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Hardoi News: महंगी हुईं सेनेटरी व टाइल, आशियाना सजाना पड़ रहा महंगा
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हरदोई। घर निर्माण और आंतरिक सज्जा में इस्तेमाल होने वाली सेनेटरी सामग्री व टाइल की कीमतों में बढ़ोतरी से आम लोगों का बजट बिगड़ गया है। टाइल, कमोड, वॉश बेसिन, नल, शॉवर और अन्य सेनेटरी उत्पादों के दाम बढ़ने से लोगों ने अब खरीदारी कम कर दी है। नया घर बना रहे लोगों को पहले की तुलना में हजारों रुपये अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं। ग्राहकों की संख्या कम होने से कारोबारियों की बिक्री भी प्रभावित हुई है।
पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी होने से कच्चे माल की आवक और सामग्री की ढुलाई महंगी हो गई है। इस वजह से टाइल, सेनेटरी पर दाम डेढ़ गुना तक बढ़ गए हैं। इसका सीधा असर उत्पादों की कीमतों पर पड़ा है। दाम बढ़ने के बाद फर्श पर लगाने वाली टाइल की पेटी 520 रुपये की जगह 650 में मिल रही है। इस प्रकार से नल, पाइप, वॉश बेसिन, कमोड जैसी चीजों के रेट भी बढ़ गए हैं।
ग्राहक सुनील वर्मा ने बताया कि दो माह पहले जो टाइल 35 रुपये प्रति वर्ग फुट थी अब 42 रुपये की मिल रही है। बाथरूम फिटिंग का सामान भी 2000 से 3000 रुपये तक महंगा हो गया है। मकान का बजट 1.5 लाख तक बढ़ गया। व्यापारियों का कहना है कि बीते ढाई महीनों में कंपनियों ने कई बार कीमतों में बढ़ोतरी की। परिवहन लागत और कच्चे माल की बढ़ी कीमतों का असर सीधे उत्पादों पर पड़ा है। पहले जहां ग्राहक पूरे घर के टाइल और प्रीमियम सेनेटरी सामान खरीदते थे वहीं अब लोग सस्ते विकल्प तलाश रहे हैं या खरीदारी टाल रहे हैं।
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शहर के मोहल्ला नुमाइश चौराहा निवासी इमरान हुसैन ने बताया कि घर की फिनिशिंग का बजट पहले से करीब 20 से 25 प्रतिशत बढ़ गया है। काम तो करवा रहे हैं लेकिन मजबूरी में कुछ काम छोड़ भी दिया है।
व्यापारी आशीष कुमार गुप्ता ने बताया कि कंपनियों की ओर से दाम पहले ही बढ़ाए जा रहे थे। अब पेट्रोल-डीजल पर दाम बढ़ने के बाद पहले जो माल तीन रुपये किलो के हिसाब से मोरबी गुजरात से आता था वह अब चार से साढ़े चार रुपये में बदायूं आ रहा है। व्यापारी के अनुसार, टाइल बनाने की सारी फैक्ट्रियां मोरबी गुजरात में स्थित हैं। टाइल बनाने के लिए कच्चा माल राजस्थान से आता है। इस कारण परिवहन भाड़ा बढ़ने के बाद कंपनी की ओर से रेट बढ़ा दिए गए हैं।
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पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी होने से कच्चे माल की आवक और सामग्री की ढुलाई महंगी हो गई है। इस वजह से टाइल, सेनेटरी पर दाम डेढ़ गुना तक बढ़ गए हैं। इसका सीधा असर उत्पादों की कीमतों पर पड़ा है। दाम बढ़ने के बाद फर्श पर लगाने वाली टाइल की पेटी 520 रुपये की जगह 650 में मिल रही है। इस प्रकार से नल, पाइप, वॉश बेसिन, कमोड जैसी चीजों के रेट भी बढ़ गए हैं।
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ग्राहक सुनील वर्मा ने बताया कि दो माह पहले जो टाइल 35 रुपये प्रति वर्ग फुट थी अब 42 रुपये की मिल रही है। बाथरूम फिटिंग का सामान भी 2000 से 3000 रुपये तक महंगा हो गया है। मकान का बजट 1.5 लाख तक बढ़ गया। व्यापारियों का कहना है कि बीते ढाई महीनों में कंपनियों ने कई बार कीमतों में बढ़ोतरी की। परिवहन लागत और कच्चे माल की बढ़ी कीमतों का असर सीधे उत्पादों पर पड़ा है। पहले जहां ग्राहक पूरे घर के टाइल और प्रीमियम सेनेटरी सामान खरीदते थे वहीं अब लोग सस्ते विकल्प तलाश रहे हैं या खरीदारी टाल रहे हैं।
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शहर के मोहल्ला नुमाइश चौराहा निवासी इमरान हुसैन ने बताया कि घर की फिनिशिंग का बजट पहले से करीब 20 से 25 प्रतिशत बढ़ गया है। काम तो करवा रहे हैं लेकिन मजबूरी में कुछ काम छोड़ भी दिया है।
व्यापारी आशीष कुमार गुप्ता ने बताया कि कंपनियों की ओर से दाम पहले ही बढ़ाए जा रहे थे। अब पेट्रोल-डीजल पर दाम बढ़ने के बाद पहले जो माल तीन रुपये किलो के हिसाब से मोरबी गुजरात से आता था वह अब चार से साढ़े चार रुपये में बदायूं आ रहा है। व्यापारी के अनुसार, टाइल बनाने की सारी फैक्ट्रियां मोरबी गुजरात में स्थित हैं। टाइल बनाने के लिए कच्चा माल राजस्थान से आता है। इस कारण परिवहन भाड़ा बढ़ने के बाद कंपनी की ओर से रेट बढ़ा दिए गए हैं।