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Hardoi News: देवरानी को जिंदा जलाकर मार डालने में जेठानी को आजीवन कारावास
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हरदोई। सात साल पुराने हत्या के मामले में अपर जिला जज (कोर्ट संख्या-3) कुसुमलता ने मृतका की जेठानी को दोषी करार दिया। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
सीतापुर जनपद के रामकोट थाना क्षेत्र के सहसापुर निवासी सुनील कुमार ने आठ मई 2017 को सांडी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि उसने अपनी बेटी सोनी की शादी घटना के 15 साल पहले सांडी के मोहल्ला भटपुरी में आलोक के साथ की थी। सोनी के दो पुत्र व दो पुत्री हैं। आठ मई 2017 को सोनी का विवाद उसकी जेठानी गीता देवी उर्फ चंदो से हुआ था। इसी बात को लेकर गीता ने अपनी पुत्री प्रिया उर्फ नेहा के साथ मिलकर सोनी पर केरोसिन डालकर उसे जिंदा जला दिया था। गंभीर हालत में सोनी को सांडी सीएचसी से तत्कालीन जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। यहां से उसे प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ के सिविल अस्पताल रेफर किया गया था।
दो जून 2017 को उपचार के दौरान सोनी की मौत हो गई। मौत से पहले 10 मई 2017 को लखनऊ के सिविल अस्पताल में सोनी के बयान मजिस्ट्रेट ने दर्ज किए थे। बयान में सोनी ने बताया था कि साड़ी से दूध छानते समय उसके कपड़ों में चूल्हे से आग लग गई थी। इस दौरान गीता ने लोटे में भरकर केरोसिन उस पर फेंक दिया था जिससे आग भड़क गई थी।
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पुलिस ने 12 जून 2017 को गीता, 24 जून को प्रिया को भी गिरफ्तार कर लिया था। छह जुलाई 2017 को पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत बर्न इंजरी से होने की बात सामने आई थी। 25 जुलाई से सुनवाई शुरू हुई। 10 अप्रैल 2018 को आरोप तय किए गए। सुनवाई के दौरान 10 गवाह और 14 अभिलेखीय साक्ष्य पेश किए गए। दोनों पक्षों के तर्काें के सुनने के बाद अपर जिला जज ने गीता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, उसकी बेटी प्रिया उर्फ नेहा को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
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सीतापुर जनपद के रामकोट थाना क्षेत्र के सहसापुर निवासी सुनील कुमार ने आठ मई 2017 को सांडी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि उसने अपनी बेटी सोनी की शादी घटना के 15 साल पहले सांडी के मोहल्ला भटपुरी में आलोक के साथ की थी। सोनी के दो पुत्र व दो पुत्री हैं। आठ मई 2017 को सोनी का विवाद उसकी जेठानी गीता देवी उर्फ चंदो से हुआ था। इसी बात को लेकर गीता ने अपनी पुत्री प्रिया उर्फ नेहा के साथ मिलकर सोनी पर केरोसिन डालकर उसे जिंदा जला दिया था। गंभीर हालत में सोनी को सांडी सीएचसी से तत्कालीन जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। यहां से उसे प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ के सिविल अस्पताल रेफर किया गया था।
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दो जून 2017 को उपचार के दौरान सोनी की मौत हो गई। मौत से पहले 10 मई 2017 को लखनऊ के सिविल अस्पताल में सोनी के बयान मजिस्ट्रेट ने दर्ज किए थे। बयान में सोनी ने बताया था कि साड़ी से दूध छानते समय उसके कपड़ों में चूल्हे से आग लग गई थी। इस दौरान गीता ने लोटे में भरकर केरोसिन उस पर फेंक दिया था जिससे आग भड़क गई थी।
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पुलिस ने 12 जून 2017 को गीता, 24 जून को प्रिया को भी गिरफ्तार कर लिया था। छह जुलाई 2017 को पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत बर्न इंजरी से होने की बात सामने आई थी। 25 जुलाई से सुनवाई शुरू हुई। 10 अप्रैल 2018 को आरोप तय किए गए। सुनवाई के दौरान 10 गवाह और 14 अभिलेखीय साक्ष्य पेश किए गए। दोनों पक्षों के तर्काें के सुनने के बाद अपर जिला जज ने गीता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, उसकी बेटी प्रिया उर्फ नेहा को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।