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नाले की खुदाई से निकली मिट्टी बेच रहे मेट और ठेकेदार के कर्मी
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फोटो-25-नाले की खुदाई से निकली मिट्टी के ऐसे ही लगे हैं ढेर। संवाद
- फोटो : HARDOI
हरदोई। पाली में नाला निर्माण के लिए हुई खुदाई से निकली मिट्टी को कर्मचारी ठेकेदार की मदद से बेच रहे हैं। मिट्टी बिक्री के हिसाब किताब को लेकर कर्मचारी और ठेकेदार के मजदूरों के बीच हुए विवाद का वीडियो वायरल होने से पूरा मामला खुल गया।
पाली में तीन किलोमीटर लंबी सड़क की मरम्मत का काम कराया गया है। सड़क पर आए दिन जलभराव होने से लोग हादसे का शिकार होते थे। समस्या का स्थायी समाधान कराने के उद्देश्य से सड़क के दोनों ओर एक-एक किलोमीटर लंबाई में जल निकासी के लिए नाले का निर्माण भी कराया जा रहा है। नाला निर्माण के लिए हुई खुदाई से कई ट्राली मिट्टी भी निकली है।
इस मिट्टी को गुपचुप ढंग से विभागीय मेट और ठेकेदार के कर्मचारी साठगांठ कर बेच रहे हैं। एक ट्राली मिट्टी साढ़े चार सौ रुपये में बेची जा रही है। मिट्टी बेचने के लिए कस्बे में ही अलग-अलग स्थानों पर ढेर लगे हैं। रविवार को बेची गई मिट्टी के हिसाब किताब को लेकर एक वीडियो भी वायरल हो गया, तो मिट्टी बेचे जाने का खुलासा भी हुआ।
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लोक निर्माण विभाग के खंड एक के अधिशासी अभियंता एचडी अहिरवार ने बताया कि मिट्टी बेचना गलत है। अब मामला संज्ञान में आया है तो विस्तार से जांच करेंगे। अगर मिट्टी सरकारी कर्मचारी ने बेची है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अगर ठेकेदार के कर्मचारियों ने मिट्टी बेची है तो उसके बिल से इसकी कटौती की जाएगी।
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पाली में तीन किलोमीटर लंबी सड़क की मरम्मत का काम कराया गया है। सड़क पर आए दिन जलभराव होने से लोग हादसे का शिकार होते थे। समस्या का स्थायी समाधान कराने के उद्देश्य से सड़क के दोनों ओर एक-एक किलोमीटर लंबाई में जल निकासी के लिए नाले का निर्माण भी कराया जा रहा है। नाला निर्माण के लिए हुई खुदाई से कई ट्राली मिट्टी भी निकली है।
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इस मिट्टी को गुपचुप ढंग से विभागीय मेट और ठेकेदार के कर्मचारी साठगांठ कर बेच रहे हैं। एक ट्राली मिट्टी साढ़े चार सौ रुपये में बेची जा रही है। मिट्टी बेचने के लिए कस्बे में ही अलग-अलग स्थानों पर ढेर लगे हैं। रविवार को बेची गई मिट्टी के हिसाब किताब को लेकर एक वीडियो भी वायरल हो गया, तो मिट्टी बेचे जाने का खुलासा भी हुआ।
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लोक निर्माण विभाग के खंड एक के अधिशासी अभियंता एचडी अहिरवार ने बताया कि मिट्टी बेचना गलत है। अब मामला संज्ञान में आया है तो विस्तार से जांच करेंगे। अगर मिट्टी सरकारी कर्मचारी ने बेची है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अगर ठेकेदार के कर्मचारियों ने मिट्टी बेची है तो उसके बिल से इसकी कटौती की जाएगी।