरेगा से बनवाए जाएंगे।
-95 तालाबों का सुधार भी कराया जाएगा।
लेबर बजट शासन को भेज दिया गया है। अधिक से अधिक परिवारों को मनरेगा से कार्य उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। ऐसे कार्यों को प्रमुखता दी गई है, जिनसे जल संरक्षण के कार्य भी हो सकें। -प्रमोद सिंह चंद्रौल, उपायुक्त मनरेगा।
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वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए मनरेगा का लेबर बजट तैयार करने की कवायद कई सप्ताह से चल रही थी। अब लेबर बजट तैयार कर शासन को भेज दिया गया है।
अगले वित्तीय वर्ष में 30 अरब 20 करोड़ रुपये मनरेगा के कार्यों पर खर्च करने की योजना है। लगभग तीन लाख परिवारों को 98 लाख से अधिक दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने की योजना है। श्रमांश पर 1 अरब 97 करोड़ 12 लाख 78 हजार रुपये और सामग्री अंश पर 1 अरब 5 करोड़ 64 लाख 79 हजार रुपये खर्च करने की योजना बनाई गई है।
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व्यक्तिगत लाभार्थीपरक कार्यों पर जोर
मनरेगा के अगले वित्तीय वर्ष के लेबर बजट में व्यक्तिगत लाभार्थीपरक योजनाओं पर जोर दिया गया है। 39180 परियोजनाएं व्यक्तिगत लाभार्थीपरक योजनाओं की शामिल की गईं हैं।
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इससे 11 लाख 3 हजार 558 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जा सकेगा। भूमि सुधार के 2605 कार्य अगले वित्तीय वर्ष में मनरेगा से कराने की तैयारी है।
बाढ़ नियंत्रण और जल संरक्षण के कार्य भी शामिल
अगले वित्तीय वर्ष के लेबर बजट में बाढ़ नियंत्रण और बचाव के 2637 कार्य कराए जाने की तैयारी है।
इससे 20 लाख 73 हजार 356 मानव दिवसों का सृजन होगा। जल संरक्षण के 1086 कार्य कराने पर 5 लाख 68 हजार 893 मानव दिवस सृजित होंगे।
ये कार्य भी होंगे
-ग्रामीण संपर्क मार्ग के 1986 कार्य कराए जाएंगे।
-आंगनबाड़ी भवनों के 190 कार्य कराए जाएंगे।
-95 खेल मैदानों का निर्माण मनरेगा से कराया जाएगा।
-19 ग्रामीण हॉट भी मनरेगा से बनवाए जाएंगे।
-95 तालाबों का सुधार भी कराया जाएगा।
लेबर बजट शासन को भेज दिया गया है। अधिक से अधिक परिवारों को मनरेगा से कार्य उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। ऐसे कार्यों को प्रमुखता दी गई है, जिनसे जल संरक्षण के कार्य भी हो सकें। -प्रमोद सिंह चंद्रौल, उपायुक्त मनरेगा।