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न्यायालय की कार्यवाई सरकार के मुंह पर करारा तमाचा : सुभाष
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फोटो-10-पत्रकार वार्ता में बोलते सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पदमराग सिंह यादव, साथ में पूर्व सांसद ऊषा
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। कुछ माह पहले गुंडा एक्ट के तहत की गई कार्रवाई में छह माह के लिए जिला बदर किए गए सपा नेता सुभाष पाल को उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने राहत दे दी है। सपा नेता ने दावा किया कि उच्च न्यायालय ने छह माह की जिला बदर की सजा खत्म कर दी है और गुंडा एक्ट की एफआईआर भी निरस्त कर दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा का घृणित चेहरा उजागर हुआ है।
2017 में बिलग्राम मल्लावां विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी रहे सुभाष पाल को 2019 में शराब माफिया घोषित किया गया था। कुछ माह पहले उन्हें छह माह के लिए जिला बदर कर दिया गया था। इस फैसले के विरुद्ध वह मंडलायुक्त के न्यायालय में गए थे। राहत न मिलने पर उच्च न्यायालय लखनऊ पीठ की शरण ली। कोर्ट की एकल पीठ के न्यायाधीश मनीष माथुर ने 29 सितंबर को सुभाष पाल को राहत दे दी।
शुक्रवार को सुभाष पाल ने पत्रकार वार्ता में कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में वह सपा की जीत तय करने में लगे थे। इससे घबराकर सत्तापक्ष के नेताओं के दबाव में उन पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर जिला बदर कर दिया गया था। पैतृक संपत्तियां भी इसलिए सील की गईं ताकि अन्य जिला पंचायत सदस्य भयभीत हो जाएं और भाजपा जीत जाए। उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले से असत्य की हार हुई है।
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सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पद्मराग सिंह यादव पम्मू ने कहा कि विधानसभा चुनाव में हार का भय भाजपा को है। इसी घबराहट में शोषण के साथ फर्जी मुकदमों की राजनीति की जा रही है। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र वर्मा जीतू और पूर्व सांसद ऊषा वर्मा भी मौजूद रहीं।
सुभाष पाल ने कहा कि भाजपा नेता लगातार षड्यंत्र रच रहे हैं। दावा किया कि बिलग्राम-मल्लावां विधानसभा क्षेत्र में बढ़ते जनाधार के कारण भाजपाई सुनियोजित तरीके से दमनात्मक कार्रवाई की साजिश रच रहे हैं। उनकी मंशा विधानसभा चुनाव तक जेल भेजने की है, ताकि वह चुनाव न लड़ सकें।
सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पद्मराग सिंह यादव ने कहा कि ब्राह्मणों का रुझान सपा की ओर बढ़ रहा है। इससे परेशान होकर ब्राह्मणों का भी उत्पीड़न किया जा रहा है। गत विधानसभा चुनाव में सवायजपुर से बसपा प्रत्याशी रहे डॉ. अनुपम दुबे और उनके भाई पर फर्जी मामले दर्ज कर उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अनुपम की नजदीकी सपा से बढ़ रही थी। हरदोई और फर्रुखाबाद में अनुपम का अच्छा प्रभाव है। इसलिए उनका उत्पीड़न हो रहा है। उन्हाेंने कहा कि हरदोई से जो लोग अनुपम दुबे से मिलने जेल जा रहे हैं, उनका भी उत्पीड़न किया जा रहा है। पम्मू यादव ने कहा कि वह भी अनुपम दुबे से मिलने जाएंगे। सवायजपुर क्षेत्र के लोगों को भी अनुपम से मिलने भेजेंगे। (संवाद)
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2017 में बिलग्राम मल्लावां विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी रहे सुभाष पाल को 2019 में शराब माफिया घोषित किया गया था। कुछ माह पहले उन्हें छह माह के लिए जिला बदर कर दिया गया था। इस फैसले के विरुद्ध वह मंडलायुक्त के न्यायालय में गए थे। राहत न मिलने पर उच्च न्यायालय लखनऊ पीठ की शरण ली। कोर्ट की एकल पीठ के न्यायाधीश मनीष माथुर ने 29 सितंबर को सुभाष पाल को राहत दे दी।
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शुक्रवार को सुभाष पाल ने पत्रकार वार्ता में कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में वह सपा की जीत तय करने में लगे थे। इससे घबराकर सत्तापक्ष के नेताओं के दबाव में उन पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर जिला बदर कर दिया गया था। पैतृक संपत्तियां भी इसलिए सील की गईं ताकि अन्य जिला पंचायत सदस्य भयभीत हो जाएं और भाजपा जीत जाए। उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले से असत्य की हार हुई है।
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सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पद्मराग सिंह यादव पम्मू ने कहा कि विधानसभा चुनाव में हार का भय भाजपा को है। इसी घबराहट में शोषण के साथ फर्जी मुकदमों की राजनीति की जा रही है। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र वर्मा जीतू और पूर्व सांसद ऊषा वर्मा भी मौजूद रहीं।
सुभाष पाल ने कहा कि भाजपा नेता लगातार षड्यंत्र रच रहे हैं। दावा किया कि बिलग्राम-मल्लावां विधानसभा क्षेत्र में बढ़ते जनाधार के कारण भाजपाई सुनियोजित तरीके से दमनात्मक कार्रवाई की साजिश रच रहे हैं। उनकी मंशा विधानसभा चुनाव तक जेल भेजने की है, ताकि वह चुनाव न लड़ सकें।
सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पद्मराग सिंह यादव ने कहा कि ब्राह्मणों का रुझान सपा की ओर बढ़ रहा है। इससे परेशान होकर ब्राह्मणों का भी उत्पीड़न किया जा रहा है। गत विधानसभा चुनाव में सवायजपुर से बसपा प्रत्याशी रहे डॉ. अनुपम दुबे और उनके भाई पर फर्जी मामले दर्ज कर उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अनुपम की नजदीकी सपा से बढ़ रही थी। हरदोई और फर्रुखाबाद में अनुपम का अच्छा प्रभाव है। इसलिए उनका उत्पीड़न हो रहा है। उन्हाेंने कहा कि हरदोई से जो लोग अनुपम दुबे से मिलने जेल जा रहे हैं, उनका भी उत्पीड़न किया जा रहा है। पम्मू यादव ने कहा कि वह भी अनुपम दुबे से मिलने जाएंगे। सवायजपुर क्षेत्र के लोगों को भी अनुपम से मिलने भेजेंगे। (संवाद)