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Hardoi News: बुखार, सर्दी और जुकाम के साथ टाइफाइड के बढ़े मरीज
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फोटो-10- मेडिकल कॉलेज के दवा काउंटर पर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
हरदोई। आसमान में बादलों की आवाजाही और कुछ ही पलों में तेज धूप से उमस भरी भीषण गर्मी लोगों का जीना मुहाल कर रही है। मौसम में लगातार उतार चढ़ाव के कारण खांसी, जुकाम और वायरल बुखार के साथ टाइफाइड के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन चार सौ से ज्यादा बीमार उपचार कराने पहुंच रहे हैं। चिकित्सक ने रोगियों को टाइफाइड से बचाव के लिए स्वच्छ जल पीने की सलाह दी है।
स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध जिला अस्पताल में बुखार, खांसी व जुकाम के मरीज आ रहे हैं। इमरजेंसी में रोजाना करीब 25 मरीज वायरल फीवर से परेशान होने पर भर्ती किए जा रहे हैं। साथ ही जनरल मेडिसिन विभाग में रोजाना 400 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। बुधवार को ओपीडी में करीब 2345 मरीजों के पर्चे बनाए गए। इसमें 435 मरीजों को मेडिसिन विभाग में परामर्श दिया गया। बच्चों से लेकर बड़े और बुजुर्ग सभी बुखार, जुकाम और खांसी की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। विभागाध्यक्ष विकास चंद्रा ने बताया कि मौसम में उतार चढ़ाव है और लोग गर्मी से आकर ठंडा पानी पीते हैं। आइसक्रीम और पेय पदार्थों का भी सेवन भी किया जा रहा है। इस कारण से रोगी बढ़े हैं। टाइफाइड होने की प्रमुख वजह दूषित खानपान है। टाइफाइड बुखार जलजनित बीमारी हैं। गर्मियों में इसका प्रकोप अधिक बढ़ जाता है।
साढ़े तीन सौ हो रहीं जांचे
ओपीडी में मरीज बढ़ने के कारण सेंट्रल लैब में भी जांचें बढ़ गई हैं। रोजाना 250 से 300 मरीजों की जांच की जा रही है। बुधवार को भी 253 मरीजों की जांच की गई। इसमें से 125 से अधिक मरीजों की जांच भी हुई। सेंट्रल लैब में रोजाना कराई जा रही जांचों में टायफाइड के तमाम मरीज सामने आ रहे हैं।
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उबले पानी का सेवन करें
डॉ. विकास चंद्रा ने बताया कि उमस बढ़ने व मच्छरों के प्रकोप से वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। सर्दी जुकाम व बुखार से पीड़ित मरीज पानी उबालकर छानकर प्रयोग करें। अपने आसपास सफाई रखें, पानी जमा न होने दें। धूप से आकर तुंरत शीतल पेय पदार्थ व आइसक्रीम का प्रयोग न करें। रात में मच्छरदानी का प्रयोग करें। दवाएं भी चिकित्सक की सलाह से खांए।
टाइफाइड के लक्षण
टाइफाइड में मरीज को तेज बुखार आता है, जो 103 डिग्री से 104 डिग्री तक बढ़ सकता है। टाइफाइड का बुखार करीब एक सप्ताह तक बना रहता है। मरीज को बुखार आने के साथ ही पेट दर्द, भूख नहीं लगना, सिरदर्द होना, शरीर के कई हिस्सों में दर्द होना, दस्त लगना आदि लक्षण होते हैं।
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स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध जिला अस्पताल में बुखार, खांसी व जुकाम के मरीज आ रहे हैं। इमरजेंसी में रोजाना करीब 25 मरीज वायरल फीवर से परेशान होने पर भर्ती किए जा रहे हैं। साथ ही जनरल मेडिसिन विभाग में रोजाना 400 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। बुधवार को ओपीडी में करीब 2345 मरीजों के पर्चे बनाए गए। इसमें 435 मरीजों को मेडिसिन विभाग में परामर्श दिया गया। बच्चों से लेकर बड़े और बुजुर्ग सभी बुखार, जुकाम और खांसी की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। विभागाध्यक्ष विकास चंद्रा ने बताया कि मौसम में उतार चढ़ाव है और लोग गर्मी से आकर ठंडा पानी पीते हैं। आइसक्रीम और पेय पदार्थों का भी सेवन भी किया जा रहा है। इस कारण से रोगी बढ़े हैं। टाइफाइड होने की प्रमुख वजह दूषित खानपान है। टाइफाइड बुखार जलजनित बीमारी हैं। गर्मियों में इसका प्रकोप अधिक बढ़ जाता है।
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साढ़े तीन सौ हो रहीं जांचे
ओपीडी में मरीज बढ़ने के कारण सेंट्रल लैब में भी जांचें बढ़ गई हैं। रोजाना 250 से 300 मरीजों की जांच की जा रही है। बुधवार को भी 253 मरीजों की जांच की गई। इसमें से 125 से अधिक मरीजों की जांच भी हुई। सेंट्रल लैब में रोजाना कराई जा रही जांचों में टायफाइड के तमाम मरीज सामने आ रहे हैं।
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उबले पानी का सेवन करें
डॉ. विकास चंद्रा ने बताया कि उमस बढ़ने व मच्छरों के प्रकोप से वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। सर्दी जुकाम व बुखार से पीड़ित मरीज पानी उबालकर छानकर प्रयोग करें। अपने आसपास सफाई रखें, पानी जमा न होने दें। धूप से आकर तुंरत शीतल पेय पदार्थ व आइसक्रीम का प्रयोग न करें। रात में मच्छरदानी का प्रयोग करें। दवाएं भी चिकित्सक की सलाह से खांए।
टाइफाइड के लक्षण
टाइफाइड में मरीज को तेज बुखार आता है, जो 103 डिग्री से 104 डिग्री तक बढ़ सकता है। टाइफाइड का बुखार करीब एक सप्ताह तक बना रहता है। मरीज को बुखार आने के साथ ही पेट दर्द, भूख नहीं लगना, सिरदर्द होना, शरीर के कई हिस्सों में दर्द होना, दस्त लगना आदि लक्षण होते हैं।