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Hardoi News: एक से थे देवरानी-जेठानी के नाम, एक साथ ही हो गईं दुनिया से विदा
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मल्लावां। सड़क हादसे में देवरानी जेठानी की मौत होने से परिवार में मातम है। दोनों के एक एक पुत्र गंभीर रूप से घायल हैं और उनका उपचार लखनऊ ट्राॅमा सेंटर में चल रहा है। सेउढ़ई निवासी रोहित खेती करते हैं। उनकी पत्नी का नाम प्रतिभा उर्फ बेबी है। रोहित के बड़े भाई छोटेलाल उर्फ पुष्पेंद्र भी खेती करते हैं। उनकी भी पत्नी का नाम प्रतिभा है। वैसे ताे देवरानी जेठानी के नाम प्रतिभा ही थे लेकिन घर में देवरानी का उपनाम बेबी रख दिया गया था। दोनों हंसी खुशी बरात में शामिल होने गई थीं। बरात में शामिल होकर अपने पुत्रों शौर्य और अनिस के साथ घर लौट रही थीं, लेकिन रास्ते में ही हादसा हो गया। हादसे में देवरानी जेठानी की मौत हो गई, जबकि बच्चे घायल हो गए। हर किसी की जुबां पर यही बात थी कि देवरानी जेठानी के नाम एक ही थे और दोनों दुनिया से भी साथ में ही विदा हो गईं। इनके घर में लिपा-पुता चूल्हा ठंडा ही पड़ा दिखा।
जिद कर बरात में गई थी रामलली, वापस न आ पाई
हादसे में जान गंवाने वाली रामलली दूल्हे की चचेरी बुआ थीं। दूल्हे के भाई रचित के मुताबिक बारात घर से निकल चुकी थी, लेकिन रामलली घर पर ही रह गई। बाद में वह बरात जाने की जिद पर अड़ गईं। इस पर गांव के बाहर से एक बोलेरो को वापस गांव भेजा गया और फिर उन्हें लेकर बरात में शामिल कराया गया। वापसी के समय भी उन्हें दूसरी बोलेरो में बैठाया गया था, लेकिन मोहल्ले की परिचित महिलाओं के साथ बैठने के चक्कर में उन्होंने वाहन बदल लिया। वही वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रामलली के पति अनिल पटेल इलाके के प्रमुख व्यापारी हैं। परिवार में दो पुत्री और एक पुत्र है।
थम गईं ढोलक की थापें, सूना दिखा दिग्विजय के घर में मंडप
दिग्विजय की बरात निकलने के बाद परिवार की महिलाएं घर पर ढोलक की थाप पर मंगलगीत गा रही थीं। उधर बरात में भावरों की तैयारियां चल रही थीं। दोनों ही तरफ उत्सव और उल्लास का माहौल था। तड़के लगभग साढ़े तीन बजे दुर्घटना की खबर मिली। दिग्विजय के घर पर ढोलक की थाप बंद हो गई और चीख पुकार मच गई। जिसने भी सुना वह अलग अलग वाहनों से घटनास्थल की तरफ भागा। ऐसे में दिग्विजय के घर पर वैवाहिक रस्मों के लिए लगा मंडप सूना हो गया।
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सीमा देवी का पति दयाराम दिल्ली में एक प्राइवेट फैक्टरी में नौकरी करता है। दयाराम अपनी पत्नी और पूरे परिवार के साथ दिल्ली में ही रहता था। 13 नवंबर को परिवार में एक शादी में शामिल होने आया था। 20 नवंबर को पूरे परिवार को वापस जाना था, लेकिन पारिवारिक करीबी दिग्विजय की शादी में जाने के लिए वह लोग रुक गए। दयाराम दूसरे वाहन पर सवार था, जबकि सीमा और उसका पुत्र शौर्य बोलेरो में सवार थे। घटना में सीमा की माैत हो गई और शौर्य गंभीर हालत में लखनऊ ट्रामा सेंटर में भर्ती है। दयाराम बार बार चिल्ला रहा था कि दिल्ली चले जाते तो शायद सीमा बच जाती।
दिन में होनी थी शादी की बात, रात में ही हो गई मौत
कुरसठ कस्बे के गौरीनगर निवासी शुभम अपनी ही बोलेरो किराए पर चलाता था। शुभम के पिता जसवंत खेती करते हैं। दाे भाई बहनों में शुभम बड़ा और अविवाहित था। सोमवार को उसकी शादी तय होनी थी। बातचीत पहले से ही चल रही थी। शादी की बात अंतिम चरण में होने के कारण परिजन उत्साहित थे, लेकिन सोमवार को तड़के तीन बजे ही हादसे में उसकी मौत होने से परिजन आहत हैं।
चालक के नींद में आने और तेज रफ्तार बनी घटना की वजह
उपसंभागीय परिवहन अधिकारी संजीव सिंह ने घटनास्थल पर जाकर निरीक्षण किया। उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट में उन्होंने लिखा है कि दुर्घटना का कारण चालक का नींद में आ जाना और अत्यधिक गति से वाहन चलाना प्रतीत होता है। जिस बस से दुर्घटना हुई है वह अस्थाई परमिट लेकर बरात में गई थी। बोलेरो के मालिक और चालक शुभम वर्मा की घटना में मौत हुई है। बस का मालिक उन्नाव जनपद के गंज मुरादाबाद बड़ी बाजार निवासी सिप्तैन हैदर है।
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जिद कर बरात में गई थी रामलली, वापस न आ पाई
हादसे में जान गंवाने वाली रामलली दूल्हे की चचेरी बुआ थीं। दूल्हे के भाई रचित के मुताबिक बारात घर से निकल चुकी थी, लेकिन रामलली घर पर ही रह गई। बाद में वह बरात जाने की जिद पर अड़ गईं। इस पर गांव के बाहर से एक बोलेरो को वापस गांव भेजा गया और फिर उन्हें लेकर बरात में शामिल कराया गया। वापसी के समय भी उन्हें दूसरी बोलेरो में बैठाया गया था, लेकिन मोहल्ले की परिचित महिलाओं के साथ बैठने के चक्कर में उन्होंने वाहन बदल लिया। वही वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रामलली के पति अनिल पटेल इलाके के प्रमुख व्यापारी हैं। परिवार में दो पुत्री और एक पुत्र है।
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थम गईं ढोलक की थापें, सूना दिखा दिग्विजय के घर में मंडप
दिग्विजय की बरात निकलने के बाद परिवार की महिलाएं घर पर ढोलक की थाप पर मंगलगीत गा रही थीं। उधर बरात में भावरों की तैयारियां चल रही थीं। दोनों ही तरफ उत्सव और उल्लास का माहौल था। तड़के लगभग साढ़े तीन बजे दुर्घटना की खबर मिली। दिग्विजय के घर पर ढोलक की थाप बंद हो गई और चीख पुकार मच गई। जिसने भी सुना वह अलग अलग वाहनों से घटनास्थल की तरफ भागा। ऐसे में दिग्विजय के घर पर वैवाहिक रस्मों के लिए लगा मंडप सूना हो गया।
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सीमा देवी का पति दयाराम दिल्ली में एक प्राइवेट फैक्टरी में नौकरी करता है। दयाराम अपनी पत्नी और पूरे परिवार के साथ दिल्ली में ही रहता था। 13 नवंबर को परिवार में एक शादी में शामिल होने आया था। 20 नवंबर को पूरे परिवार को वापस जाना था, लेकिन पारिवारिक करीबी दिग्विजय की शादी में जाने के लिए वह लोग रुक गए। दयाराम दूसरे वाहन पर सवार था, जबकि सीमा और उसका पुत्र शौर्य बोलेरो में सवार थे। घटना में सीमा की माैत हो गई और शौर्य गंभीर हालत में लखनऊ ट्रामा सेंटर में भर्ती है। दयाराम बार बार चिल्ला रहा था कि दिल्ली चले जाते तो शायद सीमा बच जाती।
दिन में होनी थी शादी की बात, रात में ही हो गई मौत
कुरसठ कस्बे के गौरीनगर निवासी शुभम अपनी ही बोलेरो किराए पर चलाता था। शुभम के पिता जसवंत खेती करते हैं। दाे भाई बहनों में शुभम बड़ा और अविवाहित था। सोमवार को उसकी शादी तय होनी थी। बातचीत पहले से ही चल रही थी। शादी की बात अंतिम चरण में होने के कारण परिजन उत्साहित थे, लेकिन सोमवार को तड़के तीन बजे ही हादसे में उसकी मौत होने से परिजन आहत हैं।
चालक के नींद में आने और तेज रफ्तार बनी घटना की वजह
उपसंभागीय परिवहन अधिकारी संजीव सिंह ने घटनास्थल पर जाकर निरीक्षण किया। उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट में उन्होंने लिखा है कि दुर्घटना का कारण चालक का नींद में आ जाना और अत्यधिक गति से वाहन चलाना प्रतीत होता है। जिस बस से दुर्घटना हुई है वह अस्थाई परमिट लेकर बरात में गई थी। बोलेरो के मालिक और चालक शुभम वर्मा की घटना में मौत हुई है। बस का मालिक उन्नाव जनपद के गंज मुरादाबाद बड़ी बाजार निवासी सिप्तैन हैदर है।