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श्रीराम का राज तिलक कर सौंपी राजगद्दी
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Fri, 20 Feb 2015 12:16 AM IST
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ऐतिहासिक राम लीला में गुरुवार को श्रीराम का राज
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तिलक कर राजगद्दी सौंपने की लीला का मंचन किया गया। वृंदावन धाम से आए
कलाकारों ने बड़े ही वास्तविक ढंग से लीलाओं का अभिनय का लोगों को सजीवता
के दर्शन कराए, जिसमें कलाकारों ने लोगों को प्रभावित किया।
मेला श्रीराम लीला कमेटी के तत्वावधान में आयोजित रामलीला में मथुरा के वृंदावन से आए कलाकारों ने बड़ा ही सधा हुआ मंचन किया। मंचन में कलाकारों ने रावण वध के उपरांत श्रीराम के अयोध्या लौटने तथा अयोध्या में खुशी के उत्सव को मनाने की लीला का मंचन किया।
जिसके साथ ही कलाकारों की वेशभूषा और उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए सामयिक दृश्यों के चित्रण ने दर्शकों को प्रभावित कर दिया। कथा व्यास विष्णु कुमार दत्तात्रेय ने कथा का सारगर्भित वर्णन कर लोगों को सारांश समझाया, जिसके बाद कलाकारों ने मंचन किया।
मंचन में कलाकारों ने दिखाया कि अयोध्या आने पर श्रीराम, सीता जी तथा लक्ष्मण और सभी वानर सेना का जोरदार स्वागत हुआ। चारों ओर खुशियों के रूप में घी के दिए जलाए गए। कलाकारों ने मंचन को आगे बढ़ाते हुए राजगद्दी व राज तिलक की लीला का अभिनय किया।
मंचन में श्रीराम का राजतिलक वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच किया गया। जिसके साथ ही श्रीराम के जयकारे भी लगाए गए। वहीं इसके साथ ही आयोजक राम प्रकाश शुक्ला, संयोजक कृष्ण अवतार दीक्षित व राकेश गुप्ता ने आरती उतारी। इस दौरान काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
मेला श्रीराम लीला कमेटी के तत्वावधान में आयोजित रामलीला में मथुरा के वृंदावन से आए कलाकारों ने बड़ा ही सधा हुआ मंचन किया। मंचन में कलाकारों ने रावण वध के उपरांत श्रीराम के अयोध्या लौटने तथा अयोध्या में खुशी के उत्सव को मनाने की लीला का मंचन किया।
जिसके साथ ही कलाकारों की वेशभूषा और उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए सामयिक दृश्यों के चित्रण ने दर्शकों को प्रभावित कर दिया। कथा व्यास विष्णु कुमार दत्तात्रेय ने कथा का सारगर्भित वर्णन कर लोगों को सारांश समझाया, जिसके बाद कलाकारों ने मंचन किया।
मंचन में कलाकारों ने दिखाया कि अयोध्या आने पर श्रीराम, सीता जी तथा लक्ष्मण और सभी वानर सेना का जोरदार स्वागत हुआ। चारों ओर खुशियों के रूप में घी के दिए जलाए गए। कलाकारों ने मंचन को आगे बढ़ाते हुए राजगद्दी व राज तिलक की लीला का अभिनय किया।
मंचन में श्रीराम का राजतिलक वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच किया गया। जिसके साथ ही श्रीराम के जयकारे भी लगाए गए। वहीं इसके साथ ही आयोजक राम प्रकाश शुक्ला, संयोजक कृष्ण अवतार दीक्षित व राकेश गुप्ता ने आरती उतारी। इस दौरान काफी संख्या में लोग मौजूद थे।