{"_id":"6aac277144bef22bb609fcad","slug":"swine-flu-23-patients-test-positive-two-deaths-yet-medical-college-reports-zero-cases-hardoi-news-c-213-1-hra1004-156843-2026-09-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वाइन फ्लू : 23 मरीज पॉजिटिव, दो की मौत, फिर भी मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट शून्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वाइन फ्लू : 23 मरीज पॉजिटिव, दो की मौत, फिर भी मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट शून्य
विज्ञापन
हरदोई। जिले में स्वाइन फ्लू का दायरा लगातार पांव पसार रहा है लेकिन मेडिकल कॉलेज प्रशासन अब भी सब ठीक है का राग अलाप रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले के 23 लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है इनमें से दो मरीज दम भी तोड़ चुके हैं। इन सभी मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हरदोई मेडिकल कॉलेज की लैब में नहीं बल्कि लखनऊ और निजी लैबों की हुई जांच में हुईं। बृहस्पतिवार को भी माधौगंज निवासी एक व्यक्ति की मेदांता में जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
जिले में स्वाइन फ्लू को लेकर जहां एक तरफ स्वास्थ्य महकमे ने निगरानी बढ़ा दी है। वहीं जिले के मेडिकल कॉलेज में लापरवाही का रवैया अपनाया जा रहा है। जिलेवासियों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हरदोई के संक्रमित पाए गए अधिकांश मरीज लखनऊ या अन्य जिलों में उपचार करा रहे थे। वहीं कुछ मरीजों की निजी पैथोलॉजी में जांच हुई। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी मिली और मरीजों की निगरानी व संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग शुरू कराई गई।
हरदोई मेडिकल कॉलेज में एच1एन1 की आरटीपीसीआर जांच शुरू हो चुकी है। मेडिकल कॉलेज में भी अभी तक एक 114 से अधिक मरीजों की जांच की गई लेकिन खास बात यह है कि अभी तक कोई मरीज पॉजिटिव नहीं मिला। इसके बाद भी बाहर की जांच में लगातार हरदोई के लोगों के संक्रमित मिलने का सिलसिला जारी है।
विज्ञापन
संक्रमितों का आंकड़ा 23 पहुंचा, दो की मौत
जिले में अभी तक 23 लोग स्वाइन फ्लू से संक्रमित हो जा चुके हैं। बुधवार तक 22 मरीज संक्रमित मिले थे। इनमें बिलग्राम, भरखनी, सुरसा और कोथावां के मरीज शामिल थे जबकि बृहस्पतिवार को माधौगंज निवासी एक 48 वर्षीय व्यक्ति स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाया गया। बृहस्पतिवार को आई रिपोर्ट के अनुसार संक्रमित व्यक्ति लखनऊ के मेदांता में भर्ती है और वहां उनकी जांच हुई। अभी तक दो संक्रमितों की मौत हो चुकी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडेय ने बताया कि इनमें से एक को पहले से निमोनिया की शिकायत थी जबकि दूसरे मरीज को पहले से कैंसर की बीमारी बताई गई।
जांच की विश्वसनीयता पर उठे सवाल
एक तरफ स्वास्थ्य विभाग जिले में मरीजों की बढ़ती संख्या और दो मौतों की बात स्वीकार कर रहा है वहीं मेडिकल कॉलेज की रिपोर्टिंग जिले में एक भी मरीज न होने का दावा ठोक रही है। इस विरोधाभास ने स्थानीय जांच व्यवस्था, किट की गुणवत्ता और सैंपलिंग के तरीके पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जब संक्रमण जिले के भीतर मौजूद है तो मेडिकल कॉलेज की लैब में संदिग्ध मरीज पकड़ में क्यों नहीं आ रहे।
कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कर शुरू की गई निगरानी
मरीजों के मिलने से स्वास्थ्य विभाग ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी है। सीएमओ डॉ. भवनाथ पांडेय ने बताया कि जिले में कराए गए सैंपलों में अभी तक तो कोई मरीज पॉजिटिव नहीं आया लेकिन लखनऊ से आ रही रिपोर्ट के आधार पर मरीजों की जानकारी करके कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी गई है। साथ ही निगरानी बढ़ा दी गई है। माधौगंज में भी मिले मरीज की जानकारी आते ही संपर्क करना शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन
जिले में स्वाइन फ्लू को लेकर जहां एक तरफ स्वास्थ्य महकमे ने निगरानी बढ़ा दी है। वहीं जिले के मेडिकल कॉलेज में लापरवाही का रवैया अपनाया जा रहा है। जिलेवासियों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हरदोई के संक्रमित पाए गए अधिकांश मरीज लखनऊ या अन्य जिलों में उपचार करा रहे थे। वहीं कुछ मरीजों की निजी पैथोलॉजी में जांच हुई। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी मिली और मरीजों की निगरानी व संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग शुरू कराई गई।
विज्ञापन
हरदोई मेडिकल कॉलेज में एच1एन1 की आरटीपीसीआर जांच शुरू हो चुकी है। मेडिकल कॉलेज में भी अभी तक एक 114 से अधिक मरीजों की जांच की गई लेकिन खास बात यह है कि अभी तक कोई मरीज पॉजिटिव नहीं मिला। इसके बाद भी बाहर की जांच में लगातार हरदोई के लोगों के संक्रमित मिलने का सिलसिला जारी है।
विज्ञापन
संक्रमितों का आंकड़ा 23 पहुंचा, दो की मौत
जिले में अभी तक 23 लोग स्वाइन फ्लू से संक्रमित हो जा चुके हैं। बुधवार तक 22 मरीज संक्रमित मिले थे। इनमें बिलग्राम, भरखनी, सुरसा और कोथावां के मरीज शामिल थे जबकि बृहस्पतिवार को माधौगंज निवासी एक 48 वर्षीय व्यक्ति स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाया गया। बृहस्पतिवार को आई रिपोर्ट के अनुसार संक्रमित व्यक्ति लखनऊ के मेदांता में भर्ती है और वहां उनकी जांच हुई। अभी तक दो संक्रमितों की मौत हो चुकी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडेय ने बताया कि इनमें से एक को पहले से निमोनिया की शिकायत थी जबकि दूसरे मरीज को पहले से कैंसर की बीमारी बताई गई।
जांच की विश्वसनीयता पर उठे सवाल
एक तरफ स्वास्थ्य विभाग जिले में मरीजों की बढ़ती संख्या और दो मौतों की बात स्वीकार कर रहा है वहीं मेडिकल कॉलेज की रिपोर्टिंग जिले में एक भी मरीज न होने का दावा ठोक रही है। इस विरोधाभास ने स्थानीय जांच व्यवस्था, किट की गुणवत्ता और सैंपलिंग के तरीके पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जब संक्रमण जिले के भीतर मौजूद है तो मेडिकल कॉलेज की लैब में संदिग्ध मरीज पकड़ में क्यों नहीं आ रहे।
कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कर शुरू की गई निगरानी
मरीजों के मिलने से स्वास्थ्य विभाग ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी है। सीएमओ डॉ. भवनाथ पांडेय ने बताया कि जिले में कराए गए सैंपलों में अभी तक तो कोई मरीज पॉजिटिव नहीं आया लेकिन लखनऊ से आ रही रिपोर्ट के आधार पर मरीजों की जानकारी करके कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी गई है। साथ ही निगरानी बढ़ा दी गई है। माधौगंज में भी मिले मरीज की जानकारी आते ही संपर्क करना शुरू कर दिया गया है।