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34 साल बाद चार को सात साल की सजा
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हरदोई। लगभग 34 वर्ष पुराने अंग-भंग(हाथ कटने में) के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय संजीव कुमार सिंह ने तीन सगे भाइयों समेत चार को दोषी ठहराया है। चारों को सात वर्ष की कैद और दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कौशल किशोर त्रिपाठी ने बताया कि पाली थानाक्षेत्र के ग्राम बाबरपुर निवासी राम सुशील ने 23 दिसंबर 1987 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा था कि चुनावी रंजिश में गांव निवासी तीन भाइयों नारायण स्वरूप, देव स्वरूप और ब्रह्मस्वरूप उर्फ छोटे लल्ला ने मुन्नूलाल के साथ मिलकर उन पर फायरिंग की थी। जिसमें राम सुशील और वहीं खड़े देव कुमार को गोली लगी थी।
घटना के बाद राम सुशील का एक हाथ कोहनी के नीचे से काटना पड़ा था। अंग-भंग की धारा 326 आईपीसी के तहत आरोपियों को दोषी पाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय संजीव कुमार सिंह ने सात वर्ष की सजा सुनाई है और जुर्माने की आधी रकम राम सुशील को देने का आदेश भी दिया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मामले की सुनवाई धारा 307 के तहत हुई थी, लेकिन 326 के तहत आरोपी दोषी पाए गए हैं।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कौशल किशोर त्रिपाठी ने बताया कि पाली थानाक्षेत्र के ग्राम बाबरपुर निवासी राम सुशील ने 23 दिसंबर 1987 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा था कि चुनावी रंजिश में गांव निवासी तीन भाइयों नारायण स्वरूप, देव स्वरूप और ब्रह्मस्वरूप उर्फ छोटे लल्ला ने मुन्नूलाल के साथ मिलकर उन पर फायरिंग की थी। जिसमें राम सुशील और वहीं खड़े देव कुमार को गोली लगी थी।
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घटना के बाद राम सुशील का एक हाथ कोहनी के नीचे से काटना पड़ा था। अंग-भंग की धारा 326 आईपीसी के तहत आरोपियों को दोषी पाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय संजीव कुमार सिंह ने सात वर्ष की सजा सुनाई है और जुर्माने की आधी रकम राम सुशील को देने का आदेश भी दिया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मामले की सुनवाई धारा 307 के तहत हुई थी, लेकिन 326 के तहत आरोपी दोषी पाए गए हैं।
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