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हरदोई: गांव में छाया मातम, बधाई के स्थान पर सांत्वना दे रहे लोग

Sat, 18 Feb 2023 10:21 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 18 Feb 2023 10:21 PM IST
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Shadow mourning in the village, people giving consolation in place of congratulations
हरपालपुर। थाना क्षेत्र के कुड़ा गांव में शुक्रवार की शाम जहां ढोल नगाड़े बज रहे थे वहीं, देर रात की घटना के बार रुदन और सिसकियां सुनाई दे रही है। परिवार को बधाई देने वाले लोग अब उन्हें सांत्वना दे रहे है। घटना ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है।
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बारात के विदा होने के बाद देवेश के घर में खुशी का महौल था कि सुबह घर में नई बहू का स्वागत किया जाएगा। उसके लिए महिलाएं तैयारी कर रही थी। रात में महिला संगीत आदि के लिए भी तैयारी चल रही थी। इसी बीच रात में दस बजे हादसे की सूचना पहुंचते ही परिवार में गीत-संगीत की जगह रोना- पीटना शुरू हो गया। घटना की जानकारी गांव में फैलते ही लोग देवेश के घर जमा होने लगे और बारात में जाने वाले अपनों की कुशलता जानने में लग गए। घटना में देवेश के चाचा जगत पाल, फूफा राजेश और चचेरा भाई अंकित फर्रुखाबाद में जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहे हैं। उनके परिवार के सदस्य उनकी जीवन की प्रार्थना कर रहे हैं। परिवार के सदस्य हर पाल अपनों की खबर ले रहे हैं।
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पति व पुत्र की मौत से बदहवास हुई पुष्पा
हादसे में पुष्पा को तो संसार ही उजड़ गया। सिंदुुर के साथ, बेटा देवेश भी चला गया। उसका रो- रोकर बुरा हाल था। जिस बेटे को सेहरा सजा कर भेजा था, उसकी मौत ने उसे तोड़ कर रख दिया। घटना में देवेश की बुआ कमला के परिवार को भी ग्रहण लग गया। कमला के बेटा अतुल और दामाद विपनेश की मौत हो गई। वहीं उसका पति राजेश जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। कमला और उसकी बेटी सविता का रो- रोकर बेहाल हो रही थी। सविता की दो साल पूर्व ही विपनेश के साथ शादी हुई थी। वह भाई अतुल और पति विपनेश मौत से बदहवास हो रही थी। वहीं, देवेश के मकान से सौ मीटर की दूरी पर चालक सुमित का घर है। सुमित की ही कार थी। वह फर्रुखाबाद के ददुआ सिंह महाविद्यालय में बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र था। उसके दो भाई व एक बहन है। उसकी मां नीलम का रो-रोकर हाल बेहाल है। वह बार- बार बेटे का नाम लेकर बेहोश हो रही थी।
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उखाड़ कर फेंका मंडप
हादसे में पांच लोगों की मौत की सूचना सुनकर परिवार की महिलाओं का सब्र जवाब दे गया। उन लोगों ने घर में लगे मंडप को उखाड़ कर फेंक दिया। हर कोई शादी के निशान को मिटना चाहता था।
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