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Hardoi News: साहब ! हम जिंदा हैं, खतौनी और राजस्व अभिलेखों में जीवित करा दीजिए

Fri, 04 Oct 2024 10:58 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 04 Oct 2024 10:58 PM IST
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Sir ! We are alive, bring us back to life in Khatauni and revenue records.
हरदोई। साहब! हम जिंदा हैं, खतौनी और राजस्व अभिलेखों में जीवित करा दीजिए। जनसुनवाई के दौरान पर्ची और शिकायती पत्र लेकर पहुंचे किसान के मुंह से यह वाक्य सुनकर डीएम भी हतप्रभ रह गए। किसान ने बताया कि मां की मौत के बाद क्षेत्रीय लेखपाल ने उनको राजस्व अभिलेखों में मरा दर्शाकर वरासत में नाम ही शामिल नहीं किया। अन्य दो भाइयों के नाम ही जमीन की वरासत दर्ज कर दी है।
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जिंदा को मरा दर्शाने के मामले में त्वरित कार्रवाई और एफआईआर होने से कागज पर मृत दर्शाए गए लोगों को जिंदा होने की उम्मीद जाग गई है। शुक्रवार को कलक्ट्रेट में डीएम एमपी सिंह जनसुनवाई कर रहे थे। दोपहर करीब 12 बजे फरियादियों की भीड़ में तहसील शाहाबाद के गुजीदेई निवासी सुखलाल भी शिकायती पत्र और पर्ची लेकर पहुंचे। डीएम ने शिकायती पत्र लेने के बाद सुखलाल से अपनी पीड़ा बताने को कहा। इस पर सुखलाल ने कहा कि साहब! हम जिंदा हैं, खतौनी और राजस्व अभिलेखों में जीवित कराकर मां की जमीन में हक दिला दीजिए।
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यह सुनकर डीएम अवाक रह गए और शिकायती पत्र के साथ लगी खतौनी को देखा तो खतौनी में सुखलाल का नाम नहीं था, जबकि इनकी मां रामदेवी पत्नी कुंवर की मौत के बाद इनके छोटे भाई रामकिशोर और रामनिवास के नाम दर्ज थे। डीएम ने किसान को जल्द ही दोषी पर कार्रवाई और हक दिलाने के प्रति आश्वस्त किया। शाहाबाद एसडीएम दीक्षा जोशी से वर्चुअल बात की। पूरे मामले की जांच कर दोषी पर कार्रवाई सहित रिपोर्ट मांगी है।
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