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Hardoi News: नवीन विकसित कालोनियों में प्रयोग हुई ग्रामीण क्षेत्र की बिजली सामग्री
Mon, 25 Dec 2023 11:58 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Mon, 25 Dec 2023 11:58 PM IST
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हरदोई। राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना व अन्य सरकारी योजनाओं की सामग्री का प्रयोग शहर के आसपास विकसित नई कालोनियों में किया गया। बिजली विभाग की टीम काफी मात्रा में सामग्री बरामद कर चुकी है और छह मुकदमे भी दर्ज हो चुके हैं। ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में अभी तक सिर्फ 85 गांवों की ही जांच पूरी हुई है। अभी 691 गांवों की जांच होनी बाकी है, जिससे गबन की धनराशि काफी बढ़ सकती है।
जिले में वर्ष 2005-06 में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत 776 गांव में काम कराया गया था। नोएडा की रिलायंस एनर्जी लिमिटेड ने इन गांवों में काम किया था। विद्युतीकरण के दौरान हुई गड़बड़ी की जांच विजिलेंस टीम कर रही थी। विजिलेंस टीम ने 85 गांवों की जांच पूरी करने के बाद तीन एसडीओ सहित छह लोगों के खिलाफ लखनऊ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें 1,31,52,888 रुपये का गोलमाल पकड़ा था। टीम को निर्धारित संख्या से कम सामग्री लगी मिली थी, जबकि भुगतान पूरा किया गया था।
सरकारी योजनाओं की सामग्री का प्रयोग शहरी क्षेत्र के आसपास विकसित कालोनी में विभागीय मदद से होता रहा। इसकी जांच शुरू की गई तो विभागीय टीम ने कई कालोनियों में सरकारी सामग्री लगी पाई। विभाग ने यह सामग्री जब्त ली थी और छह मामले दर्ज कराए थे। इनकी जांच अभी भी चल रही है। इस प्रकरण में तकनीकी समिति और विभागीय विजिलेंस टीम जांच कर रही है। नवविकसित कॉलोनी में सामग्री मिलने के मामले में दो एक्सईएन, तीन एसडीओ व तीन अवर अभियंता जांच के दायरे में हैं। इनको जनपद से हटाया जा चुका है। राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में गोलमाल का मामला प्रकाश में आने पर अब कालोनी में किए गए कामों की जांच भी तेज होंगी और कई अधिकारी इसकी चपेट में आएंगे।
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इनसेट-- -
दोनों प्रकरण के आपस में जुड़ रहे हैं तार
नवविकसित कालोनी में बरामद सामग्री और राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तार आपस में जुड़ रहे हैं। विभागीय मिली भगत से सरकारी योजनाओं की सामग्री का प्रयोग प्रापर्टी डीलर से सांठगांठ कर नवविकसित कालोनी में किया जा रहा है।
अभी 691 गांव की जांच होनी बाकी है। जिले में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत 776 गांव का विद्युतीकरण कराया गया है। विजिलेंस अभी 85 गांव की जांच पूरी कर सकी है। शेष गांव की जांच होनी बाकी है। जांच अगर सही से हुई, तो गबन की धनराशि अरबों में पहुंच जाएगी और कई अधिकारी और चपेट में आ जाएंगे।
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जिले में वर्ष 2005-06 में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत 776 गांव में काम कराया गया था। नोएडा की रिलायंस एनर्जी लिमिटेड ने इन गांवों में काम किया था। विद्युतीकरण के दौरान हुई गड़बड़ी की जांच विजिलेंस टीम कर रही थी। विजिलेंस टीम ने 85 गांवों की जांच पूरी करने के बाद तीन एसडीओ सहित छह लोगों के खिलाफ लखनऊ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें 1,31,52,888 रुपये का गोलमाल पकड़ा था। टीम को निर्धारित संख्या से कम सामग्री लगी मिली थी, जबकि भुगतान पूरा किया गया था।
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सरकारी योजनाओं की सामग्री का प्रयोग शहरी क्षेत्र के आसपास विकसित कालोनी में विभागीय मदद से होता रहा। इसकी जांच शुरू की गई तो विभागीय टीम ने कई कालोनियों में सरकारी सामग्री लगी पाई। विभाग ने यह सामग्री जब्त ली थी और छह मामले दर्ज कराए थे। इनकी जांच अभी भी चल रही है। इस प्रकरण में तकनीकी समिति और विभागीय विजिलेंस टीम जांच कर रही है। नवविकसित कॉलोनी में सामग्री मिलने के मामले में दो एक्सईएन, तीन एसडीओ व तीन अवर अभियंता जांच के दायरे में हैं। इनको जनपद से हटाया जा चुका है। राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में गोलमाल का मामला प्रकाश में आने पर अब कालोनी में किए गए कामों की जांच भी तेज होंगी और कई अधिकारी इसकी चपेट में आएंगे।
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दोनों प्रकरण के आपस में जुड़ रहे हैं तार
नवविकसित कालोनी में बरामद सामग्री और राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तार आपस में जुड़ रहे हैं। विभागीय मिली भगत से सरकारी योजनाओं की सामग्री का प्रयोग प्रापर्टी डीलर से सांठगांठ कर नवविकसित कालोनी में किया जा रहा है।
अभी 691 गांव की जांच होनी बाकी है। जिले में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत 776 गांव का विद्युतीकरण कराया गया है। विजिलेंस अभी 85 गांव की जांच पूरी कर सकी है। शेष गांव की जांच होनी बाकी है। जांच अगर सही से हुई, तो गबन की धनराशि अरबों में पहुंच जाएगी और कई अधिकारी और चपेट में आ जाएंगे।