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दस साल बाद घर लौटा फरार चल रहा सजायफ्ता, मौत
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फरार सजायाफ्ता की घर में मौत
सांडी। हत्या के मामले में फरार चल रहे सजायाफ्ता की घर पर मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि वह गुरुग्राम में मजदूरी कर रहा था।
सांडी थाना क्षेत्र के ग्राम दतेली निवासी राजेश्वर मिश्रा (73), उसका बेटा अनुज, गांव का दीपू, पिहानी के भेरिया निवासी संतोष व सांडी के गुर्रा गांव निवासी कमलेश वर्ष 2008 में शहर कोतवाली क्षेत्र में हुई एक हत्या के मामले में आरोपी थे। लगभग दस वर्ष पूर्व मुकदमे की सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों की जमानत हो गई थी। इसके बाद से सभी बाहर ही थे।
वर्ष 2011-12 में कोर्ट ने मुकदमे की सुनवाई पूरी कर सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। राजेश्वर मिश्रा फरार चल रहा था। काफी तलाश के बाद भी उसका पता न चलने पर कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने उसके घर की कुर्की भी कर दी थी। शनिवार सुबह लगभग चार बजे राजेश्वर मिश्रा दस साल बाद घर पहुंचा। घर पहुंचने के कुछ ही देर अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन अस्पताल ले जाते तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। एसओ बालकृष्ण मिश्रा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
परिजनों ने बताया कि राजेश्वर के साढू जुनकू निवासी ग्राम अखनापुर शहर कोतवाली की वर्ष 2008 में हत्या हो गई थी। जिसमें जुनकू के परिजनों द्वारा राजेश्वर के साथ ही उसके बेटे अनुज, गांव के दीपू, भेरिया पिहानी निवासी संतोष व सांडी के गुर्रा निवासी कमलेश को हत्यारोपी बनाया गया था। राजेश्वर गुरुग्राम में मजदूरी करके जीवन काट रहा था।
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सांडी। हत्या के मामले में फरार चल रहे सजायाफ्ता की घर पर मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि वह गुरुग्राम में मजदूरी कर रहा था।
सांडी थाना क्षेत्र के ग्राम दतेली निवासी राजेश्वर मिश्रा (73), उसका बेटा अनुज, गांव का दीपू, पिहानी के भेरिया निवासी संतोष व सांडी के गुर्रा गांव निवासी कमलेश वर्ष 2008 में शहर कोतवाली क्षेत्र में हुई एक हत्या के मामले में आरोपी थे। लगभग दस वर्ष पूर्व मुकदमे की सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों की जमानत हो गई थी। इसके बाद से सभी बाहर ही थे।
वर्ष 2011-12 में कोर्ट ने मुकदमे की सुनवाई पूरी कर सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। राजेश्वर मिश्रा फरार चल रहा था। काफी तलाश के बाद भी उसका पता न चलने पर कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने उसके घर की कुर्की भी कर दी थी। शनिवार सुबह लगभग चार बजे राजेश्वर मिश्रा दस साल बाद घर पहुंचा। घर पहुंचने के कुछ ही देर अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन अस्पताल ले जाते तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। एसओ बालकृष्ण मिश्रा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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परिजनों ने बताया कि राजेश्वर के साढू जुनकू निवासी ग्राम अखनापुर शहर कोतवाली की वर्ष 2008 में हत्या हो गई थी। जिसमें जुनकू के परिजनों द्वारा राजेश्वर के साथ ही उसके बेटे अनुज, गांव के दीपू, भेरिया पिहानी निवासी संतोष व सांडी के गुर्रा निवासी कमलेश को हत्यारोपी बनाया गया था। राजेश्वर गुरुग्राम में मजदूरी करके जीवन काट रहा था।
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