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Hardoi News: इकलौते बेटे की मौत के बाद परिजनों का अस्पताल में हंगामा
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। लखनऊ रोड पर स्थित सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में बुखार पीड़ित बालक की उपचार के दौरान मंगलवार शाम मौत हाे गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। चिकित्सक की सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर परिजनों को शांत किया। इसके बाद परिजन शव लेकर घर चले गए।
टड़ियावां थाना क्षेत्र के शंकरपुर निवासी नारेंद्र का इकलौता पुत्र अंशुल (8) पिछले तीन दिन से बुखार से पीड़ित था। राहत न मिलने पर मंगलवार को उसके मामा सुनील ने उसे सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया था। सुनील के मुताबिक अस्पताल में भर्ती करने के बाद अंशुल को ड्रिप लगा दी गई।
इसके कुछ देर बाद अंशुल कांपने लगा। इस पर सुनील व अन्य परिजनों ने अस्पताल में मौजूद स्टॉफ को बताया। आरोप है कि कोई भी चिकित्सक व अन्य स्टॉफ अंशुल को देखने नहीं आया। कुछ देर बाद अंशुल का शरीर ठंडा पड़ गया और उसकी मौत हो गई।
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इकलौते बेटे की मौत होने से गमजदा परिजन आक्रोशित हो गए। इन लोगों ने सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में हंगामा करना शुरू कर दिया। पहले तो अस्पताल प्रशासन ने इन लोगों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन हंगामा होता रहा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। देहात कोतवाली पुलिस और यूपी 112 की टीम मौके पर पहुंची। पूरी घटना की जानकारी लेने के बाद परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कर दिया गया।
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हरदोई। लखनऊ रोड पर स्थित सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में बुखार पीड़ित बालक की उपचार के दौरान मंगलवार शाम मौत हाे गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। चिकित्सक की सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर परिजनों को शांत किया। इसके बाद परिजन शव लेकर घर चले गए।
टड़ियावां थाना क्षेत्र के शंकरपुर निवासी नारेंद्र का इकलौता पुत्र अंशुल (8) पिछले तीन दिन से बुखार से पीड़ित था। राहत न मिलने पर मंगलवार को उसके मामा सुनील ने उसे सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया था। सुनील के मुताबिक अस्पताल में भर्ती करने के बाद अंशुल को ड्रिप लगा दी गई।
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इसके कुछ देर बाद अंशुल कांपने लगा। इस पर सुनील व अन्य परिजनों ने अस्पताल में मौजूद स्टॉफ को बताया। आरोप है कि कोई भी चिकित्सक व अन्य स्टॉफ अंशुल को देखने नहीं आया। कुछ देर बाद अंशुल का शरीर ठंडा पड़ गया और उसकी मौत हो गई।
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इकलौते बेटे की मौत होने से गमजदा परिजन आक्रोशित हो गए। इन लोगों ने सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में हंगामा करना शुरू कर दिया। पहले तो अस्पताल प्रशासन ने इन लोगों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन हंगामा होता रहा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। देहात कोतवाली पुलिस और यूपी 112 की टीम मौके पर पहुंची। पूरी घटना की जानकारी लेने के बाद परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कर दिया गया।