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Hardoi News: आंधी-बारिश से बिजली व्यवस्था ध्वस्त, कई इलाकों में 20 घंटे रही बंद
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फोटो- 11- विद्युत खंभों पर इस तरह उलझी दिखी पेड़ों की डालियां। संवाद
हरदोई। जिले में शनिवार रात आई आंधी और बारिश ने लोगों का सुकून छीन लिया। तेज हवाओं के तांडव से कहीं पेड़ उखड़ गए तो कहीं बिजली के खंभे और तार टूट कर जमीन पर आ गिरे। इस वजह से शहरभर में करीब दो से पांच घंटे तक ब्लैक आउट रहा। देर रात तक शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी गई लेकिन कई इलाकों में रातभर बिजली नहीं आई। तमाम गांवों में दूसरे दिन आपूर्ति सुचारू हो सकी।
आंधी आते ही जिले की विद्युत व्यवस्था एक बार ठप हो गई। शनिवार शाम को आई आंधी में शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में बिजली व्यवस्था चौपट हो गई। आंधी और बारिश के कारण 220 केवीए के विद्युत उपकेंद्र से शाम को सात बजे शहर के सभी 33 केवीए के उपकेंद्र की आपूर्ति बंद कर दी गई। पूरा शहर लगभग दो तीन घंटे तक अंधेरे में रहा। रात को करीब नौ बजे सांडी सड़क उपकेंद्र समेत गुरगुज्जा उपकेंद्र, सिटी उपकेंद्र, कोयल बाग कॉलोनी उपकेंद्र की बिजली आ गई लेकिन चरौली उपकेंद्र रात 12 बजे के बाद चालू हो सका।
आशानगर उपकेंद्र रात को 11 बजे लेकिन मन्नापुरवा उपकेंद्र रात भर बंद रहा जबकि मन्नापुरवा उपकेंद्र के टाउन प्रथम फीडर की बिजली आपूर्ति कई स्थानों पर तार टूटने के कारण 20 घंटे के बाद भी चालू नहीं हो सकी। इसके अलावा महोलिया शिवपार, आरटीओ, बेलाताली उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति भी रात भर सुचारू नहीं हुई। ऐसे में उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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अधिशासी अभियंता प्रेम प्रकाश ने बताया कि आंधी के बाद कई स्थानों पर पेड़ तारों पर गिर गए। इस वजह से पेड़ों को काटने के बाद तार जोड़े जा रहे हैं। इसलिए समय लग रहा है।
सुबह होने पर कराया गया ग्रामीण इलाकों में कार्य
आंधी से उखड़े खंभे और तार को सही करने के लिए विभाग ने रात से काम शुरू ही नहीं कराया। शहरी क्षेत्रों में तो बिजली आ गई लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में टूटे तारों को सही करने का काम दूसरे दिन कराया गया। शहर से सटे औरेनी, अकोरापुरवा, हरसिंगपुर, खजुरियापुरवा और कटका समेत कई गांवों में बिजली आपूर्ति रातभर ठप रही। इससे लोगों को परेशानियां उठानी पड़ीं।
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आंधी आते ही जिले की विद्युत व्यवस्था एक बार ठप हो गई। शनिवार शाम को आई आंधी में शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में बिजली व्यवस्था चौपट हो गई। आंधी और बारिश के कारण 220 केवीए के विद्युत उपकेंद्र से शाम को सात बजे शहर के सभी 33 केवीए के उपकेंद्र की आपूर्ति बंद कर दी गई। पूरा शहर लगभग दो तीन घंटे तक अंधेरे में रहा। रात को करीब नौ बजे सांडी सड़क उपकेंद्र समेत गुरगुज्जा उपकेंद्र, सिटी उपकेंद्र, कोयल बाग कॉलोनी उपकेंद्र की बिजली आ गई लेकिन चरौली उपकेंद्र रात 12 बजे के बाद चालू हो सका।
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आशानगर उपकेंद्र रात को 11 बजे लेकिन मन्नापुरवा उपकेंद्र रात भर बंद रहा जबकि मन्नापुरवा उपकेंद्र के टाउन प्रथम फीडर की बिजली आपूर्ति कई स्थानों पर तार टूटने के कारण 20 घंटे के बाद भी चालू नहीं हो सकी। इसके अलावा महोलिया शिवपार, आरटीओ, बेलाताली उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति भी रात भर सुचारू नहीं हुई। ऐसे में उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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अधिशासी अभियंता प्रेम प्रकाश ने बताया कि आंधी के बाद कई स्थानों पर पेड़ तारों पर गिर गए। इस वजह से पेड़ों को काटने के बाद तार जोड़े जा रहे हैं। इसलिए समय लग रहा है।
सुबह होने पर कराया गया ग्रामीण इलाकों में कार्य
आंधी से उखड़े खंभे और तार को सही करने के लिए विभाग ने रात से काम शुरू ही नहीं कराया। शहरी क्षेत्रों में तो बिजली आ गई लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में टूटे तारों को सही करने का काम दूसरे दिन कराया गया। शहर से सटे औरेनी, अकोरापुरवा, हरसिंगपुर, खजुरियापुरवा और कटका समेत कई गांवों में बिजली आपूर्ति रातभर ठप रही। इससे लोगों को परेशानियां उठानी पड़ीं।

फोटो- 11- विद्युत खंभों पर इस तरह उलझी दिखी पेड़ों की डालियां। संवाद

फोटो- 11- विद्युत खंभों पर इस तरह उलझी दिखी पेड़ों की डालियां। संवाद

फोटो- 11- विद्युत खंभों पर इस तरह उलझी दिखी पेड़ों की डालियां। संवाद