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शहर की सड़क है, सड़क में गड्ढे हैं, गड्ढा मुक्त अभियान है...
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-शहर के नघेटा रोड पर खुल जाती है गड्ढा मुक्त मार्ग अभियान की पोल। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। मार्गों को गड्ढा मुक्त करने के अभियान को लेकर सरकार और विभिन्न विभाग भले ही बड़े-बड़े दावे करें, लेकिन इनकी हकीकत किसी से छिपी नहीं है। आंकड़ों में सब कुछ दुरुस्त रखने की कवायद जरूर की जा रही है, लेकिन गांव छोड़िए, शहर तक के प्रमुख मार्गों के गड्ढे अभी नहीं भरे जा सके हैं। प्रदेश भर में मार्गों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान जोर शोर से 16 सितंबर से उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशन में शुरू हुआ था और 15 नवंबर तक सभी मार्गों को गड्ढा मुक्त किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। एक सप्ताह ही बाकी है, लेकिन अभियान का असर फिलहाल नजर नहीं आ रहा।
यह तस्वीर मौनी बाबा मंदिर के निकट अस्पताल तिराहे की है। तस्वीर देखकर एकबारगी लगता है कि गड्ढा मुक्त अभियान परवान चढ़ रहा है, लेकिन सच्चाई यह है कि गड्ढे भरने के नाम पर एक सप्ताह पहले इसमें सूखी गिट्टी भर दी गई थी। लोगों को इंतजार था कि इसमें तारकोल डाला जाएगा और रोलर चलेगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। अब तो गिट्टी भी इधर उधर हो गई और लोग इसमें फंसकर परेशान हो रहे हैं।
शहर की नघेटा रोड नगर पालिका के अधीन है। इस मार्ग पर कई प्रमुख विद्यालय, चिकित्सालय, होटल हैं और बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। सड़क की हालत गड्ढा मुक्त मार्ग अभियान की वास्तविकता बताने के लिए काफी है। सड़क में इस कदर गड्ढे हैं कि पानी इसमें भर जाता है और दुर्घटना का सबब बनता है। शहर से यह मार्ग कहीं दूर नहीं है, लेकिन बड़ी बात यह है कि जब शहर के मार्ग ही गड्ढा मुक्त नहीं हो पाए, तो फिर अन्य संपर्क मार्गों की तो बात करना ही बेईमानी है।
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सांडी चुंगी से बिलग्राम चुंगी के रास्ते लखनऊ चुंगी जाने वाली सड़क को सरकुलर रोड कहते हैं। लोक निर्माण विभाग के खंड एक के अधीन यह सड़क आती है। जिस विभाग के मुखिया ने मार्गों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान शुरू किया, वही विभाग शहर के ही मार्गों को गड्ढा मुक्त नहीं कर पाया है। इस सड़क पर इस कदर गड्ढे हैं कि हर रोज लोग यहां गिरकर चुटहिल होते हैं।
विकास के दावे तो नित नए किए जाते हैं लेकिन आम लोगों को चलने के लिए सही रोड तक नसीब नहीं है। ऐसे दावे जनता को अब नहीं चाहिए।
- सूरज निवासी सरकुलर रोड
जमीनी हकीकत में जमीन ही गायब है। यानी रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे और बिन मौसम गड्ढों में भरा पानी। शहर में कई चौराहों पर गड्ढे हैं लेकिन उस तरफ जिम्मेदारों का ध्यान नहीं जा पा रहा। - मोहम्मद खालिद निवासी मोमिनाबाद
आखिर बड़ी-बड़ी योजनाओं व अभियानों का सिर्फ प्रचार-प्रसार ही क्यों किया जाता है, उन पर कार्य क्यों नहीं किया जाता। गड्ढा मुक्त अभियान को लेकर रोड पर काम के नाम पर कहीं कुछ हुआ तो कहीं मिट्टी डाल दी गई तो कहीं गिट्टी। - मन्नापुरवा निवासी ललितेश
गड्ढायुक्त सड़कों पर यदि कहीं दुर्घटना होती है तो संबंधित विभाग को जिम्मेदार ठहराना चाहिए और उसको आर्थिक सहायता देनी चाहिए। गृहकर , वाटर टैक्स से लेकर अन्य टैक्स चुकाने वाली पब्लिक को एक सही रोड भी नसीब नहीं है।- आशुतोष सिंह, निवासी गंगानगर
कुछ सड़कें अभी दुरुस्त की जानी हैं : ईओ
ईओ रविशंकर शुक्ल का कहना है कि कुछ सड़कों पर पैचवर्क पूरा किया जा चुका है। जिन सड़कों का काम अभी बाकी है, उनको भी शीघ्र पूरा करवाया जाएगा। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों की सड़कें पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आती हैं। यहां गड्ढों को विभाग को ही सही करवाना है।
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यह तस्वीर मौनी बाबा मंदिर के निकट अस्पताल तिराहे की है। तस्वीर देखकर एकबारगी लगता है कि गड्ढा मुक्त अभियान परवान चढ़ रहा है, लेकिन सच्चाई यह है कि गड्ढे भरने के नाम पर एक सप्ताह पहले इसमें सूखी गिट्टी भर दी गई थी। लोगों को इंतजार था कि इसमें तारकोल डाला जाएगा और रोलर चलेगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। अब तो गिट्टी भी इधर उधर हो गई और लोग इसमें फंसकर परेशान हो रहे हैं।
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शहर की नघेटा रोड नगर पालिका के अधीन है। इस मार्ग पर कई प्रमुख विद्यालय, चिकित्सालय, होटल हैं और बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। सड़क की हालत गड्ढा मुक्त मार्ग अभियान की वास्तविकता बताने के लिए काफी है। सड़क में इस कदर गड्ढे हैं कि पानी इसमें भर जाता है और दुर्घटना का सबब बनता है। शहर से यह मार्ग कहीं दूर नहीं है, लेकिन बड़ी बात यह है कि जब शहर के मार्ग ही गड्ढा मुक्त नहीं हो पाए, तो फिर अन्य संपर्क मार्गों की तो बात करना ही बेईमानी है।
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सांडी चुंगी से बिलग्राम चुंगी के रास्ते लखनऊ चुंगी जाने वाली सड़क को सरकुलर रोड कहते हैं। लोक निर्माण विभाग के खंड एक के अधीन यह सड़क आती है। जिस विभाग के मुखिया ने मार्गों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान शुरू किया, वही विभाग शहर के ही मार्गों को गड्ढा मुक्त नहीं कर पाया है। इस सड़क पर इस कदर गड्ढे हैं कि हर रोज लोग यहां गिरकर चुटहिल होते हैं।
विकास के दावे तो नित नए किए जाते हैं लेकिन आम लोगों को चलने के लिए सही रोड तक नसीब नहीं है। ऐसे दावे जनता को अब नहीं चाहिए।
- सूरज निवासी सरकुलर रोड
जमीनी हकीकत में जमीन ही गायब है। यानी रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे और बिन मौसम गड्ढों में भरा पानी। शहर में कई चौराहों पर गड्ढे हैं लेकिन उस तरफ जिम्मेदारों का ध्यान नहीं जा पा रहा। - मोहम्मद खालिद निवासी मोमिनाबाद
आखिर बड़ी-बड़ी योजनाओं व अभियानों का सिर्फ प्रचार-प्रसार ही क्यों किया जाता है, उन पर कार्य क्यों नहीं किया जाता। गड्ढा मुक्त अभियान को लेकर रोड पर काम के नाम पर कहीं कुछ हुआ तो कहीं मिट्टी डाल दी गई तो कहीं गिट्टी। - मन्नापुरवा निवासी ललितेश
गड्ढायुक्त सड़कों पर यदि कहीं दुर्घटना होती है तो संबंधित विभाग को जिम्मेदार ठहराना चाहिए और उसको आर्थिक सहायता देनी चाहिए। गृहकर , वाटर टैक्स से लेकर अन्य टैक्स चुकाने वाली पब्लिक को एक सही रोड भी नसीब नहीं है।- आशुतोष सिंह, निवासी गंगानगर
कुछ सड़कें अभी दुरुस्त की जानी हैं : ईओ
ईओ रविशंकर शुक्ल का कहना है कि कुछ सड़कों पर पैचवर्क पूरा किया जा चुका है। जिन सड़कों का काम अभी बाकी है, उनको भी शीघ्र पूरा करवाया जाएगा। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों की सड़कें पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आती हैं। यहां गड्ढों को विभाग को ही सही करवाना है।