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Hardoi News: वंदन योजना में नियमों की अनदेखी, ईओ पर कार्रवाई की संस्तुति
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हरदोई। नगरीय निकायों में संचालित वंदन योजना में नियमों की अनदेखी और शासकीय राशि को खपाए जाने का मामला सामने आया है। नगरीय निकाय निदेशालय और डीएम की अनुमति के बिना ही 52 लाख रुपये के काम की एक सप्ताह के लिए निविदा निकालकर काम भी शुरु करा दिया गया।
नगरीय निकायों में वंदन योजना में कराए जाने के लिए शासन की ओर से राशि स्वीकृति दी जा रही है। राशि को डीएम के निवर्तन पर खर्च किए जाने की व्यवस्था दी गई है। वंदन योजना में नगर पालिका परिषद बिलग्राम में कराए जाने वाले कार्य की प्रक्रिया में ही प्रथम दृष्टय गड़बड़ी की पुष्टि हुई। डीएम ने पाया कि 28 फरवरी को शासन से जारी आदेश में नगर पालिका परिषद बिलग्राम में स्थित बाबा मंशानाथ में वंदन योजना में काम कराया जाना है। नगर पालिका परिषद के जिम्मेदारों ने इसमें नियमों का पालन नहीं किया है। निविदा जारी कर एक सप्ताह में 52 लाख के काम को शुरु करा दिया गया। शासनादेश की अनदेखी करते हुए काम कराए जाने पर डीएम ने नाराजगी भी जारी की है। ईओ शशि प्रभा चौधरी को प्रारंभिक जांच में दोषी पाया गया है।
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वित्तीय अनियमितता व नियमों की अनदेखी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी। नगर पालिका परिषद बिलग्राम में वंदन योजना में 52 लाख रुपये शासन से स्वीकृति हुए थे। मेरे निवर्तन पर इस राशि से काम कराया जाना था लेकिन, अधिशासी अधिकारी ने निदेशालय, मुझसे अनुमति लिए बिना ही एक सप्ताह की अवधि की निविदा प्रकाशित कराते हुए काम भी शुरु करा दिया। 52 लाख रुपये खपाए जाने का प्रयास किया गया है। इस मामले की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी
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नगरीय निकायों में वंदन योजना में कराए जाने के लिए शासन की ओर से राशि स्वीकृति दी जा रही है। राशि को डीएम के निवर्तन पर खर्च किए जाने की व्यवस्था दी गई है। वंदन योजना में नगर पालिका परिषद बिलग्राम में कराए जाने वाले कार्य की प्रक्रिया में ही प्रथम दृष्टय गड़बड़ी की पुष्टि हुई। डीएम ने पाया कि 28 फरवरी को शासन से जारी आदेश में नगर पालिका परिषद बिलग्राम में स्थित बाबा मंशानाथ में वंदन योजना में काम कराया जाना है। नगर पालिका परिषद के जिम्मेदारों ने इसमें नियमों का पालन नहीं किया है। निविदा जारी कर एक सप्ताह में 52 लाख के काम को शुरु करा दिया गया। शासनादेश की अनदेखी करते हुए काम कराए जाने पर डीएम ने नाराजगी भी जारी की है। ईओ शशि प्रभा चौधरी को प्रारंभिक जांच में दोषी पाया गया है।
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वित्तीय अनियमितता व नियमों की अनदेखी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी। नगर पालिका परिषद बिलग्राम में वंदन योजना में 52 लाख रुपये शासन से स्वीकृति हुए थे। मेरे निवर्तन पर इस राशि से काम कराया जाना था लेकिन, अधिशासी अधिकारी ने निदेशालय, मुझसे अनुमति लिए बिना ही एक सप्ताह की अवधि की निविदा प्रकाशित कराते हुए काम भी शुरु करा दिया। 52 लाख रुपये खपाए जाने का प्रयास किया गया है। इस मामले की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी