{"_id":"6db9fe3628b8b6b54b2be5eecd250543","slug":"start-fast-unto-death-to-protest-harassment-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रताड़ित करने के विरोध में आमरण अनशन शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रताड़ित करने के विरोध में आमरण अनशन शुरू
ब्यूूराे/अमर उजाला, हरदाेई
Updated Wed, 16 Sep 2015 12:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संडीला क्षेत्र के बुजुर्ग दंपति मंगलवार से
विज्ञापन
कलक्ट्रेट में बहू की प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर आमरण अनशन पर बैठ गए। इस
दौरान बहू का साथ कताई मिल पुलिस चौकी द्वारा देने का आरोप लगाया। दंपति ने
डीएम को पत्र देकर जांच करा घर वापस कराने एवं बहू व पुलिस पर कार्रवाई की
मांग की।
आमरण अनशन पर बैठे संडीला के सोमबाजार निवासी शिवकुमार ने बताया कि वह बड़े बेटे की क्रियाकलापों से तंग आकर उसे 23 जून 09 को ही चल अचल संपत्ति से बेदखल कर चुके हैं। उसके बाद से बेटा और उसकी पत्नी अपने बच्चों के साथ अलग रहने लगी, पर मार्च 14 में बहू बेटे अनिल का साथ छोड़कर किसी दूसरे के साथ चली गई।
शिवकुमार ने बताया कि 24 जून 14 को कताई मिल चौकी इंचार्ज सिपाहियों के साथ पत्नी रामलली को चौकी ले गए और वहां पर बहू के सामने बेइज्जती की और बहू को उसके घर में रख दिया। इसके बाद घर पर उसी का कब्जा करा दिया। पीड़ित ने बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा कोई सहयोग न करने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, पर विरोधियों द्वारा झूठे साक्ष्य देकर उनको ही झूठा बताया जा रहा है।
बुजुर्ग दंपति ने कहा कि अब डीएम की चौखट के सिवाय दूसरा कोई सहारा नहीं बचा है। कहा कि आमरण अनशन तब तक चलेगा, जब तक न्याय नहीं मिल जाता। इस दौरान एक पत्र सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र मोहन को सौंपकर घर वापस दिलाने और बहू, पुलिस पर कार्रवाई की मांग की। आमरण अनशन में शिवकुमार के साथ में उनकी पत्नी रामलली मौजूद रहीं।
आमरण अनशन पर बैठे संडीला के सोमबाजार निवासी शिवकुमार ने बताया कि वह बड़े बेटे की क्रियाकलापों से तंग आकर उसे 23 जून 09 को ही चल अचल संपत्ति से बेदखल कर चुके हैं। उसके बाद से बेटा और उसकी पत्नी अपने बच्चों के साथ अलग रहने लगी, पर मार्च 14 में बहू बेटे अनिल का साथ छोड़कर किसी दूसरे के साथ चली गई।
शिवकुमार ने बताया कि 24 जून 14 को कताई मिल चौकी इंचार्ज सिपाहियों के साथ पत्नी रामलली को चौकी ले गए और वहां पर बहू के सामने बेइज्जती की और बहू को उसके घर में रख दिया। इसके बाद घर पर उसी का कब्जा करा दिया। पीड़ित ने बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा कोई सहयोग न करने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, पर विरोधियों द्वारा झूठे साक्ष्य देकर उनको ही झूठा बताया जा रहा है।
बुजुर्ग दंपति ने कहा कि अब डीएम की चौखट के सिवाय दूसरा कोई सहारा नहीं बचा है। कहा कि आमरण अनशन तब तक चलेगा, जब तक न्याय नहीं मिल जाता। इस दौरान एक पत्र सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र मोहन को सौंपकर घर वापस दिलाने और बहू, पुलिस पर कार्रवाई की मांग की। आमरण अनशन में शिवकुमार के साथ में उनकी पत्नी रामलली मौजूद रहीं।