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सरकारी विभागों पर ही बिजली का लाखों रुपया बाकी
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Thu, 19 Mar 2015 12:21 AM IST
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राजस्व वसूली को लेकर बिजली विभाग का चाबुुक आम उपभोक्ताओं पर ही चलता है जबकि लाखों के बकाएदार बिजली विभाग की कार्रवाई की जद में नहीं आते हैं। आलम यह है कि जिले के सरकारी विभागों पर 9.29 करोड़ की बकाएदारी चल रही है।
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इसमें विद्युत वितरण खंड प्रथम के अंतर्गत आने वाले विभागों पर करीब 1.46 करोड़, नगर पालिका पर (वाटर वर्क्स व स्ट्रीट लाइट) करीब 3.26 लाख के अलावा विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अंतर्गत आने वाले विभागाें पर 2.80 करोड़ व नगर पंचायतों पर (वाटर वर्क्स तथा स्ट्रीट लाइट) करीब पांच करोड़ का बकाया चल रहा है।
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और तो और सरकारी बड़े बकाएदारों में जिलाधिकारी और एसपी समेत तमाम बड़े अधिकारियों के कार्यालय भी शामिल हैं। इन विभागों से वसूली में बिजली अधिकारियों के पसीने छूटते हैं। इससे विभाग की माली हालत भी नहीं सुधर रही है।
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प्रतिमाह विभागों के राजस्व की समीक्षा करने वाले जिलाधिकारी कम राजस्व पर भले ही विभागीय अधिकारियों को वसूली बढ़ाने की नसीहत देते हैं लेकिन उनके कार्यालय पर स्वयं ही लाखों रुपपये के बिजली बिल की बकाएदारी है। जिलाधिकारी कार्यालय व प्रशासन पर 5.91 लाख रुपये की बकाएदारी है।
जिले के पुलिस विभाग पर भी लाखों की बकाएदारी है। इसमें विद्युत वितरण खंड प्रथम के अंतर्गत आने वाले थाने और कोतवाली पर करीब 29.72 लाख रुपया बकाया है जबकि एसपी कार्यालय और शहर तथा संडीला के थाने और कोतवाली पर कुल 4.52 लाख रुपये की बकाएदारी है।
जिले का स्वास्थ्य महकमा भी बिजली विभाग का बहुत बड़ा कर्जदार है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी से लेकर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और जिला अस्पताल पर विद्युुत बिल अदा न करने से 68.41 लाख रुपये की बकाएदारी है। जिला मुख्यालय पर स्थित अस्पताल और कार्यालयों का विद्युत बकाया अदा नहीं किया गया। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों व कस्बों में स्थापित अस्पताल व सामुदायिक केंद्रों पर भी करीब 18.08 लाख रुपये की बकाएदारी है।
जिले के शिक्षा विभाग में भले ही प्रतिदिन लाखों रुपये का लेन-देन होता हो लेकिन बिजली विभाग का बकाया बिल अदा करने में शिक्षा विभाग भी बहुत पीछे है। विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अंतर्गत सदर और संडीला तहसील में स्थित बीएसए, डीआईओएस कार्यालयों व स्कूलों पर कुल 21 लाख रुपये की बकाएदारी है। इसी प्रकार विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अंतर्गत विकासखंडों में स्थित ब्लाक संसाधन केंद्र और स्कूलों पर करीब 42.54 लाख रुपया अदा नहीं किया गया है।
सरकारी कार्यालयों के साथ ही वाटर वर्क्स और स्ट्रीट लाइट पर व्यय होने वाली बिजली का बिल भी अदा नहीं किया गया है। गौरतलब हो कि वाटर वर्क्स और स्ट्रीट लाइट पर व्यय बिजली का बिल शासन की ओर से विद्युत विभाग के खाते में भेजा जाता है। सूत्रों केे अनुसार शासन ने वर्ष 2013 से स्ट्रीट लाइट व वाटर वर्क्स का बकाया अदा नहीं किया है। इससे धनराशि में इजाफा हुआ है।