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Hardoi News: हिचकोले खाते तय होता सात किमी. का सफर
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हरदोई। हरदोई-बिलग्राम, माधौगंज व मल्लावां आदि स्थानों पर जाने और आने वाले लोगों को इन मार्गों के गहरे गड्ढों के कारण दूसरे रास्ते का विकल्प तलाश करना पड़ रहा है।
सेमरा चौराहे से आगे करीब सात किलोमीटर लंबाई में हुए गड्ढों के कारण राहगीरों को ही नहीं वाहनों को भी नुकसान पहुंच रहा है। लोग लखनऊ रोड और सांडी रोड से होकर बिलग्राम होते हुए माधौगंज, मल्लावां का सफर तय कर रहे हैं।
बिलरायां-पनवारी मार्ग को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने ले लिया है, इससे पीडब्ल्यूडी का इस मार्ग से कोई लेना-देना नहीं रह गया है। पीडब्ल्यूडी अब इस मार्ग की मरम्मत भी नहीं कराता है। एनएचएआई की ओर से भी इस मार्ग को लावारिश सा छोड़ दिया गया है।
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इससे इस मार्ग पर शहर से निकलने के बाद सेमरा चौराहे के आगे करीब सात किलोमीटर लंबाई में बिलग्राम तहसील कार्यालय तक मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
कई स्थानों पर तो पूरा का पूरा मार्ग ही गड्ढों में बदल गया है। पूरा मार्ग कट जाने और बरसात में होने वाले जलभराव के कारण वाहन चालकों को गड्ढे की गहराई का अंदाजा ही नहीं लग पाता है।
इससे कई बार गहराई में जाने से वाहन क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। मार्ग के गड्ढों में जलभराव के कारण फुटपाथ भी दलदल में बदल गए हैं और कीचड़ व दलदली भूमि होने से दो और चार पहिया वाहन तक इस पर नहीं निकाले जा पा रहे हैं।
सात किलोमीटर लंबाई के सफर को तय करने में वाहन चालक और वाहन पर बैठने वालों को समय लगने के साथ ही लगने वाले झटकों के कारण दर्द भी मिल रहा है। बिलग्राम मार्ग के गड्ढे संज्ञान में हैं। मार्ग को दुरुस्त कराने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को पत्र लिखा गया है। कहा गया है कि इन गड्ढों से लोगों को आवागमन में हो रही दिक्कतों और हादसों की आशंका रहती है। गड्ढों के कारण होने वाले हादसों के लिए एनएचएआई के अधिकारियों की ही जिम्मेदारी तय की जाएगी। -मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी
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सेमरा चौराहे से आगे करीब सात किलोमीटर लंबाई में हुए गड्ढों के कारण राहगीरों को ही नहीं वाहनों को भी नुकसान पहुंच रहा है। लोग लखनऊ रोड और सांडी रोड से होकर बिलग्राम होते हुए माधौगंज, मल्लावां का सफर तय कर रहे हैं।
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बिलरायां-पनवारी मार्ग को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने ले लिया है, इससे पीडब्ल्यूडी का इस मार्ग से कोई लेना-देना नहीं रह गया है। पीडब्ल्यूडी अब इस मार्ग की मरम्मत भी नहीं कराता है। एनएचएआई की ओर से भी इस मार्ग को लावारिश सा छोड़ दिया गया है।
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इससे इस मार्ग पर शहर से निकलने के बाद सेमरा चौराहे के आगे करीब सात किलोमीटर लंबाई में बिलग्राम तहसील कार्यालय तक मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
कई स्थानों पर तो पूरा का पूरा मार्ग ही गड्ढों में बदल गया है। पूरा मार्ग कट जाने और बरसात में होने वाले जलभराव के कारण वाहन चालकों को गड्ढे की गहराई का अंदाजा ही नहीं लग पाता है।
इससे कई बार गहराई में जाने से वाहन क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। मार्ग के गड्ढों में जलभराव के कारण फुटपाथ भी दलदल में बदल गए हैं और कीचड़ व दलदली भूमि होने से दो और चार पहिया वाहन तक इस पर नहीं निकाले जा पा रहे हैं।
सात किलोमीटर लंबाई के सफर को तय करने में वाहन चालक और वाहन पर बैठने वालों को समय लगने के साथ ही लगने वाले झटकों के कारण दर्द भी मिल रहा है। बिलग्राम मार्ग के गड्ढे संज्ञान में हैं। मार्ग को दुरुस्त कराने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को पत्र लिखा गया है। कहा गया है कि इन गड्ढों से लोगों को आवागमन में हो रही दिक्कतों और हादसों की आशंका रहती है। गड्ढों के कारण होने वाले हादसों के लिए एनएचएआई के अधिकारियों की ही जिम्मेदारी तय की जाएगी। -मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी