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‘सुकन्या’ के लिए उमड़े लोग
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sun, 29 Mar 2015 11:47 PM IST
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बेटी को लेकर हमेशा माता-पिता के माथे पर शिकन होती
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है। चाहे बात उसकी पढ़ाई की हो या फिर शादी की, आर्थिक दुर्बलता अभिभावकों
के माथे पर शिकन डालने को काफी है, पर इसी शिकन को कम करने को केंद्र
सरकार द्वारा सुकन्या समृद्धि योजना को लागू किया है, जो 21 वर्ष पूर्ण
होने पर आपकी बेटी को लखपति बनाने को काफी है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत शुरू की गई योजना के बाबत यह बात डाकघर अधीक्षक योगेंद्र मौर्य ने कही। बताया कि योजना में दस वर्ष से कम आयु वर्ग की बेटियों के खाते खोले जाएंगे। इसमें प्रति वर्ष कम से कम यदि एक हजार रुपये यदि जमा कर दिया जाएगा तो खाता बंद नहीं होगा।
इस हजार रुपये को दो से तीन किश्तों में भी जमा किया जा सकता है। इसके अलावा अधिक से अधिक प्रति वर्ष डेढ़ लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं। धनराशि 14 साल तक जमा करनी होगी। इसके बाद 21वें साल आपको जमा धनराशि पर लगभग नौ प्रतिशत से अधिक की दर से ब्याज लगाकर धनराशि दी जाएगी।
धनराशि 18वें साल बेटी की शिक्षा पर यदि जरूरत हो तो 50 प्रतिशत दी जा सकती है। शर्त यह है कि धनराशि बेटी को ही 21वें साल दी जाएगी।
उन्होंने समझाया कि यदि अभिभावक अपनी बेटी के नाम इस खाते में एक हजार रुपये की राशि प्रति माह 14 साल तक जमा करते हैं और उसके बाद राशि उन्हें नहीं जमा करनी है तो 21वें साल उन्हें छह लाख से अधिक की राशि प्रदान की जाएगी। यदि राशि कम जमा होगी तो जमा राशि के हिसाब से ब्याज दर पर लाभ दिया जाएगा।
मौर्य का कहना है कि खाता खुलवाने को बेटी की फोटो, बेटी का जन्म तिथि प्रमाण पत्र जो भी हो वह मान्य होगा, इसके अलावा पिता का एक आईडी व निवास प्रमाण पत्र प्रूफ मान्य होगा। उधर, सुकन्या समृद्धि योजना को लेकर खाता खोलने को रविवार को जिले में भी कैंप का आयोजन किया गया।
जिसमें प्रधान डाकघर समेत लगे पांच अन्य उप डाकघरों के शिविरों में कुल 316 खाते खोले गए। रविवार को कई स्थानों पर उपमंडल के अफसरों, कर्मियों द्वारा मेले का आयोजन किया गया। जिले में छह स्थानों पर कैंप लगा, जिनमें प्रधान डाकघर हरदोई, माधौगंज उप डाकघर, मुख्य डाकघर संडीला, उप डाकघर बेनीगंज, उप डाकघर हरपालपुर व शाहाबाद थे।
मौर्य ने बताया कि पहले ही दिन छह घंटे के शिविर में 316 माता पिताओं ने अपनी बेटियों की शिक्षा व उज्जवल भविष्य को खाते खुलवाए हैं। बताया कि उनके निर्देशन में प्रधान डाकघर में लगे शिविर में 76, सहायक अधीक्षक डाकघर भ्रमण द्वारा माधौगंज में लगे शिविर में 70, संडीला में 50, उप डाकघर बेनीगंज में 20 एवं हरपालपुर व शाहाबाद में 50-50 योजना के तहत खाते खुलवाए गए हैं।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत शुरू की गई योजना के बाबत यह बात डाकघर अधीक्षक योगेंद्र मौर्य ने कही। बताया कि योजना में दस वर्ष से कम आयु वर्ग की बेटियों के खाते खोले जाएंगे। इसमें प्रति वर्ष कम से कम यदि एक हजार रुपये यदि जमा कर दिया जाएगा तो खाता बंद नहीं होगा।
इस हजार रुपये को दो से तीन किश्तों में भी जमा किया जा सकता है। इसके अलावा अधिक से अधिक प्रति वर्ष डेढ़ लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं। धनराशि 14 साल तक जमा करनी होगी। इसके बाद 21वें साल आपको जमा धनराशि पर लगभग नौ प्रतिशत से अधिक की दर से ब्याज लगाकर धनराशि दी जाएगी।
धनराशि 18वें साल बेटी की शिक्षा पर यदि जरूरत हो तो 50 प्रतिशत दी जा सकती है। शर्त यह है कि धनराशि बेटी को ही 21वें साल दी जाएगी।
उन्होंने समझाया कि यदि अभिभावक अपनी बेटी के नाम इस खाते में एक हजार रुपये की राशि प्रति माह 14 साल तक जमा करते हैं और उसके बाद राशि उन्हें नहीं जमा करनी है तो 21वें साल उन्हें छह लाख से अधिक की राशि प्रदान की जाएगी। यदि राशि कम जमा होगी तो जमा राशि के हिसाब से ब्याज दर पर लाभ दिया जाएगा।
मौर्य का कहना है कि खाता खुलवाने को बेटी की फोटो, बेटी का जन्म तिथि प्रमाण पत्र जो भी हो वह मान्य होगा, इसके अलावा पिता का एक आईडी व निवास प्रमाण पत्र प्रूफ मान्य होगा। उधर, सुकन्या समृद्धि योजना को लेकर खाता खोलने को रविवार को जिले में भी कैंप का आयोजन किया गया।
जिसमें प्रधान डाकघर समेत लगे पांच अन्य उप डाकघरों के शिविरों में कुल 316 खाते खोले गए। रविवार को कई स्थानों पर उपमंडल के अफसरों, कर्मियों द्वारा मेले का आयोजन किया गया। जिले में छह स्थानों पर कैंप लगा, जिनमें प्रधान डाकघर हरदोई, माधौगंज उप डाकघर, मुख्य डाकघर संडीला, उप डाकघर बेनीगंज, उप डाकघर हरपालपुर व शाहाबाद थे।
मौर्य ने बताया कि पहले ही दिन छह घंटे के शिविर में 316 माता पिताओं ने अपनी बेटियों की शिक्षा व उज्जवल भविष्य को खाते खुलवाए हैं। बताया कि उनके निर्देशन में प्रधान डाकघर में लगे शिविर में 76, सहायक अधीक्षक डाकघर भ्रमण द्वारा माधौगंज में लगे शिविर में 70, संडीला में 50, उप डाकघर बेनीगंज में 20 एवं हरपालपुर व शाहाबाद में 50-50 योजना के तहत खाते खुलवाए गए हैं।