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Hardoi News: शिक्षकों की कमी बन रही परीक्षा की तैयारी में बाधा
Wed, 06 Mar 2024 11:23 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Wed, 06 Mar 2024 11:23 PM IST
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हरदोई। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षा की तैयारी पर असर पड़ रहा है। असल में परिषदीय शिक्षकों की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में लगी होने से समस्या आ रही है। परिषदीय विद्यालयाें की वार्षिक परीक्षाएं 16 मार्च से शुरू होनी हैं।
जिले में 3446 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें चार लाख से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इन विद्यालयों में 10 हजार शिक्षक तैनात हैं। वर्तमान में यूपी बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। इससे 39 सौ शिक्षकों को परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक के रूप में लगाया गया है।
बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी करने के कारण शिक्षक विद्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं विभाग की ओर से 16 मार्च से परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षा का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। 22 फरवरी से परिषदीय शिक्षकों के स्कूल न जाने से शिक्षण कार्य पर असर पड़ा है।
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विद्यालयों में कहीं एक तो कहीं शिक्षा मित्र ही रह गए हैं। इससे विद्यार्थियों का अभ्यास नहीं हो पा रहा है। विद्यालयों में शिक्षण कार्य बाधित होने का असर परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की परीक्षा पर पड़ेगा। इस संबंध में बीएसए विजय प्रताप सिंह का कहना है कि बोर्ड परीक्षा भी विभागीय कार्य है। इसलिए शिक्षकों को परीक्षा केंद्रों पर लगाया गया है।
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जिले में 3446 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें चार लाख से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इन विद्यालयों में 10 हजार शिक्षक तैनात हैं। वर्तमान में यूपी बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। इससे 39 सौ शिक्षकों को परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक के रूप में लगाया गया है।
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बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी करने के कारण शिक्षक विद्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं विभाग की ओर से 16 मार्च से परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षा का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। 22 फरवरी से परिषदीय शिक्षकों के स्कूल न जाने से शिक्षण कार्य पर असर पड़ा है।
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विद्यालयों में कहीं एक तो कहीं शिक्षा मित्र ही रह गए हैं। इससे विद्यार्थियों का अभ्यास नहीं हो पा रहा है। विद्यालयों में शिक्षण कार्य बाधित होने का असर परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की परीक्षा पर पड़ेगा। इस संबंध में बीएसए विजय प्रताप सिंह का कहना है कि बोर्ड परीक्षा भी विभागीय कार्य है। इसलिए शिक्षकों को परीक्षा केंद्रों पर लगाया गया है।