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Hardoi News: 10 परिवारों में नहीं जले चूल्हे, पर खूब मिले आश्वासन

Thu, 13 Jun 2024 10:55 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jun 2024 10:55 PM IST
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Stoves did not light in 10 families, but received lots of assurances
मल्लावां। मल्लावां कस्बे के मोहिउद्दीनपुर में बालू भरा ट्रक पलटने के कारण एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत होने के बाद सन्नाटा पसरा रहा। यहां रहने वाले दस परिवारों में से किसी के भी मकान में चूल्हा नहीं जला। जानकारी पर पहुंचे नगर पालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि ने इन परिवारों को खाने के पैकेज वितरित किए।
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मल्लावां कस्बे में उन्नाव मार्ग पर नट बिरादरी के लोग सड़क किनारे झोपड़ी बनाकर रहते हैं। मंगलवार आधीरात के बाद इन्हीं में से एक झोपड़ी और उसके बाहर सोए लोगों पर बालू भरा ट्रक पलट गया था। इस घटना में अवधेश उर्फ बल्ला (45), उनकी पत्नी सुधा उर्फ मुंडी (42), पुत्री सुनैना (11) राधारानी उर्फ लल्ला (5), बुद्धू (4), हीरो (22) और हीरो का पति बिलग्राम कस्बे के मोहल्ला कासूपेट निवासी करन (24), उसका पुत्र बिहारी उर्फ कोमल (5) की मौत हो गई थी, जबकि बिट्टू (4) घायल हुई थी।
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बुधवार को ही सभी शवों के अंतिम संस्कार पोस्टमार्टम के बाद कर दिए गए थे। बृहस्पतिवार को भी यहां मातम पसरा रहा। हादसे पर दुख जताने के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन मौके पर पहुंचे और हर संभव सहायता शासन से दिलाने का आश्वासन दिया। नगर पालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि परवेज ने मृतकों के परिजनों और शोक व्यक्त करने आए रिश्तेदारों के लिए भोजन की व्यवस्था कराई। उन्होंने भी हर संभव मदद निजी स्तर से भी करने का भरोसा पीड़ित परिवार को दिया। उन्होंने यहां पेयजल की व्यवस्था भी कराई। पीड़ित परिवार को 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद भी की।
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अवधेश के परिवार में अब दो पुत्र बंटी और कौशल व दो पुत्रियां दामिनी और मोनिका बची हैं। रिश्तेदारों के साथ गुमसुम यह चारों ही सड़क किनारे पेड़ की छांव में तो कभी झोपड़ी के अंदर जाते। तहसील के एक बड़े अफसर की सरकारी गाड़ी सायरन बजाते हुए सड़क से गुजरी तो इन लोगों को लगा कि शायद कोई मदद देने के लिए अफसर आ गए हैं। अफसोस यह कि न तो गाड़ी रुकी और न ही गाड़ी में सवार अफसर ने इन लोगों की तरफ निगाह की। अलबत्ता मल्लावां कस्बे की गलियों में तहसील के अफसर की गाड़ी घूमती जरूर नजर आई।

अवधेश के साथ ही घटना में उसकी विवाहित बेटी हीरो और दामाद करन व इनकी एक बेटी की भी मौत हो गई थी। हीरो और करन की एक बेटी बिट्टू उर्फ दिव्यांशी घटना में घायल हुई थी जो उपचार के बाद परिजनों के पास पहुंच गई। बृहस्पतिवार को वह अपनी मौसी दामिनी और मोनिका की गोद में नजर आई। बार बार वह अपनी मां को याद करती लेकिन हर कोई उसे कोई न कोई बहाना बताकर टाल देते।


इतने बड़े हादसे के बाद तहसीलदार अमित यादव भी बेबस ही नजर आए। आवास दिए जाने के सवाल पर तहसीलदार ने स्पष्ट कहा कि न तो हम आवास दे सकते हैं और न ही नगर पालिका क्षेत्र में जमीन। हादसे की रिपोर्ट जरूर अब उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
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